Friday, August 28, 2020

आयरिश बल्लेबाज केविन ओ ब्रायन ने ऐसा छक्का लगाया कि अपनी ही कार का शीशा तोड़ा, कहा- अगली बार दूर खड़ी करूंगा August 27, 2020 at 09:52PM

आयरलैंड के बल्लेबाज केविन ओ ब्रायन लंबे सिक्स लगाने के लिए मशहूर हैं। लेकिन इसी काबिलियत से उनका नुकसान हो गया। डबलिन में इंटर-प्रोविंशियल टी-20 ट्रॉफी के एक मैच में उन्होंने ऐसा सिक्स लगाया कि उनकी ही कार का शीशा टूट गया।

यह पहला मौका नहीं है, जब उनके शॉट से उनकी ही कार को नुकसान पहुंचा। कुछ महीने पहले भी इसी मैदान पर टीम के ट्रेनिंग सेशन के दौरान उनके शॉट की वजह से कार के दरवाजे पर डेंट लग गया था।

ब्रायन वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज

ब्रायन की पहचान आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर है। वे वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 2011 में भारत में हुए वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में केवल 50 गेंद पर शतक पूरा किया था। आउट होने से पहले उन्होंने 63 गेंद पर 113 रन बनाए थे। इस पारी में उन्होंने 13 चौके और 6 छक्के लगाए थे। उनकी इस पारी की बदौलत ही आयरलैंड ने इंग्लैंड को हराया था।

ब्रायन ने घरेलू टी-20 मैच में 82 रन की पारी खेली

केविन डबलिन के पेम्बोक क्रिकेट क्लब में गुरुवार को इंटर प्रोवेंशियल टी-20 क्रिकेट लीग का मैच खेल रहे थे। मैच लीस्टर लाइटनिंग और नॉर्थ वेस्ट वॉरियर्स के बीच खेला जा रहा था। बारिश के कारण सिर्फ 12 ओवर का ही मैच हुआ। इसमें लीस्टर लाइटनिंग की ओर से खेलते हुए ब्रायन ने 37 गेंद पर 82 रन बनाए। उन्होंने पचास रन 25 गेंदों पर पूरे किए। इस दौरान उन्होंने 8 छक्के और तीन चौके लगाए। उनकी इस पारी की बदौलत टीम डकवर्थ लुइस नियम से मैच 24 रन से जीत गई।

क्रिकेट आयरलैंड ने भी ब्रायन की कार की तस्वीर शेयर की

बदकिस्मती से 82 रन की पारी के दौरान ब्रायन ने एक छक्का ऐसा लगाया कि गेंद सीधे पार्किंग में खड़ी उनकी कार के शीशे पर जा लगी और वो चकनाचूर हो गया। क्रिकेट आयरलैंड ने भी इसकी एक तस्वीर शेयर की है। इसमें ब्रायन अपनी कार के पास खड़े नजर आ रहे हैं। इसमें कार का शीशा टूटा नजर आ रहा है।

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इसके बाद वे खुद कार चलाकर गैराज गए और वहां नया शीशा लगवाया। इसके बाद उन्होंने कहा कि अगली बार से मैं कार दूर खड़ी करूंगा।



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केविन ओ ब्रायन मैच खत्म करने के बाद अपनी कार में नया शीशा लगवाने के लिए शोरूम पहुंचे।

पूर्व क्रिकेटर ने बताया जेम्स एंडरसन की कामयाबी के पीछे क्या है राज August 27, 2020 at 09:32PM

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन हाल में 600 विकेट क्लब में शामिल होने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज बने। 38 वर्षीय एंडरसन की निगाहें अब 700 क्लब में शामिल होने की हैं। जानें एंडरसन की बोलिंग में ऐसा क्या खास है, जो टेस्ट क्रिकेट के करीब 150 साल (146 साल) के इतिहास में इस मुकाम को हासिल करने वाले वह दुनिया के पहले तेज गेंदबाज बने।

टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट का मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन की सफलता की कहानी के पीछे कई आयाम छिपे हैं। यहां देखें- इस तेज गेंदबाज की सफलता के पीछे क्या है राज...


