Wednesday, May 20, 2020

IPL रद्द? विश्व क्रिकेट नहीं कर पाएगा बर्दाश्त! May 19, 2020 at 10:18PM

के. श्रीनिवास राव, मुंबईकोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से दुनियाभर तमाम मुश्किलों से जूझ रही है। लॉकडाउन है। लोग घरों में बंद रहने को मजबूर हैं। जिंदगी पर एक ब्रेक सा लग गया है। खेल टूर्नमेंट एक के बाद एक या तो स्थगित होते जा रहे हैं या फिर रद्द। इंडियन प्रीमियर लीग () के आयोजन पर भी खतरा मंडरा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इसे फिलहाल अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया है, लेकिन यह लीग होगी या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस बारे में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन का मानना है कि टूर्नमेंट का रद्द होना बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। आर्थिक दृष्टि से विश्व क्रिकेट इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता है। और में प्रमुख पदों पर काम कर चुके रमन ने बताया क्यों इस तरह के बड़े टूर्नमेंट के रद्द होना विश्व क्रिकेट नहीं झेल सकता है। उन्होंने बताया, 'इस तरह की लीग पूरे साल के रेवेन्यू का 40% हिस्सा लाते हैं। आईपीएल (कुल 8 टीमें हैं) में एक टीम 85 करोड़ रुपये प्लेयर्स को सैलरी देती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो दुनियाभर के खिलाड़ी बड़े पैमाने पर प्रभावित होंगे। आईसीसी के लिए तीन से चार बोर्ड पैसे लाते हैं, जिनका बड़ा हिस्सा ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू से आता है। इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड से 70% अधिक रेवेन्यू आईपीएल-2020 से आने की उम्मीद थी।' दूसरी ओर, कोरोना वारयस की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो दुनिया में अब तक संक्रमित होने वालों की संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है, जबकि सवा 3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत की बात करें तो एक लाख से अधिक संक्रमित हुए हैं, जबकि 3 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है।

हरभजन का सुझाव- टेस्ट में दोनों छोर से अलग-अलग गेंद इस्तेमाल हो, 50 ओवर के बाद बॉल बदलें May 19, 2020 at 09:18PM

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल कोरोना के कारण बॉल को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर रोक लगाने का विचार कर रही है। इस नियम पर दुनियाभर के क्रिकेटर अपने-अपने सुझाव दे रहे हैं। भारतीय स्पिनर हरभरजन सिंह ने सुझाव दिया कि टेस्ट में दोनों छोर से अलग-अलग गेंदों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन मैनेजर एलेक्स कॉन्टूरिस ने कहा कि मैच के दौरान बॉल पर कीटनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।

हरभजन ने यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स टॉक पर कहा, ‘‘आप टेस्ट क्रिकेट में दोनों छोर से 2 गेंदों का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक गेंद को आप रिवर्स स्विंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं,जबकि दूसरी गेंद को स्विंग के लिए।’’

पुरानी गेंद पर लार के बगैर चमक नहीं आती
हरभजन ने कहा, ‘‘टेस्ट में 50 ओवर के बाद गेंद बदल देना चाहिए, क्योंकि तब तक बॉल पुरानी हो जाती है। इस पर किसी तरह से चमक नहीं आएगी। यह कप्तान की इच्छा पर हो कि वह नई गेंद का इस्तेमाल दोनों छोर से करना चाहता है या केवल एक छोर से।’’

पसीने से बॉल भारी हो जाती है
हरभजन ने कहा कि गेंद पुरानी होने पर वह पसीने से चमकती नहीं है, बल्कि भारी होती है। जबकि लार थोड़ा मोटा होता है और उसके बार-बार इस्तेमाल करने से गेंद में चमक लाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है इसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। अगर लार का उपयोग नहीं करोगे तो वह गेंदबाजों को खेल से दूर ले जाएगा। लार न लगाने पर बॉल हवा में ज्यादा देर नहीं रहेगी और वह स्पिन भी नहीं करेगी।

बॉल कितना संक्रमित होगा पता नहीं: कॉन्टूरिस
वहीं, कॉन्टूरिस ने कहा कि मैच में गेंद पर कीटनाशक दवा का प्रयोग किया जाना चाहिए। क्योंकि अभी तक यह पता नहीं है कि बॉल कितना संक्रमित होगा। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के साथ मैच है। वह आईसीसी से परमीशन लेकर इसका प्रयोग करेंगे। कॉन्टूरिस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के लिए प्रोटोकॉल बना रहे हैं।

ट्रेनिंग में भी खिलाड़ियों को अलग बॉल इस्तेमाल करना होगा
इन प्रोटोकॉल के तहत ट्रेनिंग में खिलाड़ियों को अपनी अलग गेंद का इस्तेमाल करना होगा। कम से कम सामानों को साझा करना होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेटरों को कुछ आदतों को बदलना होगा। कुछ लोग गेंद पकड़ने से पहले अपनी अंगुली को मुंह में लगाते हैं, कि वे गेंद को चमका सके, इसको छोड़ना होगा।



