Monday, June 29, 2020

ऑस्ट्रेलिया: फिक्सिंग का सरगना भारतीय, BCCI की है नजर June 28, 2020 at 07:52PM

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इंटरनैशनल मैचों की फिक्सिंग का रैकेट चलाने वाले ग्रुप की पहचान की है, जिसका सरगना एक भारतीय है। नाम के इस शख्स को विक्टोरिया पुलिस ने इस रैकिट का 'मुख्य सरगना' बताया है। यह शख्स चंडीगढ़ के पास स्थित मोहाली का रहने वाला है, जो बीते कई सालों से भारतीय क्रिकेट बोर्ड की नजर में भी है। शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के अखबार सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने विक्टोरिया पुलिस के हवाले से इस संबंध में एक खबर प्रकाशित की थी। पुलिस ने इसे का मुख्य सरगना बताया है, जो टेनिस में कम रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को मैच में सट्टा लगने के बाद मैच छोड़ने के लिए कहता था। एक अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में बीसीसीआई की ऐंटी करप्शन यूनिट (ACU) के हेड अजीत सिंह से दांडीवाल को लेकर बात की। अजीत सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से मोहाली से है, जो मध्य एशिया में खूब सक्रिय रहा है। उसका नाम क्रिकेट लीग का आयोजन करने वाले लोगों में भी शुमार है। एक बार उसने एक निजी लीग का आयोजन हरियाणा में भी किया था, तब एसीयू उस तक पहुंचने में विफल रही थी। बीसीसीआई ने अपने सभी पंजिकृत खिलाड़ियों को अडवाइजरी जारी की थी कि उन्हें इस लीग में भाग नहीं लेना है। एसीयू के एक अन्य अधिकारी ने बताया, 'ऑस्ट्रेलियाई पुलिस द्वारा दिखाई गई फोटो में दांडीवाल को फिक्सिंग का सरगना बताया गया है। यह भारतीय शख्स बीसीसीआई की रडार पर भी है। हम अपने घरेलू और राष्ट्रीय खिलाड़ियों के शैक्षिक सत्र में हमेशा अपने खिलाड़ियों को इस शख्स से सावधान रहने के बारे में बताते हैं।' हालांकि सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की खबर के मुताबिक पुलिस ने अभी दांडीवाल पर अभी किसी तरह के आरोप तय नहीं किए हैं। हेराल्ड की खबर के मुताबिक भारतीय मूल के दो अन्य शख्स राजेश कुमार और हरसिमरत सिंह, जो मेलबर्न में रहते हैं, उन्हें मेलबर्न कोर्ट में पेश किया गया था। इन पर पुलिस का आरोप है कि इन दोनों ने फिक्सिंग कर 3 लाख 30 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गैर-कानूनी ढंग से जीते हैं। विक्टोरिया पुलिस ने इन दोनों पर 2018 में खेले गए कम से कम दो टेनिस टूर्नमेंट में 'भ्रष्टाचार' के आरोप दायर किए हैं। ये टूर्नमेंट ब्राजील और इजिप्ट में खेले गए थे। राजीव और हरसिमरत पर आरोप है कि उन्हें दांडीवाल से यह सूचना मिली थी कि एक या इससे ज्यादा खिलाड़ियों ने के साथ मिलकर मैच के रिजल्ट को प्रभावित करने की हामी भरी थी।

Sunday, June 28, 2020

वेस्टइंडीज टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो वाली टी-शर्ट पहनकर खेलेगी, आईसीसी ने मंजूरी दी June 28, 2020 at 08:01PM

वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट की सीरीज में ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो वाली टी-शर्ट पहनकर खेलेगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने भी इसकी मंजूरी दे दी है। कोरोनावायरस के बीच करीब 3 महीने बाद इस सीरीज के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हो रही है। पहला टेस्ट 8 जुलाई को इंग्लैंड के साउथम्पटन में खेला जाएगा।

हाल ही में अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लायड की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद रंगभेद का मामला सामने आया था। इसके बाद फुटबॉल और क्रिकेट के अलावा खेल जगत के सभी खिलाड़ियों ने ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट को सपोर्ट किया। क्रिकेट में वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर, क्रिस गेल और ड्वेन ब्रावो ने इसके खिलाफ आवाज उठाई।

क्रिकेट इतिहास में यह बड़ा बदलाव
जेसन होल्डर ने इसे बड़ा बदलाव बताया है। उन्होंने क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो से कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इसके खिलाफ मजबूत से आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। सभी को जागरुकता के लिए मदद करना चाहिए। यह खेल, क्रिकेट और वेस्टइंडीज टीम के इतिहास में बड़ा बदलाव है। हम यहां इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने आए हैं, लेकिन इसके साथ दुनिया में चल रहे बराबरी और न्याय की लड़ाई में भी साथ दे रहे हैं।’’

