Wednesday, July 22, 2020

नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी का सस्पेंशन 6 महीने के लिए बढ़ा, वाडा ने कहा- कमियों को दूर कर बहाली के लिए अप्लाई करें July 21, 2020 at 08:35PM

अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक की तैयारी को लेकर भारत को झटका लगा है। खिलाड़ियों को लेकर प्रतिबंधित दवाओं पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने भारत की नेशनल डोप टेस्टिंग लैब (एनडीटीएल) के सस्पेंशन को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, भारत इस आदेश के खिलाफ 21 दिन के अंदर स्विट्जरलैंड स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में कर सकता है।

पिछले साल अगस्त में की गई थी मान्यता रद्द
वाडा ने पिछले साल 23 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय मानक पूरे नहीं होने के कारण 6 महीने के लिए प्रतिबंध लगाया था। इस दौरान खेल मंत्रालय और एनडीटीएल को अपनी कमियों को दूर करना था, लेकिन भारत इसमें सफल नहीं हुआ।

फरवरी में खत्म हो गया था प्रतिबंध
एनडीटीएल पर लगा प्रतिबंध फरवरी में ही खत्म हो गया था। वाडा के एक्सपर्ट ने सिफारिश की थी, कि एनडीटीएल में कुछ कमियां हैं, जिसे वह पूरा नहीं कर पाया है। ऐसे में एनडीटीएल के प्रतिबंध को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया जाए। एनडीटीएल पर यह प्रतिबंध 17 जुलाई से लागू हो गया है।

कमियां दूर कर 6 महीने के अंदर भी मान्यता के लिए अप्लाई कर सकते हैं
वाडा ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी ने नई दिल्ली में स्थित नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी की मान्यता को 6 महीने के लिए खत्म कर दिया है। इस बीच अगर एनडीटीएल अपनी कमी को पूरा कर लेता है, तो वह मान्यता की बहाली के लिए आवेदन कर सकता है।’’

अभी दोहा में टेस्टिंग हो रही, जिसे खर्च बढ़े हैं
डोपिंग से संबंधित मामलों के वकील पार्थ गोस्वामी ने कहा, ‘‘यह खेल मंत्रालय और एनडीटीएल के लिए बहुत बड़ा झटका है। किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पिछले 11 महीनों से नाडा एक मान्यता प्राप्त लैब के बिना काम कर रहा है और अब इसे 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। कतर लैब में जांच के लिए नमूने भेजने में लागत ज्यादा आती है और उसके रिजल्ट आने में भी देरी होती है।’’ उन्होंने कहा कि पिछले अगस्त में जब मान्यता रद्द की गई थी तब वाडा के आदेश को चुनौती नहीं दी गई थी। अब देखना होगा कि क्या मंत्रालय इसे चुनौती देगा।



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पिछले अगस्त में जब नेशनल डोप टेस्टिंग लैब की मान्यता रद्द की गई थी तब वाडा के आदेश को चुनौती नहीं दी गई थी। अब देखना होगा कि क्या खेल मंत्रालय इसे चुनौती देगा। -फाइल फोटो

