Saturday, June 6, 2020

स्पेस में महामुकाबला, पृथ्वी की ओर से चाल चलेंगे कर्जाकिन June 05, 2020 at 06:21PM

ग्रैंडमास्टर सर्गेई कारजाकिन 9 जून को पृथ्वी बनाम अंतरिक्ष चेस मुकाबले में धरती का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं। वह आईएसएस स्पेस की ओर से खेलने वाले कॉस्मोनॉट्स अनातोली इविनेशिन और इवान वैगनर के खिलाफ अपनी चाल चलेंगे।

पेस की निगाहें खास शतक पर, कोरोना डाल रहा अड़ंगा June 05, 2020 at 08:11PM

नई दिल्लीभारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम टूर्नमेंटों का शतक करने से सिर्फ तीन टूर्नमेंट दूर है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण खेल प्रतियोगिताएं ठप्प होने से इस उपलब्धि को हासिल करने को लेकर उनके मन में अनिश्चितता बरकरार है। अपने शानदार करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके पेस तोक्यो ओलिंपिक में खेलकर रेकॉर्ड भी बनाना चाहते हैं। पेस ने पिछले साल कहा था कि 2020 उनके करियर का आखिरी साल होगा और वह आठवीं बार ओलिंपिक में खेलकर संन्यास ले लेंगे। कोरोना वायरस महामारी के कारण चार साल में होने वाले इन खेलों को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। पेस ने टेबल टेनिस खिलाड़ी के ‘चैट शो’ ‘स्पॉटलाइट’ में कहा, ‘ओलिंपिक में अभी काफी समय है।' उन्होंने आगे कहा- मुझे नहीं लगता कि टेनिस टूर्नमेंट जुलाई या अगस्त तक शुरू हो पाएंगे। यह शायद अक्टूबर या नवंबर से शुरू हो, अभी किसी को कुछ नहीं पता। मैं और मेरी टीम बहुत अच्छी तरह से तैयार हैं कि जब लॉकडाउन खुलेगा तब हम उसका मूल्यांकन करेंगे और तय करेंगे हमें 2021 में खेलना चाहिए या नहीं। पेस 17 जून को 47 साल के हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह एक और उपलब्धि को हासिल करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने 97 खेले हैं, ऐसे में अगर मैं तीन और खेल लूंगा तो यह 100 हो जाएगा। इस बारे में सोच कर मैं प्रेरित (खेल जारी रखने को लेकर) होता हूं। इसके अलावा मैं आठवीं बार ओलिंपिक में भी जाना चाहूंगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके की सबसे ज्यादा ओलिंपिक खेलने वालों में एक भारतीय शीर्ष पर है।’

Friday, June 5, 2020

वियतनाम में 50 दिन बाद फुटबॉल की वापसी, 30 हजार दर्शकों की मौजूदगी में मैच हुआ June 05, 2020 at 08:02PM

कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में बिना फैन्स के फुटबॉल टूर्नामेंट शुरू हो रहे हैं। वहीं, वियतनाम में 50 दिन बाद दर्शकों की मौजूदगी में फुटबॉल की वापसी हुई। यहां की प्रोफेशनल फुटबॉल लीग में शुक्रवार को तीन लीग मुकाबले खेले गए। एक मैच में तो करीब 30 हजार दर्शक मौजूद थे।

इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी बहुत ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। दर्शक एक-दूसरे के बिल्कुल करीब बैठे थे। ज्यादातर लोगों ने मास्क भी नहीं पहने थे।स्टेडियम में एंट्री करने से पहले जरूर दर्शकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी।

स्टेडियम में मैच देखने पहुंचे एक दर्शक ने बताया कि अगर हम कोरोना से डरते तो मैच देखने ही नहीं आते। हमारे देश में कोरोना से लड़ने के जो उपाय अपनाए गए, वो लोगों को स्वस्थ रखने में सफल रहे। इसलिए अब लोग घर से निकलकर स्टेडियम आ रहे हैं।

वियतनाम में कोरोना की वजह से मार्च में प्रोफेशनल फुटबॉल लीग पर रोक लगाई थी। एक दिन पहले ही मुकाबले शुरू हुए।

वियतनाम के फुटबॉल कप्तान ने कहा- दर्शको्ं की मौजूदगी सुखद

वियतनाम की फुटबॉल टीम के कप्तान क्वे हई भी दर्शकों की मौजूदगी से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा- दर्शकों को स्टेडियम में देखना सुखद एहसास है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हमारी दूसरे देशों से तुलना की जाए। लेकिन कोरोना के बावजूद वियतनाम में फुटबॉल की वापसी हुई है। यह बताता है कि हमने कोरोना के खिलाफ लड़ाई कितनी मजबूती से लड़ी है।

