Monday, August 3, 2020

महिला IPL पर बात आगे बढ़ी, खुश हूं: डायना इडुल्जी August 02, 2020 at 11:04PM

नई दिल्ली भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर () जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई (BCCI) का काम देखने के लिए गठित की गई प्रशासकों की समिति (CoA) में शामिल थीं, उसी दौरान उन्होंने महिला T20 चैलेंज की शुरुआत कर कई महिला खिलाड़ियों के सपने को सच किया। बीते रविवार को आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल (IPL GC Meet) की बैठक ने उनके विजन को एक कदम आगे बढ़ाया है और कहा है कि यूएई में इस बार भी होगा, जिसमें चार मैच खेले जाएंगे। इडुल्जी ने महिला आईपीएल को जारी रखने के लिए गवनिंर्ग काउंसिल का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'महिला क्रिकेट का प्रचार जारी रखने के लिए मैं गवनिंर्ग काउंसिल की शुक्रगुजार हूं। मैं इस बात से खुश हूं कि बीसीसीआई में सीओए सदस्य रहने के दौरान मैंने जो प्रयास शुरू किया था उसे आगे बढ़ाया जा रहा है और उम्मीद है कि हम इस साल जल्द ही महिला आईपीएल देखेंगे। आने वाले सीजन के लिए महिला क्रिकेटरों को शुभकामनाएं।' रविवार की सुबह खबरें थीं कि इस साल महिला आईपीएल भी खेला जाएगा। हालांकि फुल फ्लेज आईपीएल के लिए इंतजार करना होगा। आईपीएल जीसी ने रविवार शाम को इस बात का ऐलान भी कर दिया कि वह 'तीन टीम चार मैचों' के महिला आईपीएल के प्रारूप को जारी रखेगी। कुछ उत्साही लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली को बधाई दी। कुछ प्रशंसकों ने इस पर नाराजगी भी जताई। मामले से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि यह ऐसी बात नहीं है कि बीसीसीआई अध्यक्ष इसका श्रेय लेना चाहते हों, गांगुली सिर्फ यह बताना चाहते हैं कि आईपीएल प्लेऑफ के दौरान महिला मैच आयोजित कराने की जो प्रक्रिया है वो जारी रहेगी। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो वो गांगुली के शब्द नहीं थे। इसलिए यह कहना कि वह इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं ये गलत होगा। बीते दो-तीन साल यह से यह आईपीएल प्रक्रिया का हिस्सा है। क्यों कोई इसे नई चीज के तौर पर पेश करेगा यह बात मेरी समझ से बाहर है। यह आईपीएल की गर्वनिंग काउंसिल का फैसला है और गांगुली उसका हिस्सा नहीं हैं उन्हें आमंत्रण पर इस बैठक में हिस्सा लिया था और उनका तो वोट भी नहीं था।' महिला टी-20 चैलेंज 2018 से खेला जा रहा है। पहले सीजन सिर्फ एक मैच हुआ था, जबकि दूसरे सीजन में एक और टीम शामिल की गई जहां चार मैच खेले गए। इस साल भी तीन टीमें होंगी। खेल और देश-दुनिया हर खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।

