Thursday, August 6, 2020

पंजाब टीम के को ओनर वाडिया ने कहा- कोरोना गाइडलाइन पर सख्ती से अमल हो, एक पॉजिटिव केस भी आईपीएल को बर्बाद कर देगा August 05, 2020 at 10:04PM

आईपीएल फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब के को ओनर नेस वाडिया ने कहा कि फिलहाल सबका फोकस इसी बात पर होना चाहिए कि लीग के दौरान कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आए। अगर ऐसा होता है तो यह लीग को बर्बाद कर देगा। उन्होंने न्यूज एजेंसी से यह बात कही।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने के लिए बीसीसीआई के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी पर पूरी सख्ती से अमल होना चाहिए।

हमारे लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे अहम: वाडिया

टूर्नामेंट की तैयारियों और गाइडलाइन को लेकर एक दिन पहले बीसीसीआई और टीम ओनर्स की मीटिंग थी। इसमें वाडिया भी शामिल हुए थे। इसके बाद जब उनसे चीनी मोबाइल कंपनी वीवो को आईपीएल स्पॉन्सरशिप से हटाने से जुड़ा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाईं जा रही हैं।

यह वाकई समझ से परे है। हम सभी टीम ओनर्स सिर्फ यही जानते हैं कि इस बार आईपीएल हो रहा है। हम सिर्फ खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और बाकी स्टेकहोल्डर्स की की सुरक्षा के बारे में सोच रहे हैं।

'आईपीएल को धीरे-धीरे चीनी स्पॉन्सर्स को छोड़ देना चाहिए'

दो महीने पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीयों और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से देश में चीनी कंपनियों का लगातार विरोध हो रहा है। वाडिया का इस मसले पर साफ कहना है कि आईपीएल को धीरे-धीरे चीनी स्पॉन्सर्स को छोड़ देना चाहिए।

कई कंपनियां वीवो की जगह ले सकती हैं

उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप और वीवो को लेकर क्या फैसला किया है, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन यह जरूर बता सकता हूं कि अगर जरूरत पड़ी, तो वीवो की जगह कई कंपनियां ले सकती हैं।

वीवो एक साल के लिए आईपीएल से हटेगी

बीसीसीआई ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि इस साल चीनी मोबाइल कंपनी वीवो आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर नहीं होगी। हालांकि, भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पैदा हुए हालात में यह तय है कि वीवो खुद ही एक साल के लिए स्पॉन्सरशिप छोड़ेगी। यह एक साल की रोक की तरह हो सकता है।

अगर दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरते हैं तो बीसीसीआई वीवो से 2021 से 2023 के लिए तीन साल का नया कॉन्ट्रैक्ट कर सकता है। बोर्ड को वीवो से हुई 5 साल की डील के तहत हर साल 440 करोड़ रुपए मिलते हैं।

स्पॉन्सर्स को इस साल जरूर लीग का हिस्सा बनना चाहिए

वाडिया ने मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए कहा कि मुझे लगता है कि स्पॉन्सर्स चाहें टीम हो या आईपीएल अपने फायदे की डील की हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन एक बात साफ है कि इस बार लीग सबसे ज्यादा देखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऐसी सूरत में स्पॉन्सर्स लीग का हिस्सा नहीं बनकर बड़ी गलती करेंगे। अगर मैं उनकी जगह स्पॉन्सर होता तो जरूर लीग का हिस्सा बनता।

सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए

बीसीसीआई ने सभी फ्रेंचाइजियों और टीम ओनर को 16 पेज का एसओपी भेजा है। इसमें खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम ऑफिशियल्स और ओनर्स को भी बायो सिक्योर बबल में ही रहना होगा। इस पर उन्होंने कहा कि मैंने अभी यूएई जाने का फैसला नहीं किया है, लेकिन सुरक्षा से किसी भी सूरत में समझौता नहीं होना चाहिए। हमें बायो सिक्योर माहौल से तालमेल बैठाना होगा। यह सामान्य हालात नहीं है, इसलिए इस तरह की चीज करनी ही होगी।

हर पांचवें दिन खिलाड़ियों का कोरोना टेस्ट होगा

यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक आईपीएल होना है। एक दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसके लिए एसओपी यानि गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके मुताबिक, सभी 8 टीमों को अलग-अलग होटल में रुकना होगा। खिलाड़ी रूम से बाहर नहीं निकल सकेंगे। कमरे में सिर्फ रूम सर्विस को आने की मंजूरी होगी। टूर्नामेंट के दौरान हर 5वें दिन कोरोना टेस्ट होगा।