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हरभजन सिंह ने कहा- गेंद पुरानी होने पर वह पसीने से चमकती नहीं है, बल्कि भारी होती है। जबकि लार थोड़ा मोटा होता है और उसके बार-बार इस्तेमाल करने से गेंद में चमक लाने में मदद मिलती है। -फाइल फोटो

BCCI के गले की फांस बनेगा ICC का यह फैसला! May 19, 2020 at 09:10PM

नई दिल्लीअंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद () ने कोविड -19 (Covid-19) महामारी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मैचों में घरेलू अंपायर रखने की सिफारिश की है, जो भारतीय मैच अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। देश के कई मौजूदा और पूर्व मैच अधिकारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मैचों खासकर टेस्ट मैच में कम अनुभव के कारण यह भारत के घरेलू अंपायरों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। पिछले साल के एलीट पैनल के अंपायरों से भारतीय अंपायर एस रवि को बाहर कर दिया गया। इसके बाद इसमें कोई भी भारतीय अंपायर नहीं है। सिर्फ 4 भारतीय हैं शामिलटेस्ट मैच के लिए अंपायरों को इसी सूची से चुना जाता है। इससे नीचे की श्रेणी में आने वाले आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल के अंपायरों में चार भारतीय है जिसमें से सिर्फ नितिन मेनन (तीन टेस्ट , 24 एकदिवसीय और 16 टी 20 अंतरराष्ट्रीय) के पास टेस्ट मैचों का अनुभव है। इनके अलावा सी शमशुद्दीन (43 एकदिवसीय, 21 टी 20 अंतरराष्ट्रीय), अनिल चौधरी (20 एकदिवसीय, 20 टी 20 अंतरराष्ट्रीय) और वीरेन्द्र शर्मा (दो एकदिवसीय और एक टी 20) को टेस्ट मैचों का अनुभव नहीं है। इसलिए है बड़ी चुनौतीअनुभव नहीं होने के बाद भी ये अंपायर जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में अंपायरिंग कर सकते है। दो टेस्ट और 34 एकदिवसीय में अंपायरिंग करने वाले पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर हरिहरन ने बताया, ‘यह एक बड़ी चुनौती है , लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा अवसर है। विभिन्न प्रारूप में अलग - अलग तरह का दबाव होता है। टेस्ट में पास के क्षेत्ररक्षकों द्वारा दबाव बनाया जाता है जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में दर्शकों का शोरगुल अंपायरों के काम को मुश्किल बनाता है।’ उन्होंने कहा, ‘सिर्फ अंपायरिंग फैसले ही नहीं , आक्रामक अपील और खराब रोशनी जैसी अन्य चीजें मुश्किल स्थिति पैदा कर सकती है। ऐसे में तटस्थ अंपायरों को स्थानीय अंपायरों की तुलना में निष्पक्ष फैसला लेने की संभावना अधिक होती है।’ मैचों में दो तटस्थ अंपायरों को रखने का नियम 2002 से लागू हुआ था। इससे पहले 1994 से लेकर 2001 तक एक स्थानीय और एक तटस्थ अंपायर रहता था। आईसीसी, स्थानीय एलीट और अंतरराष्ट्रीय पैनल के रेफरी और अंपायरों में से नियुक्ति करेगी। श्रीनाथ इकलौते रेफरीदूसरी ओर, जिस देश में एलीट पैनल के मैच अधिकारी नहीं है वहां अंतरराष्ट्रीय पैनल के मैच अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। भारत में सिर्फ जवागल श्रीनाथ एलीट पैनल के मैच रेफरी है जबकि इस सिफारिश को मंजूरी मिलने के बाद अनिल चौधरी , शम्सुद्दीन और नितिन मेनन स्वदेश में टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समिति के एक मौजूदा अंपायर ने कहा कि सिर्फ घरेलू मैचों में अंपायरिंग करने से उनका काम मुश्किल होगा लेकिन वह इस चुनौती का लुत्फ उठाऐंगे। उन्होंने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘अगर आप घरेलू अंपायर है और घरेलू टीम खराब रोशनी के कारण खेल रोकने की मांग कर रही हे तो आपके द्वारा तटस्थ अंपायर की तुलना में उस मांग को मानने की अधिक संभावना होगी। इसी तरह अगर घरेलू टीम ने गेंद से कुछ गलत किया तो घरेलू अंपायर से कुछ छूट मिलने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा, ‘आईसीसी ने सही कारणों से तटस्थ अंपायरों को रखने का फैसला किया था। मुझे उम्मीद है कि यह व्यवस्था थोड़े समय के लिए होगी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि ज्यादातर अंपायर अपने घरेलू टीम के मैच में अंपायरिंग नहीं करना चाहते है क्योंकि इससे दबाव अधिक रहता है।’

अफरीदी के बिगड़े बोल, कहा पीएसएल में हो 'कश्मीर' की टीम May 19, 2020 at 09:04PM

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी इन दिनों काफी विवादों में हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो काफी वायरल हो रहा था जिसमें वह कश्मीर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जहर उगला था। इसके बाद भारत में अफरीदी की काफी छीछालेदार हुई थी।