इस 'विश्व विजेता' ने अपने गांव को दिलाई कोरोना पर जीत July 21, 2020 at 08:01PM

तुषार तेरे, मुंबईमहामारी कोरोना वायरस की शुरुआत में गुजरात के भरुच जिले के इखार गांव में 5 लोग संक्रमित पाए गए। गांव को कोरोना वायरस कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया। इसके बाद टीम इंडिया के एक पूर्व खिलाड़ी ने मोर्चा संभाला और न केवल लोगों को बचाव के नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि गांव को महामारी के चुंगुल से आजाद भी करा लिया। हम बात कर रहे हैं इखार एक्सप्रेस यानी मुनफ पटेल () की। वर्ल्ड कप-2011 की विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे पटेल अपने गांव में थे तभी कोरोना वायरस की एंट्री हुई। 8 हजार की संख्या वाले गांव में अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह में ही 5 लोग संक्रमित पाए गए। गांव के लोगों को इस महामारी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी और लोगों को सोशल डिस्टैंसिंग नियम का पालन करने के लिए मनाना मुश्किल था। देखें: अप्रैल में ही गांव में थे 5 केस मुनफ ने यहां से मोर्चा संभाला और उनकी मेहनत ही है कि इस गांव से 5 के बाद कोई नया केस सामने नहीं आया। 38 वर्षीय पटेल बताते हैं, 'जब लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो यहां के लोग कोरोना वायरस के बारे में अधिक नहीं जानते थे। अप्रैल में तमिलनाडु से गांव में 5 लोग वापस आए, जो संक्रमित थे। इसके बाद गांव में भय का माहौल था, लोग डरे हुए थे।' गांव के लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन मैं कामयाब रहावह बताते हैं, 'गांव में किसानों को सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करवाना मतलब बाहरी दुनिया की तरह व्यवहार करना था। उन्हें बुरा लगता था, लेकिन मैंने उन्हें समझाना शुरू किया कि इससे वायरस से बचा जा सकता है।' उन्होंने सभी को मास्क पहनने के लिए भी प्रेरित किया। बता दें कि मनफ गांव के लिए हीरो रहे हैं। ढेरों युवा उन्हें फॉलो करते हैं। सरपंच ने माना- हीरो हैं मुनफ पटेल इस बारे में इखार गांव के सरपंच हारून हैंदी बताते हैं, 'वह मुनफ ही थे, जिन्होंने लोकल पुलिस और हेल्थ ऑफिशल्स के साथ मिलकर काम किया। साथ ही किसानों को समझाया कि अगर सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किया जाए तो वे खेत में काम कर सकते हैं।' उन्होंने बताया कि मुनफ रोजाना पंचायत आते थे और घंटों लोगों को जागरूक करते थे। सरपंच ने बताया कि इस दौरान कई लोगों को बुखार हुआ और वह सेल्फ क्वॉरंटीना होना चाहते थे और टेस्ट से घबराते थे, लेकिन मुनफ के समझाने पर उन लोगों का डर कम हुआ। लोगों ने फिर कोरोना वायरस की जांच करवाई।

इस बार IPL की रौनक में नहीं दिखेंगी ये चीजें July 21, 2020 at 07:55PM

T20 वर्ल्ड कप के स्थगित होने के बाद BCCI ने अपनी T20 लीग को आयोजित करने के लिए मोर्चा खोल दिया है। अब यह तय है कि अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ आईपीएल 2020 इस साल सितंबर से नवंबर के बीच यूएई में आयोजित हो सकता है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते इस बार आईपीएल में कुछ बड़े बदलाव दिखेंगे। आगे की स्लाइड्स में देखते हैं- इस बार आईपीएल में क्या-क्या नहीं आएगा नजर...

आईपीएल का 13वां संस्करण भारत में तो आयोजित होना मुश्किरल है। देश में कोविड- 19 के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस घातक वायरस का संक्रमण दिनों दिन तेजी से फैल रहा है। ऐसे में जब तक हालात काबू में नहीं आते तब तक देश में किसी भी तरह के खेल आयोजनों को मंजूरी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में बीसीसीआई इस लीग को यूएई में आयोजित करने का मन बना रहा है।

फटाफट क्रिकेट का प्रारूप लोगों के मनोरंजन के लिए ही तैयार किया गया था। लेकिन इस बार मौजूदा हालात को देखते हुए यह तय है कि यह लीग दर्शकों बिना ही आयोजित होगी। स्टेडियम में दर्शकों को आने की इजाजत नहीं होगी। फैन्स टीवी पर ही इसका लुत्फ ले सकेंगे। हालांकि आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के बृजेश पटेल ने कहा कि हम यूएई सरकार की गाइडलाइन्स को देखेंगे कि दर्शकों के आने की गुंजाइश है या नहीं लेकिन अगर इसकी इजाजत नहीं भी होगी तो भी फ्रैंचाइजियां बगैर दर्शकों के खेलने को तैयार हैं।

टी20 फॉर्मेट में खासतौर से लीग क्रिकेट में चौके-छक्के बरसने पर या फिर विकेट गिरने पर टीम और फैन्स का उत्साह बढ़ाने कि लिए बाउंड्री लाइन के बाहर चीयरलीडर्स डांस करती नजर आती हैं। लेकिन इस बार कोविड- 19 की गाइडलाइन्स में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है और मैदान पर दर्शक भी नहीं होंगे तो यह भी तय लग रहा है कि चीयरलीडर्स के बिना ही यह लीग खेली जाएगी।

