Sunday, August 30, 2020

पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने कहा- धोनी पहले की तरह मैच फिनिश नहीं कर पा रहे थे, इसी वजह से उन्होंने रिटायरमेंट लिया August 29, 2020 at 09:29PM

टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी पहले की तरह मैच फिनिश नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला किया। उनकी फिटनेस और टी-20 वर्ल्ड कप का एक साल के लिए टलना भी उनकी रिटायरमेंट की बड़ी वजह बना। इस गेंदबाज ने एक क्रिकेट वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में यह बातें कहीं।

सिंह ने आगे कहा कि बेशक वह टी-20 के बड़े खिलाड़ी रहे हैं। वह बड़े टूर्नामेंट में खेलने का इंतजार करना चाहते थे। लेकिन बढ़ती उम्र और खुद को हमेशा मैच फिट रखने की चुनौती के कारण उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहना का फैसला लिया। अगर आईपीएल को छोड़ दें, तो पिछले 12-15 महीनों में वनडे में उन्हें बल्लेबाजी करने का ज्यादा मौका नहीं मिला।

धोनी वर्ल्ड कप में 4 नंबर पर बल्लेबाजी करना चाहते थे: आरपी सिंह

इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने कहा कि वे पिछले साल इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप में चार नंबर पर बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन टीम मैनजमेंट की वजह से ऐसा नहीं हो पाया और उन्हें लोअर ऑर्डर में खेलना पड़ा। उन्हें सेमीफाइनल मैच तक, तो बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला। वह पहले की तरह मैच फिनिश नहीं कर पा रहे थे। शायद इस बात ने भी उनको इशारा दिया था कि अब उनका करियर ढलान की ओर है और उन्हें अपने भविष्य के बारे में फैसला करना होगा।

धोनी रणनीति बनाने में माहिर थे

उन्होंने कहा कि धोनी विरोधी टीम के खिलाफ रणनीति बनाने में माहिर थे। वे विरोधी टीम की हर चाल को भांप कर उनसे एक कदम आगे की सोचते थे। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2007 टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में मोहम्मद हफीज को आउट करने का उदाहरण दिया। आरपी ने कहा कि धोनी ने जानबूझकर थर्ड और फोर्थ स्लिप के बीच में एक फील्डर लगाया था। तब मैंने उनसे कहा था कि फील्डर्स की पोजीशन ठीक नहीं है, तो उन्होंने कहा कि हफीज की थर्ड और फोर्थ स्लिप के बीच में खेलने की आदत है। इसलिए यहां फील्डर लगाया है। वह हमेशा दूर की सोचते थे।

15 अगस्त को धोनी ने रिटायरमेंट की थी घोषणा
धोनी ने 15 अगस्त को इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था। धोनी ने 350 वनडे खेले। उन्होंने आखिरी वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में खेला था। इस मैच में उन्होंने 72 गेंदों में 50 रन बनाए थे। हालांकि, वह भारत को फाइनल में नहीं पहुंचा सके थे।



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महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी वनडे पिछले साल हुए वर्ल्ड कप में खेला था। तब न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए सेमीफाइनल में उन्होंने 50 रन की पारी खेली थी। -फाइल

होटल रूम में ऋषभ पंत कर रहे हैं इंटेन्स वर्कआउट, वीडियो वायरल August 29, 2020 at 09:39PM

नोवाक जोकोविच ने 35वां मास्टर्स खिताब जीता, राफेल नडाल का रेकॉर्ड बराबर August 29, 2020 at 09:09PM

न्यूयॉर्क अमेरिकी ओपन की आदर्श तैयारी करते हुए सर्बियाई खिलाड़ी () ने शनिवार को में मिलोस राओनिच के खिलाफ धीमी शुरुआत के बाद 1-6, 6-3, 6-4 से जीत के साथ खिताब अपने नाम किया। यह जोकोविच का मास्टर्स 1000 टूर्नमेंट में 35वां खिताब है, जिससे वह राफेल नडाल के रेकॉर्ड के बराबर पहुंच गए। जोकोविच सोमवार से शुरू होने वाले अमेरिकी ओपन ग्रैंडस्लैम टूर्नमेंट में प्रबल दावेदार होंगे और शीर्ष वरीय होंगे। वहीं विक्टोरिया अजारेंका ने 2016 के बाद अपना पहला टूर खिताब अपने नाम किया क्योंकि नाओमी ओसाका को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण महिला फाइनल से हटना पड़ा।

'सुरेश रैना को सता रहा था कोविड- 19 का डर, इसलिए IPL से लौटे' August 29, 2020 at 08:06PM

नई दिल्ली (CSK) के स्टार बल्लेबाज () ने इस बार आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया है। टीम के साथ यूएई पहुंचे रैना शनिवार को भारत वापस लौट आए। चेन्नै सुपरकिंग्स (CSK) ने भी इसकी जानकारी टि्वटर पर साझा की है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि रैना इसलिए आईपीएल छोड़कर लौट आए हैं क्योंकि पठानकोट में उनके रिश्तेदारों पर डकैतों हमला कर दिया था, जिसमें उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई। लेकिन हमारे सहयोगी 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को सूत्रों से जानकारी मिली है कि CSK की टीम में जब सीएसके के कैंप में 2 खिलाड़ियों समेत कुल 10 लोग कोविड- 19 (Covid- 19) की चपेट में आ गए तो रैना पर इसका डर इतना हावी हो गया कि उन्होंने टूर्नमेंट छोड़कर जाना ही सही समझा। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'जब बीते 3 दिन में 2 खिलाड़ियों समेत 10 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो रैना को अपनी सुरक्षा के लिए यह ठीक नहीं लगा। वह अपने परिवार से दूर इन मुश्किल हालात में नहीं बने रहना चाहते थे।' IPL में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में नंबर 2 खिलाड़ी रैना इस बात से चिंतित थे कि बायो सिक्यॉर में रहने के बावजूद उनके साथी खिलाड़ी सपॉर्टिंग स्टाफ कोविड का शिकार हो रहे हैं। चेन्नै की टीम 21 अगस्त को दुबई पहुंची थी और यहां बीसीसीआई के प्रोटोकॉल के मुताबिक टीम के सभी खिलाड़ी 6 दिन के लिए क्वारंटीन थे। लेकिन दीपक चाहर और ऋतुराज गायकवाड़ समेत सपॉर्टिंग स्टाफ को मिलाकर कुल 10 लोगों की कोरोना जांच पॉजिटिव आई। सूत्रों ने बताया, 'इसके बाद से ही रैना बेहद चिंतित थे। उन्होंने कोच स्टीवन फ्लेमिंग, कैप्टन एमएस धोनी समेत टीम के साथी खिलाड़ियों को कॉल कर अपनी चिंताएं बताने की कोशिश की। धोनी ने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन रैना इस डर से खुद को बाहर नहीं निकाल पा रहे थे। इसके बाद सभी ने यह महसूस किया कि इस मनोदशा में उन्हें यहां रखना सही नहीं है क्योंकि इस डर में जकड़े हुए हैं और वह घर जाना चाहते हैं। रैना ने टीम मैनेजमेंट को बताया कि वह बायो सिक्यॉर बबल में ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे और वह खुद को शांत नहीं रख पा रहे थे।