'जेम्स एंडरसन का स्मूद ऐक्शन है उनकी कामयाबी का असली राज'

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन हाल में 600 विकेट क्लब में शामिल होने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज बने। 38 वर्षीय एंडरसन की निगाहें अब 700 क्लब में शामिल होने की हैं। जानें एंडरसन की बोलिंग में ऐसा क्या खास है, जो टेस्ट क्रिकेट के करीब 150 साल (146 साल) के इतिहास में इस मुकाम को हासिल करने वाले वह दुनिया के पहले तेज गेंदबाज बने।



एंडरसन की कामयाबी पर पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट एक्सपर्ट की राय
एंडरसन की कामयाबी पर पूर्व क्रिकेटर और क्रिकेट एक्सपर्ट की राय


स्मूद ऐक्शन बनाता है कारगर
स्मूद ऐक्शन बनाता है कारगर

वासन कहते हैं, 'आप एंडरसन के स्मूद बोलिंग ऐक्शन को देखिए, एक दशक पहले उन्होंने इसमें कुछ जरूरी परिवर्तन किया था। इस बदलाव से उन्हें अधिक उम्र तक खेलने में मदद मिल रही है।'



ऐक्शन में है क्या खास
ऐक्शन में है क्या खास

एंडरसन अपने रनअप पर स्मूद दौड़ लगाते हैं और उनका जंप भी ऊंचा नहीं है और लैंडिंग भी परफैक्ट है। उनका ऐक्शन ऐसा शानदार है, जैसा बताया जाता है। इससे उनके शरीर पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं बनता, जो उनके लंबा खेलने में सहायक है।



सिर्फ एक फॉर्मेट में खेल रहे हैं एंडरसन
सिर्फ एक फॉर्मेट में खेल रहे हैं एंडरसन

इस इंग्लिश तेज गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट में खुद को स्थापित करने के बारे में बहुत पहले ही अपनी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया था। खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के लिए एंडरसन ने 5 साल पहले ही वनडे क्रिकेट छोड़ सिर्फ टेस्ट में फोकस शुरू कर दिया था और 10 साल पहले ही वह टी20 क्रिकेट छोड़ चुके थे।



किसी भी लीग क्रिकेट में नहीं खेलते एंडरसन
किसी भी लीग क्रिकेट में नहीं खेलते एंडरसन

इन दिनों दुनिया भर क्रिकेटर पैसा कमाने के मकसद से दुनिया भर में खेली जा रहीं विभिन्न टी20 लीग में हिस्सा लेते हैं। इंटरनैशनल क्रिकेट के साथ-साथ लीग क्रिकेट खेलने से पैसा तो जरूर मिलता है लेकिन शरीर को उसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। इससे चोटों और फिटनेस से जुड़े मसले सामने आते हैं। एंडरसन कभी भी किसी लीग क्रिकेट में भी नहीं खेले।



मुरलीधरण के 800 और सचिन के 100 शतक जितना महान काम है
मुरलीधरण के 800 और सचिन के 100 शतक जितना महान काम है

वासन कहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में एंडरसन के 600 विकेट, महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरण के 800 टेस्ट विकेट या सचिन तेंडुलकर के 100 इंटरनैशनल शतक के रेकॉर्ड के बराबर का कारनामा है। इसे हासिल करने में बड़ा त्याग छिपा है। एक फास्ट बोलर 17 साल क्रिकेट खेलते हुए 156 टेस्ट मैच में शिरकत करे यह बड़ी बात है।



टेस्ट के इन खास क्लब में पहुंचने वाले पहले तेज गेंदबाज
टेस्ट के इन खास क्लब में पहुंचने वाले पहले तेज गेंदबाज

टेस्ट क्रिकेट में फास्ट बोलर के लिहाज से बात करें तो यहां 100 विकेट, 200 विकेट, 300.. और 600 विकेट के 6 एलीट क्लब बन गए हैं। इन क्लबों में सबसे पहले पहुंचे ये गेंदबाज।



ये हैं जेम्स एंडरसन की विकेट्स के खास अचीवमेंट्स
ये हैं जेम्स एंडरसन की विकेट्स के खास अचीवमेंट्स

600 विकेट लेने वाले इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने इस क्लब में पहुंचने के लिए इन खिलाड़ियों को बनाया अपनी खास अचीवमेंट का शिकार।



पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल ने कहा- धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान, 50 साल के क्रिकेट इतिहास में वे सबसे प्रेरणादायक लीडर August 27, 2020 at 08:46PM

टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ग्रेग चैपल ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हुए भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ की। चैपल ने कहा कि धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान हैं। 50 साल के क्रिकेट इतिहास में वे सबसे प्रेरणादायक लीडर हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में यह बातें कहीं।

चैपल ने कहा कि धोनी कप्तानी के मामले में इंग्लैंड के माइकल ब्रियरली, ऑस्ट्रेलिया के इयान चैपल, मार्क टेलर और वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड के बराबर हैं। 2005 से 2007 तक टीम इंडिया के हेड कोच रहे चैपल ने बताया कि वो धोनी के सामने कई चुनौतियां रखते थे और वे हर बार इस पर खरे उतरे थे।

