Monday, August 3, 2020

उम्र में गड़बड़ी तो 2 साल का बैन लगाएगा BCCI August 02, 2020 at 10:39PM

नई दिल्ली बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में उम्र संबंधी गड़बड़ी को लेकर नई नीति अपनाने का फैसला किया है। नए नियम 2020-21 सीजन में बीसीसीआई के सभी आयुवर्ग के टूर्नमेंट्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों पर लागू होंगे। नई नीति के मुताबिक, अगर खिलाड़ी अपनी गलती मान लेता है यानी यह कबूल कर लेता है कि उसने उम्र संबंधी गड़बड़ी की है तो वह बच सकता है और इस बात को छिपाने पर अगर खिलाड़ी पकड़ा जाता है तो बीसीसीआई उसे दो साल के लिए बैन कर सकती है। इस नई नीति के तहत जो खिलाड़ी अपने फर्जी दस्तावेज जमा कर यह कबूल करता है कि उसने अपनी जन्मतिथि से छेड़छाड़ की है तो उसे बैन नहीं किया जाएगा और सही आयु बताने पर टूर्नमेंट्स में खेलने दिया जाएगा। खिलाड़ी को अपने हस्ताक्षर किए हुए पत्र/ईमेल दाखिल करना होगा, जिसके साथ उसे 15 सितंबर तक संबंधित विभाग से सत्यापन कराते हुए असली जन्मतिथि के दस्तावेज जमा करने होंगे। अगर रजिस्टर्ड खिलाड़ी सच्चाई नहीं बताता है तो और उसके दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो उसे दो साल के लिए बैन कर दिया जाए और दो साल पूरे हो जाने के बाद इस तरह के खिलाड़ियों को बीसीसीआई के आयु वर्ग के टूर्नमेंट में खेलने नहीं दिया जाएगा। साथ ही जो खिलाड़ी निवास संबंधी गड़बड़ी करता है, जिसमें सीनियर महिला और पुरुष भी शामिल हैं, उस पर दो साल का बैन लगाया जाएगा। यहां स्वयं अपना अपराध कबूल करने की नीति लागू नहीं होगी। बीसीसीआई के अंडर-16 टूर्नमेंट में सिर्फ 14-16 आयु के खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं। बोर्ड ने साथ ही कहा है कि आयु संबंधी गड़बड़ी की जानकारी देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी बनाया गया है। इस पर बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने कहा, 'हम सभी आयु वर्ग में समान मंच मुहैया कराने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। बीसीसीआई उम्र संबंधी फजीर्वाड़े को रोकने के लिए काफी कदम उठा रही है और अब उसने आने वाले सीजन के लिए अधिक सख्त नियमों को लागू कर दिया है। जो लोग अपने आप अपनी गलती नहीं मानेंगे उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।' खेल और देश-दुनिया हर खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।

आयरलैंड के जोश लिटिल के खाते में जुड़े डीमेरिट अंक August 02, 2020 at 10:44PM

साउथैम्पटनआयरलैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे मैच में आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन के कारण फटकार लगाई गई है और उनके खाते में एक डीमेरिट अंक भी डाला गया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है जिसमें आयरलैंड की टीम 2-0 से आगे है। लिटिल पर आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के उल्लंघन का आरोप है जिसमें खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ के साथ अंतरराष्ट्रीय मैच में गलत भाषा, भद्दे इशारे जो किसी को आक्रामक रवैये के लिए उकसा सकते हैं, करना शामिल है। लिटिल ने इंग्लैंड की पारी के 16वें ओवर के दौरान को आउट कर उनके खिलाफ गलत भाषा का उपयोग किया था। लिटिल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और साथ ही मैच रेफरी फिल व्हाइटकेस द्वारा दी गई सजा को भी मान लिया है इसलिए किसी तरह की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।

