Thursday, June 18, 2020

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान अफरीदी ने कहा- मुझे पहले से पता था कि संक्रमित हो सकता हूं, शुरुआत के 2-3 दिन बहुत दर्द में बीते June 17, 2020 at 09:39PM

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी पिछले हफ्ते ही कोरोना से संक्रमित हुए हैं। उन्होंने बताया था कि वे क्वारैंटाइन में हैं। अब उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर कर कहा कि उन्हें पहले से पता था कि वे संक्रमित हो सकते हैं। वे अब ठीक हो रहे हैं, लेकिन शुरुआत के 2-3 दिन काफी दर्द में बीते थे।

अफरीदी ने कहा, ‘‘मुझे पता था कि मैं कोरोना से संक्रमित हो सकता हूं, क्योंकि मैं चैरिटी के काम से बहुत ज्यादा यात्रा कर रहा था। हालांकि मैं संतुष्ट हूं कि मुझे कोरोना देर से हुआ और इस बीच मैं बहुत से लोगों की मदद कर सका। यदि कोरोना पहले हो जाता तो शायद मैं इतने लोगों की मदद नहीं कर सकता।’’

2-3 दिनबहुत दर्द में बीते
अफरीदी ने फेसबुक वीडियो में कहा है कि उनके तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। अब वे ठीक महसूस कर रहे हैं। अफरीदी ने कहा कि शुरूआत के 2-3 दिन काफी खराब रहे थे। उनके शरीद में काफी दर्द हो रहा था। वे दवा ले रहे हैं, अब उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

बच्चों को नहीं लगा पा रहा हूं गले
अफरीदी ने कहा, ‘‘मेरे लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि मैं बच्चों को प्यार नहीं कर सकता और न ही उन्हें गले लगा सकता हूं। मुझे अपने बच्चों की याद आती है, लेकिन उनको सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतना और दूरी बनाए रखना जरूरी है। इस बीमारी को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। जब तक आप खुद किसी बीमारी से नहीं लड़ते, तब तक आप इसे हरा नहीं सकते।’’

अफरीदी ने 27 टेस्ट में 1716 और 398 वनडे में 8064 रन बनाए हैं। उनके नाम 99 टी-20 में 1416 रन हैं। आईपीएल में अफरीदी ने सिर्फ 10 ही मैच खेले हैं, जिसमें 81 रन बनाए थे।

ट्वीट कर कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी
अफरीदी ने पिछले हफ्ते ट्वीट के जरिए कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘मैं गुरुवार से बीमार महसूस कर रहा हूं। शरीर में काफी दर्द है। मैंने टेस्ट कराया और बदकिस्मती से मैं पॉजिटिव हूं। जल्द सेहतमंद होने के लिए दुआओं की जरूरत है।’’

गौतम गंभीर ने भी जल्द स्वस्थ होने की कामना
हाल ही में भारत के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा था, ‘‘किसी को भी इस वायरस से संक्रमित नहीं होना चाहिए। शाहिद अफरीदी के साथ मेरे राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन मैं चाहता हूं कि वे जल्द से जल्द ठीक हों। अफरीदी से ज्यादा मैं चाहता हूं कि मेरे देश में संक्रमित हर व्यक्ति जल्द से जल्द ठीक हो जाए।’’



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अफरीदी ने 27 टेस्ट में 1716 और 398 वनडे में 8064 रन बनाए हैं। उनके नाम 99 टी-20 में 1416 रन हैं। -फाइल फोटो

इन खिलाड़ियों ने की सबसे ज्यादा वनडे इंटरनैशनल मैचों में कप्तानी June 17, 2020 at 09:08PM

क्रिकेट में कप्तान की भूमिका किसी अन्य खेल के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। यहां कप्तान पूरे खेल को नियंत्रित कर सकता है। वह टॉस के आधार पर बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुन सकता है। वह बैटिंग ऑर्डर, गेंदबाजी, फील्डिंग का चयन करता है। टीम के अच्छे-बुरे प्रदर्शन के लिए नजर कप्तान पर रखी जाती है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने लंबे समय तक यह जिम्मेदारी संभाली। देखते हैं वनडे इंटरनैशनल में सबसे ज्यादा कप्तानी करने वाले खिलाड़ी।