बायो-सिक्योर माहौल में होने वाले इस टूर्नामेंट में गाइडलाइंस के तहत सभी खिलाड़ी साथ बैठकर खाना नहीं खा सकेंगे। अगर किसी खिलाड़ी या स्टाफ ने बायो-सिक्योर नियम तोड़ा, तो सख्त सजा मिलेगी।



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किंग्स इलेवन पंजाब के को ओनर नेस वाडिया ने कहा कि इस वक्त हम सिर्फ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा के बारे में ही सोच रहे हैं। -फाइल

IPL in UAE: फ्रैंचाइजी और बोर्ड के बीच तनातनी की क्या हैं वजह, रास्ते क्या हैं August 05, 2020 at 08:35PM

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग () 2020 को लेकर अभी तक बीसीसीआई और फ्रैंचाइजीज के बीच अभी आम सहमति नहीं बन पाई है। फ्रैंचाइजी और बोर्ड के बीच तनातनी की मुख्य वजह आर्थिक हैं। फ्रैंचाइजी अपने नुकसान की भरपाई की चाहते हैं लेकिन बोर्ड के पास भी ज्यादा विकल्प नहीं हैं। तो आखिर है फ्रैंचाइजी की मांग और क्या हैं बोर्ड के पास संभावित रास्ते। बोर्ड भरे गेट-मनी न होने का नुकसान यह बिना दर्शकों के खेला जाएगा। ऐसे में फ्रैंचाइजी चाहते हैं कि गेट-मनी न होने के नुकसान की भरपाई बोर्ड करे। गेट-मनी यानी दर्शकों के मैदान में आने से टिकटों से होने वाली कमाई। नियम अनुसार यह कमाई घरेलू फ्रैंचाइजी के हिस्से में जाती है। एक अनुमान के अनुसार एक मैच से टीम को करीब 3-3.5 करोड़ रुपये की कमाई होती है। वीवो गया, इसका भी नुकसान चीनी मोबाइल कंपनी वीवो की भारतीय शाखा, वीवो इंडिया इंडियन प्रीमियर लीग का टाइटल स्पॉन्सर था। चीन के साथ भारत के मौजूदा विवाद के चलते कंपनी ने इस साल टाइटल स्पॉन्सरशिप से अपना नाम वापस ले लिया है। कंपनी का कहना है कि इस समय माहौल चीन के खिलाफ है और ऐसे में उसे आईपीएल के साथ रहने का कोई फायदा नहीं। आईपीएल पर भी दबाव था कि वह चीनी स्पॉन्सर से खुद को दूर करे। लेकिन इसके साथ ही बोर्ड के सामने रेवेन्यू का सवाल आ गया है। दरअसल, वीवो हर साल के लिए बोर्ड को 440 करोड़ रुपये देता है। इसमें से आधे बोर्ड के पास रहते हैं और बाकी आधे आठों फ्रैंचाइजी में बराबर बंटते हैं। यानी एक फ्रैंचाइजी को करीब 28 करोड़ रुपये मिलते हैं। अब वीवो के जाने के बाद टीमें चाहती हैं कि या तो बोर्ड इसकी भरपाई करे या फिर जितनी जल्दी हो सके विकल्प तलाशे। को लेकर सवाल 10 सितंबर को कैरेबियन प्रीमियर लीग (IPL) का फाइनल है। फ्रैंचाइजी चाहते हैं कि वहां से आने वाले खिलाड़ियों को क्वॉरनटीन नियमों में छूट दी जाए। दो सप्ताह के क्वॉरनटीन का अर्थ है कि ये खिलाड़ी शुरुआती हफ्ते में आईपीएल में शामिल नहीं हो सकेंगे। ऐसी ही छूट वे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए भी मांग रहे हैं जो इंग्लैंड में वॉइट बॉल सीरीज खेलकर आएंगे। क्या है बीसीसीआई के पास रास्ता वीवो की जगह नए टाइटल स्पॉन्सर के लिए Expression of Interest (EOI) जारी करे। फायदा- इससे सही प्रक्रिया का पालन होगा नुकसान- इस प्रक्रिया में काफी लंबा समय लग सकता है। और फ्रैंचाइजी इसके पक्ष में नहीं। फ्रैंचाइजी को SOPs ड्राफ्ट पर जल्द से जल्द राजी करना। फ्रैंचाइजी इसमें बदलाव चाहते हैं लेकिन बीसीसीआई इस पर कड़ा रवैया अपना सकता है। बोर्ड नुकसान की किसी भी भरपाई की फ्रैंचाइजी द्वारा की जा रही मांग को अस्वीकार कर सकता है।

