Sunday, July 19, 2020

'गुमनाम' हीरो, जिसने 1983 में बनाया विश्व विजेता July 18, 2020 at 08:56PM

भारतीय क्रिकेट की जब भी बात होगी तो 1983 वर्ल्ड कप का जिक्र जरूर होगा। यह ऐतिहासिक करिश्माई जीत भारतीय क्रिकेट में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। उस टूर्नमेंट के लिए देश के युवाओं को क्रिकेट की ओर आकर्षित किया और इस खेल में भारत आज 'किंग' बना हुआ है। विश्व विजेता टीम में कपिल देव और मदन लाल जैसे हीरोज के बीच एक ऐसा 'गुमनाम' नाम भी है, जिनका आज जन्मदिन है। जी हां, हम बात कर रहे हैं टूर्नमेंट में सबसे सक्सेसफुल बोलर रोजर बिन्नी की।

आज 65वां जन्मदिन मना रहे रोजर बिन्नी (19 जुलाई, 1955) ने उस विश्व कप में सबसे अधिक 18 विकेट झटके थे, जिसने भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत की गाथा लिखी थी। बिन्नी ने 8 मैचों में कुल 88 ओवर की गेंदबाजी की थी और 9 मेडन रखते हुए 336 रन खर्च किए थे। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/29 रहा था।

बिन्नी ने पूरे टूर्नमेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ यादगार फाइनल में उन्होंने 11 ओवर किए और महज 23 रन खर्च करते हुए किफायदी रहे, जिससे विंडीज टीम पर दबाव बना और उसने अहम विकेट खो दिए। बिन्नी ने विपक्षी टीम के कप्तान महान क्लाइव लॉयड (8) को सस्ते में पविलियन भेजा था। यह उनका मैच में इकलौता, लेकिन सबसे खास विकेट था।

1979 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले बिन्नी पहले एंग्लो-इंडियन हैं, जिन्होंने भारत के लिए इंटरनैशनल क्रिकेट खेला। करियर की बात करें तो उन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट और 72 वनडे खेले। इस दौरान क्रमश: 47 और 77 विकेट अपने नाम किए। वह टीम इंडिया की सिलेक्शन कमिटी में भी रहे।

बहुत कम लोग ही जानते हैं कि बिन्नी जूनियर टीम के कोच भी रहे। उनकी कोचिंग में मोहम्मद कैफ की कप्तानी वाली टीम ने 2000 में विश्व विजेता बनी थी। युवराज सिंह भी उस टीम में थे।

बिन्नी के ऑलराउंडर बेटे स्टुअर्ट बिन्नी ने भी भारतीय टीम के लिए इंटरनैशनल लेवल पर क्रिकेट खेला। उनकी बहु मयंती लैंगर मशहूर स्पोर्ट्स एंकर हैं।

ऑफिस किराया, बिजली-टेलीफोन बिल के भी पैसे नहीं, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन ने सभी को 7-7 लाख रु. मदद देने की बात कही July 18, 2020 at 08:54PM

कोरोनावायरस के बीच भारतीय के सभी नेशनल और स्टेट लेवल के स्पोर्ट्स एसोसिएशन आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सभी को इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (आईओए) की ओर से हर साल मिलने वाली 7-7 लाख रुपए की सहायता भी दो साल से नहीं मिली है। इसी बीच आईओए के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने सभी को यह सहायता राशि देने की बात कही, जो 29 जुलाई से पहले मिल सकती है।

बत्रा ने आईओए के एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) से बकाया सहायता राशि को जारी करने के लिए तुरंत मंजूरी देने की मांग की है। बत्रा ने लेटर में कहा कि आईओए के जिन स्थायी सदस्यों को दो साल से सहायता नहीं मिली है, उन्हें 29 जुलाई से पहले देने के लिए मंजूरी दी जानी चाहिए।

खेल संघों को 20-20 लाख रूपए देने की थी मांग
इससे पहले आईओए ईसी के सदस्य बलबीर सिंह कुशवाहा और रूपक देबरॉय ने सभी स्पोर्ट्स फेडरेशन को 20-20 लाख रुपए देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा समय में खेलों के लिए स्पॉन्सर्स नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में ऑफिस चलाना, उसका किराया, बिजली और टेलीफोन का बिल देना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सभी स्पोर्ट्स फेडरेशन को 20-20 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।