अलीशा ने डिजाइन किया लोगो
ब्लैक लाइव्स मैटर लोगो को डिजाइनर अलीशा होसना ने डिजाइन किया है। ठीक इसी तरह का लोगो फुटबॉल टूर्नामेंट इंग्लिश प्रीमियर लीग में भी इस्तेमाल किया गया था। लीग की सभी 20 टीमों के खिलाड़ी लोगो लगी टी-शर्ट पहनकर ही मैच खेले थे।

हर सीरीज से पहले एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरुकता अभियान चले
होल्डर ने कहा कि नस्लवाद को भी क्रिकेट में डोपिंग और मैच फिक्सिंग की तरह गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि टीमों को किसी भी सीरीज से पहले एंटी-डोपिंग और एंटी-करप्शन के साथ एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरुक करने के लिए सेमीनार की शुरूआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने किसी नस्लीय भेदभाव का अनुभव नहीं किया है, लेकिन मैंने अपने आसपास ऐसा सुना या देखा है। मुझे नहीं लगता कि नस्लवाद किसी भी तरह डोपिंग या भ्रष्टाचार से अलग है। इसके लिए अलग से जुर्माना लगाया जाना चाहिए।’’

खिलाड़ी पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की गवर्निंग बॉडी के एंटी-रेसिज्म कोड के तहत कोई खिलाड़ी तीसरी बार दोषी पाया जाता है, तो उस पर आजीवन प्रतिबंध लग सकता है। वहीं पहली बार गलती के लिए 4 टेस्ट या 8 मैचों में खेलने पर प्रतिबंध लगता है।

सरफराज पर लगा था 4 मैच का प्रतिबंध
पिछले साल पाकिस्तान टीम के कप्तान रहे सरफराज अहमद ने दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर एंडिले फेहुलक्वायो पर नस्लवादी टिप्पणी की थी। इसके बाद सरफराज को 4 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा था।



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वेस्टइंडीज टीम के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा- किसी भी सीरीज से पहले एंटी-डोपिंग और एंटी-करप्शन के साथ एंटी-रेसिज्म को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जाए।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंदों का सामना करने वाले टॉप 5 बल्लेबाज June 28, 2020 at 07:03PM

टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज के धैर्य और संयम की परीक्षा होती है। यहां क्रीज पर अधिक से अधिक समय बिताना और गेंदबाज को थकाकर रन बनाने के अवसर जुटाने की परंपरा रही है। टेस्ट क्रिकेट को किसी बल्लेबाज की तकनीक की असली कसौटी माना जाता है। तो एक नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट में सबसे गेंदों का सामना करने वाले क्रिकेटरों पर...

‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ लोगो पहनेंगे कैरेबियाई क्रिकेटर June 28, 2020 at 06:50PM

मैनचेस्टर इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में के क्रिकेटर खेलों में नस्लवाद के विरोधस्वरूप ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का लोगो अपनी शर्टके कॉलर पर पहनेंगे। अमेरिकी अश्वेत की मौत के बाद इस मसले पर खुलकर बोलने वाले कप्तान जैसन होल्डर ने एक बार फिर एक बयान में कहा, ‘हमारा मानना है कि एकजुटतजा दिखाना और जागरूकता पैदा करने में मदद करना हमारा फर्ज है।’ आईसीसी से स्वीकृत लोगो को एलिशा होसाना ने डिजाइन किया है। इस महीने की शुरूआत में प्रीमियर लीग में सभी 20 क्लबों के खिलाड़ियों ने अपनी शर्ट पर यह लोगो पहना था। होल्डर के हवाले से ईएसपीएन क्रिकइन्फो ने कहा, ‘यह खेलों के इतिहास में और वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए अहम क्षण है।’ उन्होंने कहा, ‘हम यहां विजडन ट्रोफी जीतने आए हैं लेकिन दुनिया में जो रहा है, उससे भी वाकिफ हैं और इंसाफ तथा समानता के लिए लड़ेंगे।’ होल्डर ने कहा, ‘युवा खिलाड़ियों के एक समूह के रूप में हमें वेस्टइंडीज क्रिकेट के समृद्ध इतिहास की जानकारी है और हमें पता है कि आने वाली नस्ल के लिए हम उस विरासत के वाहक हैं।’ उनका मानना है कि नस्लवाद के मामले में भी डोपिंग और भ्रष्टाचार की तरह कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमने यह लोगो पहनने का फैसला हलके में नहीं लिया। हमें पता है कि चमड़ी के रंग पर टिप्पणी करने पर कैसा लगता है । समानता और एकता जरूरी है । जब तक वह नहीं होगी, हम चुप नहीं बैठ सकते।’