नेहरा बताया, कोहली-शास्त्री की कामयाबी का राज August 02, 2020 at 09:41PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और टीम के मुख्य कोच (Ravi Shastri) के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। अकसर प्रेस कॉन्फ्रेंस मं एक-दूसरे की तारीफ करते हुए नजर आते हैं। पिछले साल वर्ल्ड कप के बाद, जब भारतीय टीम सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार गई, तब ये कयास लगाए जाने लगे कि शायद बतौर कोच शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो सकता है। और भारतीय टीम शायद अन्य विकल्पों को तलाश करने लगे। तब कोहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में शास्त्री के बचाव मे आगे आए थे। उन्होंने कोच के रूप में शास्त्री की भूमिका की तारीफ करते हुए उन्हें एक और बार मौका दिए जाने की वकालत की थी। और कुछ सप्ताह बाद शास्त्री एक बार फिर भारतीय टीम के कोच थे। शास्त्री और कोहली की जोड़ी ने भारतीय टीम को बीते कुछ अर्से में काफी जीत दिलाई हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया में 2018-19 में टेस्ट सीरीज जीतना सबसे ऊपर रखा जा सकता है। इन जोड़ी ने तेज गेंदबाजी को भी काफी अहमियत दी है और अब भारतीय टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज () ने बताया है कि आखिर क्यों शास्त्री और कोहली की जोड़ी इतनी कामयाब हुई है। नेहरा ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम 'क्रिकेट कनेक्टेड' में कहा, 'शास्त्री कोहली को उनका स्पेस देते हैं। कोहली को भी पता है कि शास्त्री किस तरह के इनसान हैं और उनके साथ काम कैसे करना है।' नेहरा ने कहा, 'रवि शास्त्री बहुत अच्छे मोटिवेटर हैं। यह उनकी खूबी है। वह आपको काफी विश्वास जगा देते हैं। आप कितनी भी मुश्किल में क्यों न हों वह आपको उससे लड़ने और जीतने का हौसला देते हैं। विराट कोहली को भी नेतृत्व करना पसंद है। वह उदाहरण बनाते हैं। दोनों का व्यक्तित्व काफी मिलता-जुलता है। इस वजह से दोनों मिलकर बेहतरीन काम कर पा रहे हैं।' रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के पूर्व गेंदबाजी कोच रहे नेहरा ने कहा कि कोहली और शास्त्री के बीच कई बातों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वे हमेशा एक दूसरे की सुनते हैं और मिलकर फैसला लेने की कोशिश करते हैं।

BCCI SOPs: कोचिंग नहीं दे पाएंगे अरुण लाल और वॉटमोर August 02, 2020 at 08:36PM

नई दिल्लीभारतीय क्रिकेट बोर्ड () की राज्य संघों को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs) 60 साल से अधिक के व्यक्तियों को ट्रेनिंग शिविर का हिस्सा बनने से रोकती है जिसका असर () और ऑस्ट्रेलियाई (Dave Watmore) पर पड़ सकता है जो क्रमश: बंगाल (Bengal Ranji Team) और बड़ौदा (Barodara) की टीमों के कोच हैं। अप्रैल में 66 साल के वॉटमोर को बड़ौदा का कोच नियुक्त किया गया था जबकि 65 साल के अरुण लाल के मार्गदर्शन में बंगाल ने मार्च में रणजी ट्रोफी फाइनल में जगह बनाई थी। बीसीसीआई के 100 पन्ने से अधिक के एसओपी के एक दिशानिर्देश के अनुसार, ‘60 साल से अधिक की उम्र के सहयोगी स्टाफ, अंपायर, मैदानी स्टाफ और मधुमेह जैसी बीमारियों का उपचार करा रहे लोग, कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए कोविड-19 को जोखिम अधिक माना जा रहा है।’ इसके अनुसार, ‘सरकार के उचित दिशानिर्देश जारी करने तक ऐसे व्यक्तियों को शिविर की गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोका जाना चाहिए।’ अरुण लाल और वाटमोर दोनों सत्र पूर्व ट्रेनिंग शिविर में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष अविषेक डालमिया प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं थे लेकिन बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘यह एसओपी है। किसी भी टीम के लिए नियमों का उल्लंघन बेहद मुश्किल होगा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अरूण लाख या वाटमोर जैसे कोच को बाहर रहना होगा।’