2011 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम मेरी विरासत: गांगुली June 17, 2020 at 08:00PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट का नया इतिहास लिखने का श्रेय पूर्व कप्तान () को ही जाता है। गांगुली ही वह शिल्पकार थे, जिसने वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया को तराशना शुरू किया था। 2011 में भारतीय टीम जब वर्ल्ड कप जीती थी उस टीम का हिस्सा भले सौरभ गांगुली न हों लेकिन इस जीत की बुनियाद उन्होंने ही रखी थी। 2011 वर्ल्ड कप जीत का हिस्सा ज्यादातर ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत गांगुली के ही नेतृत्व में की थी और यह गांगुली ही थे, जिन्होंने इन खिलाड़ियों को मैच विनर बनाने का हौसला दिया। मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ऑनलाइन लेक्चर अनअकैडमी में टीम इंडिया की वर्ल्ड कप जीत पर बात कर रहे थे। इस दौरान दादा ने कहा, 'मैंने हमेशा उन खिलाड़ियों को सपॉर्ट किया, जो मैच जिता सकते थे। कप्तान के रूप में यह मेरी विरासत है।' इस पूर्व लेफ्टहैंडर बल्लेबाज ने कहा, 'मुझे इस बात पर गर्व है कि मेरी बनाई हुई टीम में घरेलू और विदेशी पिचों पर मैच जीतने की क्षमता आई।' बता दें वीरेंदर सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा और ने सौरभ गांगुली के नेतृत्व में ही अपने करियर की शुरुआत की थी। ये सभी खिलाड़ी वर्ल्ड कप 2011 की विनिंग टीम का हिस्सा थे। गांगुली को भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में गिना जाता है। 2011 वर्ल्ड कप जीत पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, 'मुझे याद है मैं उस रात वानखेड़े मैदान में ही था। मैं धोनी को देखने के लिए कॉमेंट्री बॉक्स से बाहर आ गया था। मुझे तब 2003 वर्ल्ड कप याद आ गया था। मैच जिस टीम की कप्तानी कर रहा था वह टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। मुझे बेहद खुशी हुई थई कि धोनी के पास ट्रोफी जीतने का मौका था और उन्होंने वह कर दिखाया।' बता दें धोनी की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी वे थे, जो 2003 वर्ल्ड कप का भी हिस्सा थे। इनमें सचिन तेंडुलकर, वीरेंदर सहवाग, युवराज सिहं, जहीर खान, आशीष नेहरा और हरभजन सिंह शामिल हैं। इस रॉयल बंगाल टाइगर ने कहा, 'लेकिन मेरे लिए भी सबसे बड़ा दिन वही था, जब 2011 में भारत ने वर्ल्ड कप अपने नाम किया। धोनी ने अंतिम गेंद पर शानदार छक्का लगाया, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।'

Wednesday, June 17, 2020

नेपोली ने छठी बार खिताब जीता, युवेंटस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया; रोनाल्डो बाहर बैठकर टीम को हारते हुए देखते रहे June 17, 2020 at 08:08PM

इटली के फुटबॉल टूर्नामेंट कोपा इटेलियन कप को क्लब नेपोली ने छठी बार अपने नाम कर लिया है। उसने बुधवार को फाइनल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम युवेंटस को पेनल्टी शूटआउटमें 4-2 से शिकस्त दी। कोरोनावायरस के बीच यह मैच बगैर दर्शकों के खेला गया। नेपोली ने पिछली बार 2014 में यह खिताब जीता था।

दोनों टीमों के बीच फाइनल बगैर किसी गोल के ड्रॉ हो गया था। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट से मुकाबले का नतीजा निकला। रोनाल्डो को टीम की ओर से पेनल्टी लेनीथी, लेकिन इससे पहले पाब्लो डिबाला और डेनिलो गोल करने से चूक गए। ऐसे में अपनी बारी आने से पहले रोनाल्डो डगआउट में बैठकर टीम को हारते हुए देखते रहे।

नेपोली ने पिछला खिताब 2014 में जीता था।

फाइनल 200 से ज्यादा देशों में लाइव दिखाया गया
नेपोली के लिए लॉरेंजो इंसिग्नी, मेटियो पोलितनो, निकोला मक्सिमोविच और अर्कदियुस्ज मिलिक ने 1-1 गोल किए। वहीं, युवेंटस की ओर से लियोनार्डो बोनुकी और आरोन रामसे ने गोल दागा। यह फाइनल मैच चीन और भारत समेत 5 महाद्वीप के 200 से ज्यादा देशों में लाइव दिखाया गया था।

हार के बाद रोनाल्डो अपने आंसू नहीं रोक सके।

रोनाल्डो के साथी खिलाड़ी जुआन कॉडराडो ने कहा, ‘‘मैच हारने के बाद वे थोड़ा दुखी थे। जब भी मैच पेनल्टी शूटआउट में जाता है, तो यह एक लॉटरी की तरह हो जाता है।’’ उन्होंने कहा कि रोनाल्डो के पास मैच के 5वें मिनट में गोल करने का शानदार मौका था, लेकिन नेपोली के दूसरी पसंद रहे गोलकीपर एलेक्स मेरेट ने कोशिश नाकाम कर दी थी।

रोनाल्डो तेज रफ्तार के लिए जूझ रहे हैं
युवेंटस के कोच मॉरिजियो सारी ने कहा कि रोनाल्डो जिस तेज रफ्तार के लिए फेमस हैं, अब उसके लिए जूझ रहे हैं। यह सब लॉकडाउन के कारण मिले आराम की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब लंबे समय तक मैच नहीं खेलते हैं, तो ऐसा होना आम बात है। वहीं, इस जीत के साथ ही नेपोली को यूरोपा लीग के ग्रुप स्टेज में डायरेक्ट एंट्री मिल गई है।

2012 के फाइनल में नेपोली ने युवेंट्स को हराया था
नेपोली और युवेंटस कोपा इटेलियन के फाइनल में 12वीं बार आमने-सामने आई थीं। इसमें दोनों टीमें 5-5 बार मैच जीतने में कामयाब हो सकीं। जबकि दो मुकाबले ड्रॉ खेले गए। पिछली बार दोनों टीमें मई 2012 के फाइनल में टकराई थीं। इस मैच में भी नेपोली को सफलता मिली थी। टीम युवेंटस को 2-0 से हराया था।



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युवेंटस के क्रिस्टियानो रोनाल्डो (बीच में) और पाब्लो डिबाला (बाएं) डकआउट में बैठकर टीम को हारते देखते हुए।