Tuesday, June 30, 2020

6 पाक खिलाड़ियों का कोरोना टेस्ट आया नेगेटिव June 29, 2020 at 09:50PM

लाहौर मोहम्मद हफीज समेत छह पाकिस्तानी क्रिकेटर अब इंग्लैंड जा सकेंगे। इन खिलाड़ियों का दूसरा कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है जिसके बाद ये सभी बाकी टीम को जॉइन कर सकेंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। फखर जमां, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद रिजवान, शादाब खान और वहाव रियाज का टेस्ट भी तीन दिन में दूसरी बार नेगेटिव आया है। ये सभी अब वॉरसेसटरशर में टीम के साथ जुड़ जाएंगे। पीसीबी अब इन खिलाड़ियों को इंग्लैंड पहुंचाने का इंतजाम करेगी। और ये खिलाड़ी कब और कैसे जाएंगे इसकी जानकारी साझा की जाएगी। चार अन्य खिलाड़ी- कासिफ भट्टी, हारिस राउफ, हैदर अली और इमरान खान का टेस्ट इस हफ्ते दूसरी बार पॉजीटिव आया है। पाकिस्तानी खिलाड़ियों का पहला दल रविवार को ब्रिटेन पहुंच गया है। खिलाड़ी 14 दिन के आइसोलेशन पीरियड में हैं। पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है।

श्रीलंका ने 2011 विश्व कप फाइनल में कथित फिक्सिंग के जांच के आदेश दिए June 29, 2020 at 09:12PM

नई दिल्ली श्रीलंका ने विश्व कप 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल (2011 World Cup Final) की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है। श्रीलंका में इन दिनों यह आरोप फिर चर्चा में है कि क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल सन 2011 को भारत को 'बेच' दिया गया था। खेल मंत्रालय के सचिव केडीएस रुवानचंद्रा ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि यह जांच पुलिस को सौंप दी गई है। खेलों से जुड़ी पुलिस की स्पेशल इंस्टिगेटिंग यूनिट इसकी जांच करेगी। पूर्व खेल मंत्री महिंदानंद अलुथगामगे (Mahindananda Aluthgamage) ने आरोप लगाया था कि 2011 का विश्व कप श्रीलंका ने भारत को सौंप दिया था। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि अब मैं इस बारे में बात कर सकता हूं मैं खिलाड़ियों को कोई से नहीं जोड़ रहा हूं लेकिन कुछ सेक्शन इसमें जुड़े हुए थे। श्रीलंका ने अर्जुना रणतुंगा (Arjuna Ranatunga) की कप्तानी में आखिरी बार 1996 में वर्ल्ड कप जीता था। इस टीम के कप्तान रहे रणतुंगा ने भी 2011 के वर्ल्ड कप के नतीजों पर हैरानी जताते हुए पहले इसकी जांच करने की बात कही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व कप्तान और 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल के चीफ सिलेक्टर रहे अरविंद डिसिल्वा को जांच एजेंसियों ने मंगलवार को बुलाया है। श्रीलंका ने वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में 50 ओवर में छह विकेट पर 274 रन का लक्ष्य बना और बनाया। श्रीलंकाई टीम ने मजबूत शुरुआत की थी और सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) 18 रन बनाकर पविलियन लौट गए थे। भारत ने मैच में बहुत अच्छी वापसी की थी। श्रीलंकाई टीम की फील्डिंग भी काफी खराब रही थी जिससे भारतीय बल्लेबाजों को काफी मदद मिली। गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने 97 रनों की पारी खेली थी। आखिर में महेंद्र सिंह धोनी (91) (Mahendra Singh Dhoni Six) ने छक्का लगाकर कुमार संगाकारा की टीम को मात दी। वानखेड़े स्टेडियम में हुए फाइनल में भारत ने 6 विकेट से जीत हासिल की थी। संगकारा ने कहा था कि अलुथगामगे को अपने आरोप आईसीसी के साथ साझा करने चाहिए। श्रीलंका में पहले भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिक्सिंग के मामले उठ चुके हैं। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी ऐसे आरोप लगे थे।