खेल मंत्रालय ने 50 फेडरेशन की मान्यता छीन ली
हाई कोर्ट के आदेश के बाद खेल मंत्रालय ने पिछले महीने 50 स्पोर्ट्स फेडरेशन की मान्यता वापस ले ली है। ऐसे में इन इन फेडरेशनों को खेल मंत्रालय और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से मिलने वाली सुविधाओं और सहायता राशि को रोक दिया गया है। ऐसे हालात में इन सभी के पास अब आईओए से मिलने वाली सहायता राशि ही अकेला सहारा है।



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आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल को लेटर में लिखा- जिन स्थायी सदस्यों को दो साल से सहायता नहीं मिली है, उन्हें 29 जुलाई से पहले राशि दी जानी चाहिए। -फाइल फोटो

Saturday, July 18, 2020

वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर ने कहा- मैं दूसरों में नहीं, बल्कि खुद में सुधार करना पसंद करता हूं, हमें वर्तमान में जीना और खुश रहना चाहिए July 18, 2020 at 06:55PM

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद सर्बिया के वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच ने लोगों से खुश रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे इंसान ही हैं और उनसे भी कई गलतियां होती हैं। यही कारण है कि वे दूसरों में नहीं, बल्कि खुद में सुधार करना पसंद करते हैं। जोकोविच ने कहा कि हमें वर्तमान में जाना चाहिए और खुश रहना चाहिए।

जोकोविच ने पिछले महीने एग्जीबिशन एड्रिया टूर चैरिटी टेनिस टूर्नामेंट कराया था। इसी दौरान उन्होंने एक नाइट क्लब में पार्टी भी की। इसके बाद जोकोविच, उनकी पत्नी और तीन अन्य खिलाड़ियों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।

हर व्यक्ति अपने आप में ओरिजनल होता है
जोकोविच अपने आप में इतने बड़े कैसे बने, इस सवाल पर उन्होंने एक मीडिया ग्रुप से कहा, ‘‘हर एक व्यक्ति अपने आप में ओरिजनल होता है। किसी को दूसरे की कॉपी नहीं करना चाहिए। हां, आप खुद को बेस्ट बनाने के लिए महान और सफल व्यक्ति को कॉपी कर सकते हैं। हर व्यक्ति को ऐसा करने का अधिकार भी है, ताकि वह अपने आप को पहचान सके और सफलता हासिल कर सके।’’

अध्यात्म शांति तलाशने का बेहतरीन जरिया
जोकोविच पिछले हफ्ते ही परिवार के साथ बोस्निया घुमने पहुंचे थे। वे अध्यात्म को भी बहुत मानते हैं। जोकोविच ने कहा, ‘‘अध्यात्म खुद में शांति तलाशने का सबसे बेहतरीन जरिया है। मैं मानता हूं कि व्यक्ति जन्म से अध्यात्मिक होता है और भगवान से जुड़ा रहता है।’’

अगले 5 साल में खुद को बहुत खुश देखना चाहता हूं
अगले 5 साल में जोकोविच अपने को कहां देखते हैं, इस सवाल पर वर्ल्ड नंबर-1 प्लेयर ने कहा, ‘‘मैं बिल्कुल नहीं जानता। मेरे कुछ लक्ष्य जरूर हैं, लेकिन मैं उनके बारे में ज्यादा नहीं सोचता हूं। मैं सिर्फ वर्तमान में जीना पसंद करता हूं और भूत-भविष्य के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता। मैं हमेशा मेहनत करना पसंद करता हूं। अगले पांच सालों में मैं बहुत खुश और सफल महसूस करना चाहता हूं।’’