गोवा फुटबॉल में मैच फिक्सिंग से सनसनी, सवाल तलब August 02, 2020 at 11:46PM

मार्कस एम. ,पणजी के मैदानों से दूर जहां कोई प्रसारण भी नहीं हो रहा, एक और खेल खेला जा रहा है। यह खेल कथित रूप से मैच-फिक्सिंग का। राज्य में खेल के 100 साल से भी अधिक पुरानी रिवायत पर अब सवाल उठने लगे हैं। असल में गोवा प्रफेशनल लीग को संदेहास्पद माना जा रहा। शक है कि इसमें. 'संदेहास्पद सट्टेबाजी और ' हो सकती है। इन मैचों में निचले-दर्जे की टीमों ने ऐसे क्लब्स के साथ मैच खेले जो काफी जाने-माने थे। इन क्लब्स से वे खिलाड़ी भी निकले हैं जिन्होंने भारत के लिए भी खेला है। लंदन की एक कंपनी स्पोट्सरेडार जो सट्टेबाजी की घटनाओं, मूवमेंट और पैटर्न पर दुनियाभर में नजर रखती है, ने गोवा लीग के पिछले सीजन के छह मैचों पर सवाल उठाया है। फीफा इस कंपनी के ग्राहकों में शामिल है। स्पोर्टसरेडार ने इन संदेहापस्द गतिविधियों को एक खास फ्रॉड डिटेक्टशन सिस्टम के जरिए पकड़ा है। उसने एशियन फुटबॉल कॉन्फडरेशन (AFC) को इस बात की जानकारी भी दी है, जिसने आगे ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को इससे अवगत करवा दिया है। AIFF के अधिकारी जावेद सिराज, जो पूर्व सीबीआई अधिकारी हैं, ने गोवा फुटबॉल असोसिएशन से 16 अक्टूबर 2019 से लेकर 19 नवंबर 2019 के बीच खेले गए इन मैचों के बारे में सफाई मांगी है। सिराज ने लिखा है, 'पहली नजर में रिपोर्ट में ऐसा लगता है कि जिनका मैचों का जिक्र इसमें किया गया है वे फिक्स थे।' गार्डियन ऐंजल क्लब, जो संदेहास्पद छह मैचों में से तीन में शामिल है, ने अपने क्लब के मैच-फिक्सिंग में लिप्त होने की बात को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि क्लब पर उंगली उठाने से पहले रेफरी की भूमिका पर भी सवाल होने चाहिए। क्लब के सचिव जोंसी फर्नांडिस ने कहा, 'हमने रेफरियों के बारे में कई बार शिकायत की। वे हमेशा बड़े क्लब्स का पक्ष लेते हैं। कई खराब फैसले लिए गए, खास तौर पर ऑफसाइड को लेकर AIFF को सभी मैच रिकॉर्ड करके खुद ब खुद देखने चाहिए। ' उन्होंने कहा, 'कई टीमों लेकर अफवाहें हैं। मुझे नहीं पता कि इसमें कौन शामिल है। लेकिन गार्डियन ऐंजल के साथ ये सब नहीं हो सकता। मैं अपने कोच, खिलाड़ियों और मैनेजमेंट को अच्छी तरह जानता हूं। अगर कोई भी इसमें लिप्त पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाही होगी।' लेकिन कॉलंगुट असोसिएशन के अध्यक्ष एलिरियो लोबो को 'कुछ गड़बड़' नजर आती है। उन्होंने कहा, 'शुरुआत में मैंने सोचा कि मैच फिक्सिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं लेकिन बाद में पता चला कि कुछ गड़बड़ है।'

अर्शदीप चोट प्रबंधन पर सीनियर खिलाड़ी रमनदीप से प्रेरणा लेना चाहते हैं August 02, 2020 at 09:25PM

नई दिल्ली भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के संभावित खिलाड़ियों में शामिल ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में जगह सुनिश्चित करने के लिए चोटों से निपटने को लेकर वह सीनियर खिलाड़ी से प्रेरणा ले रहे हैं। उन्नीस साल के सिंह घुटने में चोट के कारण पिछले साल स्पेन में छह देशों की चैंपियनशिप में जगह बनाने से चूक गए थे। वह भारतीय पुरुष हॉकी टीम फॉरवर्ड रमनदीप के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान चोटों से निपटने के तरीके से प्रेरित हैं। की विज्ञप्ति में अर्शदीप ने कहा, ‘पिछले साल स्पेन में छह देशों की चैंपियनशिप में जगह बनाने से चूकना वाकई निराशाजनक था। मैंने हालांकि महसूस किया है कि चोटिल होना किसी भी खिलाड़ी के करियर का एक हिस्सा है। जिस तरह रमनदीप सिंह अपने करियर के दौरान चोटों से उबरे उस पर मैं नजर रख रहा हूं।’ इस युवा फॉरवर्ड खिलाड़ी ने कहा, ‘वह (रमनदीप) भारत के सभी युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा हैं। चोटों से वापसी करने के लिए एक व्यक्ति को बहुत अधिक दृढ़ संकल्प होने की जरूरत है। अब मुझे पता है कि यह सब सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है। मैं इस बात की जांच करता रहूं कि हर स्थिति में मेरे शरीर से कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है।’ पिछले कुछ समय में कई जूनियर राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में भाग ले चुके इस खिलाड़ी ने कहा कि वह पिछले कुछ महीनों में अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ महीने हम सभी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। हालांकि, मैंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देने के लिए समय लिया है। मुझे निकट भविष्य में भारतीय जूनियर पुरुष टीम के लिए खेलने का मौका मिल सकता है और मैं चोट के कारण इसे गंवाना नहीं चाहता हूं।’ अर्शदीप ने कहा कि उनके लिए देश का प्रतिनिधित्व करने से बड़ा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘सीनियर टीम के लिए खेलना हमेशा मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य रहा है। मुझे हालांकि पहले जूनियर स्तर पर प्रदर्शन करना होगा और एक कुशल खिलाड़ी के रूप में पहचान बनानी होगी मैं जो भी कर सकता हूं, अपने लक्ष्य की दिशा में काम करता रहूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि एक दिन मैं सीनियर भारतीय टीम के साथ मैदान पर उतरूंगा। मैं इसे सुनिश्चित करने के लिए खूब मेहनत करूंगा कि मुझे भविष्य में मुझे भारत की जीत में योगदान करने का मौका मिले।’