आज भी सचिन को आउट करने के लम्हे को लफ्जों में बयान नहीं कर सकता: भुवनेश्वर कुमार June 29, 2020 at 08:26PM

एस. सहारॉय, चेन्नै जब 19 साल के थे तब पहली बार चर्चा में आए। उन्होंने साल 2009 में सचिन तेंडुलकर को जीरो पर आउट किया। यह घरेलू क्रिकेट में पहला मौका था जब सचिन खाता नहीं खोल पाए थे। उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए भुवनेश्वर ने अपने स्पैल की 14वीं गेंद पर आउट किया था। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज की कटर सचिन के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेते हुई पैड से टकराई और हवा में उछल गई। डीप शॉर्ट लेग पर खड़े फील्डर ने दौड़कर कैच लपका। इस बात को 11 साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी इसे याद करके भुवनेश्वर कुमार के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने एक वेबीनार में कहा, 'मैं खुशकिस्मत था कि उन्हें आउट कर पाया। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। इस तरह के लम्हों को आप सिर्फ महसूस कर सकते हो बयां नहीं कर सकते।' भुवनेश्वर इसका श्रेय पूर्व भारतीय बल्लेबाज और यूपी की टीम के कप्तान रहे मोहम्मद कैफ को देते हैं जिन्होंने उस गैरपरंपरागत पोजीशन पर फील्डर को तैनात किया। उन्होंने कहा, 'यह उस तरह की कटर गेंद थी जिसने आखिरी लम्हे पर अपनी लाइन नहीं बदली। दुनिया में ऐसे बहुत अधिक गेंदबाज नहीं हैं जिन्हें इस तरह की गेंद में महारत हासिल हो। और मैं हमेशा कहता हूं कि इस विकेट का श्रेय मोहम्मद कैफ को जाता है। वह इसलिए वह फील्डर बहुत अजीब जगह पर था। आमतौर पर वहां कोई फील्डर नहीं होता। लेकिन गेंद उस फील्डर के पास गई और उसने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। मैं फिर कहता हूं कि विकेट का श्रेय कैफ को दिया जाना चाहिए।' भुवी ने मैच से पहले की एक और घटना को याद किया। उन्होंने कहा, 'हम एक ही होटल में रुके हुए थे। तो मैं होटल में अपने कमरे से बार आया और देखा कि सचिन तेंडुलकर का कमरा मेरे कमरे के साथ में है। तो मैं अपने कमरे में वापस चला गया। जब सचिन पाजी अपने कमरे से बाहर निकले और लिफ्ट की ओर चले तभी मैं बाहर आया।' भुवी ने कहा, 'लिफ्ट के अंदर, मैं उन्हें नोटिस कर रहा था और वह अपने फोन में बिजी थे। मैं उनसे इतना प्रभावित था कि बस यही देख रहा था कि मैच से पहले वह कैसा व्यवहार करते हैं। जब मैं उन्हें बोलिंग कर रहा था मेरे दिमाग में यह चल रहा था कि अब मैं सचिन को बोलिंग कर रहा हूं। मैं इस पर फोकस नहीं कर रहा था कि मुझे कैसी बोलिंग करनी है। 19 साल का एक लड़का दुनिया के बेस्ट बल्लेबाज को बोलिंग करने वााला था और उसे यह नहीं पता था कि वह क्या करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत यादगार लम्हा था।'

Monday, June 29, 2020

शाहिद अफरीदी ने कहा- इमरान खान की टीम में यूनिटी की कमी; मैं गरीबों की मदद कर रहा था, मंत्री छुट्टियां मना रहे थे June 29, 2020 at 07:50PM