वियतनाम में शुक्रवार से प्रोफेशनल फुटबॉल लीग शुरू हुई है। इसके मुकाबले देखने के लिए स्टेडियम में हजारों की संख्या में फैन्स पहुंच रहे।

वियतनाम में कोरोना की वजह से मार्च में फुटबॉल पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन इन 50 दिनों में इस 10 करोड़ की आबादी वाले देश में कोरोना के सिर्फ 328 मामले ही सामने आए, जबकि किसी भी संक्रमित की मौत नहीं हुई। वो भी तब जब वियतनाम की सीमा चीन से लगी है। जहां के वुहान शहर से कोरोना पूरी दुनिया में फैला।

वियतनाम में बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग हुई

कोरोना को नियंत्रित रखने के लिए दुनियाभर में वियतनाम की तारीफ हो रही है। यहां संक्रमण को काबू में रखने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग की गई। सेंट्रलाइज्ड क्वारैंटाइन प्रोग्राम बनाया गया। इससे वायरस को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली।

स्टेडियम में पहुंचे दर्शकों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। लेकिन कोई भी मास्क पहने नजर नहीं आ रहा।

इटली, स्पेन में बिना दर्शकों के होगी क्लब फुटबॉल की वापसी

वियतनाम में दर्शकों के साथ फुटबॉल की वापसी उन तमाम देशों के लिए सबक है जो इस खेल की वापसी को लेकर जूझ रहे हैं। जर्मनी में पिछले महीने ही क्लब फुटबॉल की वापसी हुई है। लेकिन यहां भी दर्शकों को स्टेडियम में आने की इजाजत नहीं है। न ही खिलाड़ी गोल का जश्न मना सकते हैं।

इसी महीने इटली, स्पेन और इंग्लैंड में भी क्लब फुटबॉल की वापसी होनी है। लेकिन यहां भी कोरोना का इतना ज्यादा डर है कि ट्रेनिंग के दौरान भी फैन्स को आने की इजाजत नहीं है। खिलाड़ियों और स्टाफ के लगातार कोरोना टेस्ट हो रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
वियतनाम के नाम डिन प्रांत में विटेल और नैम हा डिन क्लब के बीच घरेलू वी लीग में मुकाबला हुआ। इसे देखने के लिए स़्टेडियम में हजारों दर्शक मौजूद थे।

कोरोना का बहाना बना सैंपल देने से किया इनकार तो चार साल का बैन June 05, 2020 at 07:51PM

साबी हुसैन, नई दिल्ली की आड़ लेकर जानबूझकर डोपिंग टेस्ट से बचने वाले ऐथलीट्स पर चार साल का बैन लगाया जाएगा। नैशनल ऐंटी डोपिंग एजेंसी () ने यह घोषणा की है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जो ऐथलीट घर आने वाले डोप कंट्रोल ऑफिसर्स (डीसीओ) को जानबूझकर सैंपल देने से इनकार करेंगे उनके साथ ऐसा किया जाएगा। नाडा द्वारा दी गईं गाइडलाइंस के मुताबिक तोक्यो ओलिंपिक के संभावितों की ड्रग टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही देश में खेल गतिविधियां और नैशनल कैंप भी दोबारा शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके साथ ही अगर कोई खिलाड़ी अधिकारियों को सैंपल सौंपते समय दस्ताने और डिस्पोजेबल फेस बाक्स नहीं पहनेंगे या हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल नहीं करेगा, तो इसे दंडनीय अपराध माना जाएगा। भारत के विशेष ऐथलीट्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए डीसीओ को भी विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नाडा ने कहा है कि डीसीओ को विजिट की सुबह और शाम को स्व-प्रत्यापण करना होगा, 'उन्हें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं है।' उन्हें यह भी स्पष्ट करना होगा कि- 'वे किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं जिसकी कोविड-19 की रिपोर्ट आनी बाकी है या जो पॉजीटिव रह चुका है। और वे ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में नहीं हैं जो क्वॉरनटीन या सेल्फ-आइसोलेशन में है। साथ ही वे कोविड-19 मरीजों के साथ सक्रिय रूप से स्वास्थ्य कर्मचारी के रूप में काम नहीं कर रहे हैं।'