जोकोविच भी रोजर फेडरर (बीच में) और राफेल नडाल (दाएं) से इंस्पायर रहते हैं।

जोकोविच भी रोजर फेडरर और राफेल नडाल से इंस्पायर रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक टेनिस चैनल से कहा था, ‘‘रोजर और राफेल ने जो किया, वह इतिहास है। दोनों लोग लेजेंड हैं। वे मुझे हमेशा इंस्पायर करते हैं। मैं यह बात लाखों बार कह चुका हूं और आगे भी कहता रहूंगा। मैं आज जिस तरह का खिलाड़ी हूं, उन्हीं दोनों की वजह से बना हूं। वे दोनों मुझे हमेशा बेहतर से बेहतर बनने के लिए मोटिवेट करते हैं।’’

टूर्नामेंट कराने में बहुत जल्दी की
आलोचनाओं के बाद जोकोविच ने चैरिटी टूर्नामेंट कराने को लेकर माफी भी मांगी थी। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं माफी मांगता हूं कि यह सब हमारे टूर्नामेंट के कारण हुआ। हम मानते थे कि टूर्नामेंट सभी हेल्थ प्रोटोकाल और गाइडलाइंस के साथ खेला जा रहा है, तो कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन हम गलत थे। यह बहुत जल्दी हो गया था।’’

जोकोविच ने 17 ग्रैंड स्लैम जीते
जोकोविच ने इसी साल के शुरुआत में रिकॉर्ड 8वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को 6-4, 4-6, 2-6, 6-3, 6-4 से हराया था। सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले मेंजोकोविच 17 खिताब के साथ तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 8 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 5 विंबलडन, 1 फ्रेंच ओपन और 3 यूएस ओपन जीता है। वर्ल्ड में रोजर फेडरर ने सबसे ज्यादा 20 ग्रैंड स्लैम जीते हैं। 19 खिताब के साथ राफेल नडार दूसरे नंबर पर हैं।

यूएस और फ्रेंच ओपन में खेलेंगे जोकोविच
जोकोविच ने इस साल के आखिर में होने वाले यूएस और फ्रेंच ओपन में खेलने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि यूएस ओपन होने की खबर सुनकर खुशी हुई है। यूएस ओपन बगैर दर्शकों के 24 अगस्त से 13 सितंबर के बीच खेला जाएगा। इसको न्यूयॉर्क गवर्नर की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद 27 सितंबर से 11 अक्टूबर तक पेरिस में फ्रेंच ओपन होना है।



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जोकोविच ने इसी साल के शुरुआत में रिकॉर्ड 8वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थिएम को हराया था।

इस पाक क्रिकेटर ने धोनी-रोहित का किया गुणगान July 18, 2020 at 06:43PM

लाहौरपाकिस्तानी क्रिकेटर () ने भारतीय टीम के लिमिटेड ओवरों के उपकप्तान () की पावर हिटिंग की तारीफ की है और कहा है कि उनके जैसा कोई दूसरा नहीं है। सावेरा पाशा से उनके यूट्यूब चैनल से बात करते हुए प्रशंसक ने उनसे रोहित के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘शानदार... अविश्वसनीय बल्लेबाज... उनको बल्लेबाजी करते देखते हुए अच्छा लगता है।' उन्होंने कहा, 'उनकी बल्लेबाजी... टेम्परामेंट... उनका समर्पण अविश्वसनीय है। वह इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने दो (तीन) दोहरे शतक लगाए हैं और 2019 वनडे विश्व कप में पांच शतक लगाए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी बल्लेबाजी की सबसे अच्छी चीज पावर हिटिंग है। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि वह लोग रोहित, बाबर आजम, विराट कोहली को देखें।’ एक और प्रशंसक ने विकेटकीपर-बल्लेबाज धोनी () के बारे में पूछा तो कामरान ने उन्हें भारत का सर्वकालिक महान खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत के सर्वकालिक महान विकेटकीपर-बल्लेबाज जिसने देश के लिए काफी कुछ हासिल किया... अविश्वश्नीय। उन्होंने जिस निरंतरता से प्रदर्शन किया, अपना औसत वनडे में 50 का रखा और कई सारी मैच विजेता पारियां खेलीं।’ उन्होंने कहा, ‘काफी सारा श्रेय धोनी को जाता है। वनडे विश्व कप, टी-20 विश्व कप, आईपीएल चैंपियंस ट्रोफी- मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर उन्होंने सब कुछ जीता है।’