पाकिस्तान टीम का इंग्लैंड दौरा, पूरा शेड्यूल August 04, 2020 at 09:36PM

नई दिल्ली इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज हो चुका है। सीरीज का पहला मैच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। इस दौरे पर पाकिस्तानी टीम तीन टेस्ट और इतने ही टी20 मुकाबले खेलेगी।
तारीख मैच मैदान भारतीय समयानुसार परिणाम
05 अगस्त-09 अगस्त इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, पहला टेस्ट मैच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर दोपहर 3:30 बजे
13 अगस्त- 17 अगस्त इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, दूसरा टेस्ट मैच रोज बाउल, साउथहैम्टन दोपहर 3:30 बजे
21 अगस्त- 25 अगस्त इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, तीसरा टेस्ट मैच रोज बाउल, साउथहैम्टन दोपहर 3:30 बजे
28 अगस्त, शुक्रवार इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, पहला टी20 इंटरनैशनल ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर रात 10:30 बजे
30 अगस्त, रविवार इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, दूसरा टी20 इंटरनैशनल ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर शाम 7:00 बजे
1 सितंबर, मंगलवारवार इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, तीसरा टी20 इंटरनैशनल ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर रात 10:30 बजे

Wednesday, August 5, 2020

इशांत ने कहा- पूर्व कप्तान धोनी ने हमेशा सपोर्ट किया, 50-60 टेस्ट खेलने के बाद भी उन्होंने कभी नहीं कहा कि मेरा विकल्प तलाश रहे August 05, 2020 at 08:08PM

भारतीय तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा मेरा सपोर्ट किया। 50-60 टेस्ट खेलने के बाद भी उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे मेरा विकल्प ढूंढ रहे हैं। इशांत ने कहा कि 97 टेस्ट खेलने के बाद भी मैं औसत और स्ट्राइक रेट को नहीं समझ पाया। मैंने कभी इन चीजों की परवाह ही नहीं की। उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइंफो के शो 'क्रिकेट बाजी' में यह बातें कहीं।

32 साल के इशांत ने कहा कि अगर मैं उन्हें समझ नहीं पाता, तो मैं उन पर कैसा भरोसा करता?। औसत और स्ट्राइक रेट एक आंकड़ा भर है। अगर मैं भारत में गेंदबाजी कर रहा हूं और कप्तान मुझसे कहे कि तुम्हें ऐसी गेंदबाजी करनी है कि 20 ओवर में 40 से ज्यादा रन न जाएं, बाकी विकेट लेने का काम स्पिनर्स करेंगे, तो मैं ऐसा करूंगा।

धोनी ने जो काम दिया, उस पर फोकस करता था: इशांत
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि मैं सिर्फ उसी रोल पर फोकस करता था, जो कप्तान धोनी मुझे देते थे। यही कारण है कि पूर्व भारतीय कप्तान ने टेस्ट क्रिकेट में मेरे गेंदबाजी आंकड़े औसत होने के बावजूद मुझ पर भरोसा किया। मेरे लिए यह अहम नहीं कि मेरा गेंदबाजी औसत 37 है। मेरा कप्तान धोनी से हमेशा संवाद बना रहा और उन्होंने मुझे समर्थन दिया।

धोनी की कप्तानी के दौरान अक्सर इशांत को बफर गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा। बिना इस बात की परवाह किए कि उन्हें विकेट मिल रही है या नहीं, वो अपना रोल निभाते रहे। पिछले 5 साल में उनकी गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ है। उनके आंकड़े इस बात का सबूत हैं।

इशांत ने करियर के एक तिहाई विकेट पिछले 5 साल में लिए

इशांत ने पिछले 5 साल में 35 टेस्ट में 23.8 की औसत से 110 विकेट लिए हैं। इस दौरान उन्होंने एक पारी में 5 बार पांच विकेट लिए। अगर उनका ओवरऑल रिकॉर्ड देखें, तो उन्होंने 97 टेस्ट में 32.39 की औसत से 297 विकेट लिए हैं। यानी पिछले 5 साल में उन्होंने एक तिहाई विकेट लिए हैं। वह 80 वनडे में 5.72 की इकोनॉमी से 115 विकेट भी ले चुके हैं।



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इशांत शर्मा ने कहा कि मैं सिर्फ उसी रोल पर फोकस करता था, जो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मुझे देते थे। यही कारण है कि टेस्ट क्रिकेट में मेरे गेंदबाजी आंकड़े औसत होने के बावजूद धोनी ने मुझ पर भरोसा किया। - फाइल