मुझे धोनी का मजाकिया अंदाज पसंद था: चैपल

चैपल ने आगे कहा कि उन्हें धोनी के खेल के अलावा उनका मजाकिया अंदाज भी पसंद था। उन्होंने कहा कि धोनी के साथ बतौर खिलाड़ी और इंसान दोनों ही तरह से मेरा अनुभव अच्छा रहा। उनके साथ काम करना आसान था, क्योंकि वे खुले दिमाग वाले व्यक्ति है। धोनी के साथ झूठी विनम्रता दिखाने की जरूरत नहीं होती थी। अगर उन्हें लगता था कि वे कुछ कर सकते हैं, तो वे पूरे आत्मविश्वास से यह बात कहते थे।

'धोनी की सबसे बड़ी खूबी उनका खुद पर यकीन था'

पूर्व भारतीय कोच ने कहा कि धोनी की सबसे बड़ी खूबी उनका खुद पर यकीन था। वह अपने आत्मविश्वास और बेबाकी की वजह से बाकी खिलाड़ियों से अलग थे। वह राजनीति में यकीन नहीं रखते थे और सीधे बात करना पसंद करते थे।

धोनी ने 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया

धोनी ने बीते 15 अगस्त को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरेंट का ऐलान किया था। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-20, 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने के साथ ही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी भी जीती थी।

इसके अलावा टीम टेस्ट में नंबर-1 भी बनी थी। धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से को संन्यास ले लिया है, लेकिन वे अभी आईपीएल खेलेंगे। 19 सितंबर से यूएई में शुरू होने वाले आईपीएल में वे चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करेंगे। उनके कप्तान रहते टीम ने लगातार दो साल 2010 और 2011 में आईपीएल का खिताब जीता था



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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्रेग चैपल(बाएं) 2005 से 2007 तक टीम इंडिया के हेड कोच रहे थे। उसी दौर मेंं महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया में आए थे। -फाइल

सचिन, धोनी और विराट की लिस्ट में नाम आना गर्व की बात: रोहित शर्मा August 27, 2020 at 08:01PM

नई दिल्ली टीम इंडिया में सीमित ओवर के उपकप्तान () ने कहा कि उनके लिए यह सम्मान की बात है कि उन्हें इस साल राजीव गांधी खेल रत्न पुररस्कार (Khel Ratna Award 2020)- देश के सवोच्च खेल पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। रोहित शर्मा और टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा, रेसलर विनेश फोगाट, पैरालिंपियन मरिप्पन थंगावेलू और भारतीय हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को इस साल खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन खिलाड़ियों को 29 अगस्त को होने वाले नैशनल खेल पुरस्कार समारोह (वर्चुअल) में इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। कोविड- 19 (Covid- 19) के कारण यह पुरस्कार समारोह पहली बार ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। बीसीसीआई ने रोहित शर्मा का एक वीडियो अपने टि्वटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। इस वीडियो में रोहित खुद को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के ऐलान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अपने इस संबोधन में उन्होंने यह वादा किया अपना ऐसा प्रदर्शन जारी रखेंगे, जो देश को खुशियां दे। रोहित सीमित ओवर फॉर्मेट में टीम इंडिया का अहम हिस्सा हैं, जो निरंतरता के साथ टीम के लिए रन बना रहे हैं। 2019 वर्ल्ड कप में रोहित के शानदार परफॉर्मेंस के बाद इस साल के लिए उनके नाम को इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के चुना गया। इस टूर्नमेंट में वह सर्वाधिक (648) रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, जिसमें उनके रेकॉर्ड 5 शतक शामिल थे। इस सम्मान को हासिल करने वाले रोहित देश के चौथे क्रिकेटर बनेंगे। उनसे पहले यह पुरस्कार सचिन तेंडुलकर, एमएस धोनी और को मिल चुका है। रोहित ने कहा कि वह इस विशिष्ट लिस्ट में अपना नाम पाकर खुद को बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जहां पहले से ही तीन महान क्रिकेटर शामिल हैं। इस 33 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, 'देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार मिलने की बात सुनकर अच्छा महसूस हो रहा है। इस अवॉर्ड को पाकर मैं बहुत, बहुत खुश और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं खेल मंत्री और बीसीसीआई को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस अवॉर्ड के लिए मुझे चुना। मैं वादा करता हूं कि ऐसे ही कड़ी मेहनत करता रहूंगा, जिससे मेरे देश के लिए और ट्रोफियां जीत सकूं।' 'इस शानदार ग्रुप का हिस्सा बनना लाजवाब है- यहां जिन तीन महान खिलाड़ियों (सचिन, धोनी और विराट) के नाम पहले से ही मौजूद हैं, वे देश के लिए कई अचरज भरे काम कर चुके हैं, जिससे देश को खूब खुशी मिली। ऐसी लिस्ट में शामिल होना बड़े सम्मान की बात है। मैं बहुत खुश हूं।' इस अवॉर्ड को मिलने की खुशी जताते हुए रोहित ने अपने फैन्स और परिवार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के प्यार और दुआओं के बिना यह संभव नहीं था।