आईपीएल का रोमांच बढ़ाने के मकसद से इस लीग में एक पारी में दो-दो स्ट्रैटिजिक टाइम आउट ब्रैक लिए जाते थे। इस दौरान ढाई मिनट खेल को रोका जाता था और टीम मैनेजमेंट मैच की जरूरी रणनीति पर खिलाड़ियों से चर्चा करने मैदान पर आती थी। मैच की दोनों पारियों में ऐसे कुल 4 ब्रैक लिए जाते थे। लेकिन इससे सोशल डिस्टेंसिंग को खतरा हो सकता है। ऐसे में यह भी संभव है कि इस बार स्ट्रैटिजिक टाइम आउट के ब्रैक भी दिखाई नहीं देंगे।

लीग का एक रोमांचक पहलू यह भी होता था कि जिस शहर में यह मैच आयोजित होता था। कोई एक स्पॉन्सर एक फैन को सुपरफैन के रूप में चुनते थे। इस फैन को स्पेशल बॉक्स में मैच देखने का मौका मिलता था और मैच खत्म होने के बाद विनिंग कैप्टन मैच में इस्तेमाल की गई गेंद पर अपने ऑटोग्राफ देकर यह गेंद इस फैन को सौंपता था। लेकिन इस बार यह भी शायद दिखाई न दे।

खेल को रोमांचक बनाने के नजरिए से अभी तक इस लीग में माइक्रोफोन के जरिए कॉमेंटेटर फील्डिंग टीम के किसी एक खिलाड़ी से मैच के दौरान ही मैच की मौजूदा स्थिति और टीम की रणनीति पर बात करते थे। लेकिन इससे भी जैव-सुरक्षा को खतरा हो सकता है, तो यह भी संभव है कि इस बार आईपीएल में यह लाइव चैट होती भी न दिखे। इसके अलावा टॉस और मैच प्रेजेंटेशन में माइक का इस्तेमाल देखने को संभवत: नहीं मिलेगा और दोनों कप्तान स्पाइ कैमरा पर अपने-अपने विचार रखते हुए दिखाई देंगे।

मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाते दिखते थे और मैच के बाद हारने वाली टीम विजेता टीम को हाथ मिलाकर जीत की बधाई देती दिखती थी। लेकिन जैव सुरक्षा के माहौल को बनाए रखने के लिए खिलाड़ी ऐसा भी करते दिखाई नहीं देंगे।

लीजेंड्स चेस टूर्नमेंट के पहले दौर में हारे विश्वानथन आनंद July 21, 2020 at 08:53PM

चेन्नै पूर्व विश्व चैंपियन () को डेढ़ लाख डॉलर इनामी के पहले दौर में रूस के के खिलाफ 1.5-2.5 से हार का सामना करना पड़ा। मैग्नस कार्लसन चेस टूर में पहली बार हिस्सा रहे आनंद ने बेस्ट ऑफ फोर बाजी के मुकाबले में पहली तीन बाजी ड्रॉ खेली थीं। लेकिन उन्हें अंतिम बाजी में हार का सामना करना पड़ा। मई में ऑनलाइन नेशन्स कप में हिस्सा लेने के बाद वापसी कर रहे आनंद और स्विडलर तीन बाजी के बाद 1.5-1.5 से बराबरी थे। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अंतिम बाजी में हार के साथ मुकाबला गंवा दिया। अनुभवी बोरिस गेलफेंड ने पहले दिन उलटफेर करते हुए दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी चीन के डिंग लिरेन को 3-1 से हराया। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के कार्लसन ने नीदरलैंड के अनीष गिरी को 3-1 से शिकस्त दी, जबकि रूस के इयान नेपोमनियाची और हंगरी के पीटर लेको भी जीत दर्ज करने में सफल रहे। नेपामनियाची ने व्लादिमीर क्रैमनिक जबकि लेको ने वैसिली इवानचुक को हराया। सभी राउंड रॉबिन मैच बेस्ट ऑफ फोर मुकाबले हैं। लीजेंड्स ऑफ चेस प्रतियोगिता में चेसेबल मास्टर्स के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले कार्लसन, लिरेन, नेपोमनियाची और गिरी को स्वत: आमंत्रण मिला है और वे 40-52 आयु वर्ग के छह लीजेंड्स के साथ खेल रहे हैं, जो अपने करियर के दौरान कभी ना कभी विश्व शतरंज के शीर्ष पर रहे।