शाहिद अफरीदी ने इशारों में इमरान खान सरकार पर निशाना साधा। अफरीदी के मुताबिक, इमरान सरकार में एकता की कमी है और ये पूरा मुल्क देख रहा है। अफरीदी पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हुए थे। अब ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा- जब मैं देश के पिछड़े इलाकों में जाकर गरीबों की मदद कर रहा था, तब कुछ मंत्री और सांसद उसी इलाके में जाकर छुट्टियां मना रहे थे।
पिछले साल तक अफरीदी अकसर इमरान के साथ नजर आते थे। लेकिन, अब यह सिलसिला थम चुका है। शाहिद अपने फाउंडेशन के जरिए गरीबों की मदद करते रहे हैं।

कोरोना से खौफ खाने की जरूरत नहीं
शाहिद 13 जून को पॉजिटिव पाए गए थे। सोमवार को एक इंटरव्यू में उन्होंने कोरोना समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। खुद के संक्रमित होने के सवाल पर कहा, “मैं जानता था कि मैं भी संक्रमित हो सकता हूं। और यही हुआ। अब मैं बिल्कुल ठीक हूं। मैंने क्वारैंटाइन नहीं किया। तीन दिन बाद कमरे से बाहर आ गया। ट्रेनिंग शुरू की। इस बीमारी में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। लेकिन, इसको सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। ये भी ध्यान रहे कि लापरवाही न करें। रही बात स्मार्ट लॉकडाउन की तो यह मेरी समझ में नहीं आया।”

गरीबी और बेरोजगारी से कैसे निपटेंगे
एक सवाल के जवाब में इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा, “कोविड-19 बहुत छोटी चीज है। यह तो चली जाएगी। हमारे देश में सबसे बड़ी दिक्कत गरीबी और बेरोजगारी है। महामारी से तो हम निपट लेंगे। लेकिन, जरा सोचिए कि गरीबी और बेरोजगारी का क्या करेंगे। पॉश इलाकों में तो समझ दिखी। लेकिन, ज्यादातर लोगों और खासतौर पर गरीब बस्तियों में कोविड-19 को लेकर लोग जागरूक नहीं थे। मुझे लगता है कि हम जैसे लोग बहुत अच्छी जिंदगी गुजार रहे हैं।”

छुट्टियां मना रहे थे मिनिस्टर्स
शाहिद ने सरकार से जुड़े मामलों पर भी बात की। कहा, “सरकार अहसास प्रोग्राम चला रही है। लेकिन, लोगों को राशन पानी नहीं मिला। मैं क्वेटा के आसपास के इलाकों में लोगों की मदद के लिए गया। राशन बांटा। लेकिन, यह कहते हुए अफसोस होता है कि हमारे यहां ऐसे भी मिनिस्टर्स और सांसद हैं जो वहां छुट्टियां मनाने गए। उन्हें रास्तों में मिलने वाले इन गरीबों की तकलीफ का अहसास नहीं था। भूखे बच्चे नंगे पैर घूम रहे थे।”

कुर्सी की जरूरत नहीं
इमरान सरकार पर निशाना साधते हुए अफरीदी ने कहा, “हमारे नेताओं को ऊपर वाले ने कुर्सी और ताकत दी। ये लोग गरीबों की मदद क्यों नहीं करते। मेरे पास तो कुर्सी नहीं है। बस, अच्छी नियत जरूरी है। अब इन लोगों को ऊपर वाले को और यहां भी जवाब देना होगा। एनजीओ सिर्फ मीडिया में नजर आने के लिए शहरों में काम करते हैं। मुझे कुर्सी नहीं चाहिए। मैं फिलहाल सियासत में नहीं आना चाहता। इमरान खान की टीम में यूनिटी की कमी है। ये पूरा मुल्क देख रहा है। प्रधानमंत्री के पास बहुत बड़ा मौका है।”

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फोटो पिछले साल 13 सितंबर का है। तब शाहिद अफरीदी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ पीओके के मुजफ्फराबाद में एक रैली में शामिल हुए थे। इसके बाद से दोनों साथ नजर नहीं आए।