बर्थ और डोमिसाइल सर्टिफिकेट फर्जी निकला तो खिलाड़ियों पर 2 साल का बैन, अंडर-16 टूर्नामेंट में 14 से 16 साल के खिलाड़ी ही रजिस्टर्ड होंगे August 02, 2020 at 10:52PM

बीसीसीआई ने क्रिकेट में उम्र और डोमिसाइल से जुड़ी धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए कई और कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत 2020-21 सीजन से अगर कोई खिलाड़ी फर्जी बर्थ और डोमिसाइल सर्टिफिकेट पेश करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 2 साल के लिए बैन किया जाएगा। इस दौरान वह बीसीसीआई या राज्य क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेगा।

2 साल का बैन पूरा होने के बाद भी ऐसे खिलाड़ी बोर्ड या स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के किसी भी एज ग्रुप टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। वहीं, अब बीसीसीआई के अंडर-16 एज ग्रुप टूर्नामेंट में अब सिर्फ 14 से 16 साल के बच्चे ही रजिस्टर्ड हो सकेंगे।

रजिस्टर्ड क्रिकेटरों के लिए वॉलेंटरी डिसक्लोजर स्कीम शुरू

बीसीसीआई ने गलत उम्र बताकर क्रिकेट खेलने वाले रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के लिए वॉलेंटरी डिसक्लोजर स्कीम शुरू की है। इसके तहत, अगर खिलाड़ी खुद घोषणा करते हैं कि उन्होंने पहले फर्जी या छेड़छाड़ किए दस्तावेज पेश करके अपनी डेट ऑफ बर्थ में हेरफेर किया है, तो उन्हें सस्पेंड नहीं किया जाएगा। अगर वे अपनी सही बर्थ डेट का खुलासा करते हैं, तो उन्हें सही ऐज ग्रुप में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी।

15 सितंबर तक बोर्ड को उम्र की सही जानकारी देनी होगी

इसके लिए खिलाड़ियों को बीसीसीआई के एज वेरिफिकेशन डिपार्टमेंट को अपनी सही उम्र से जुड़े दस्तावेज के साथ अपनी साइन की हुई चिठ्ठी या ई-मेल 15 सितंबर से पहले भेजना होगा। हालांकि, अगर रजिस्टर्ड खिलाड़ी तथ्यों का खुलासा नहीं करते हैं और बीसीसीआई यह पाता है कि उन्होंने नकली या छेड़छाड़ किए हुए दस्तावेज पेश किए हैं तो उन्हें 2 साल के लिए बैन कर दिया जाएगा।

इसके अलावा बीसीसीआई ने उम्र संबंधी धोखाधड़ी रोकने के लिए कई और ठोस कदम उठाए हैं।

  • वॉलेंटरी डिसक्लोजर स्कीम का फायदा सिर्फ फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट से जुड़े मामले में मिलेगा। डोमिसाइल सर्टिफिकेट में किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी।
  • फर्जीवाड़े के दोषी पाए जाने पर महिला औऱ पुरुष दोनों खिलाड़ी दो साल के लिए बैन होंगे।
  • 2020-21 सीजन से बीसीसीआई के अंडर-16 एज ग्रुप टूर्नामेंट में सिर्फ 14-16 साल के खिलाड़ियों को ही रजिस्ट्रेशन की इजाजत होगी।
  • अंडर-19 ऐज ग्रुप में अगर किसी खिलाड़ी का रजिस्ट्रेशन उसके जन्म के 2 साल बाद का पाया जाता है, तो ऐसी सूरत में वे कितने साल टूर्नामेंट में खेलेंगे, इस पर बंदिश रहेगी।

गांगुली ने कहा- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी

इस मसले पर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि हम हर एज ग्रुप में खिलाड़ियों को एक स्तर का कॉम्पिटिशन देने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हमने उम्र संबंधी फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए और कड़े कदम उठाए हैं, जिन्हें नए घरेलू सीजन में लागू किया जाएगा। जो अपनी गलती की जानकारी नहीं देंगे, उन पर 2 साल का बैन लगाया जाएगा।

बीसीसीआई क्रिकेट में भ्रष्टाचार और उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए पिछले साल ही 24 घंटे का हेल्पलाइन जारी कर चुकी है। इस नंबर पर कोई भी शिकायत कर करता है।



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बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा- हम खिलाड़ियों को एक स्तर का कॉम्पिटिशन देने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए उम्र से जुड़े फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए और कड़े कदम उठाए हैं। - फाइल