Friday, May 15, 2020

आर्थिक संकट के बीच बीसीसीआई ने कहा- खिलाड़ियों की फीस में कटौती नहीं होगी, अन्य खर्चों को कम करेंगे May 14, 2020 at 11:03PM

कोरोनावायरस के कारण दो महीने से क्रिकेट नहीं खेला गया। ऐसी स्थिति में ऑस्ट्रेलिया समेत कई क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती की है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती नहीं करने का फैसला किया है।

बोर्ड के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा कि नुकसान की भरपाई अन्य खर्चों में कटौती करके पूरी की जाएगी।

हम वित्तीय संकट पर काबू पा लेंगे: धूमल

धूमल ने कहा, ‘‘अभी हमने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती करने के बारे में नहीं सोचा है। हमें उम्मीद है कि वित्तीय संकट पर हमकाबू पा सकेंगे, लेकिन यह बात भी सही है कि आईपीएल के तौर पर बीसीसीआई को बड़ा नुकसान हो सकता है। जब भी इस तरह की कोई परिस्थिति बनती है, तो हम इस बारे में (वेतन कटौती) सोचने लगते हैं, लेकिन यह एक आखिरी रास्ता होता है। फिलहाल, हम इस रास्ते पर जाने की बजाय इसे दूसरे खर्चों से मैनेज करने की सोच रहे हैं।’’
कोरोनावायरस के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।हाल ही में धूमल ने कहा था कि आईपीएल यदि रद्द होता है, तो बोर्ड को करीब 4 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।

कर्मचारियों के खर्चोंको कम करेंगे
कोषाध्यक्ष ने कहा, ‘‘अब तक खिलाड़ियों को लेकर इस बारे में कुछ नहीं सोचा है, लेकिन कर्मचारियों और अधिकारियों के खर्चे में कटौती के बारे में विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर काम भी शुरू कर दिया गया है। जहां भी खर्चे में कटौती की गुंजाइश होगी, चाहे यात्रा, आवास या कर्मचारियों से जुड़े, सभी पर ध्यान दिया जा रहा है।’’

क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए तैयारी जारी हैं
लॉकडाउन के बाद क्रिकेट को लेकर धूमल ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। फिलहाल, लॉकडाउन को देखते हुए कोचिंग और सपोर्ट स्टॉफ शारीरिक फिटनेस को लेकर जो कुछ कर सकते हैं, वे कर रहे हैं।

आगे यदि लॉकडाउन में कुछ छूट मिलती है, तो हम क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए प्लान के बारे में सोचेंगे। यदि यात्रा प्रतिबंध हटता है, तो बहुत कुछ हो सकता है। यदि यह भी संभव नहीं हुआ तो हम खिलाड़ियों को किसी एक अच्छे स्टेडियम में ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध करा सकें, इस पर भी विचार कर रहे हैं।’’

इस साल सिर्फ भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज ही हो सकती है
क्रिकेट जानकारों की मानें तो इस साल सिर्फ भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज ही संभव दिख रही है, जो नवंबर-दिसंबर में होगी। टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है। इस साल सितंबर में दुबई में पाकिस्तान की मेजबानी में एशिया कप और फिर 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप होना है। खेल के दिग्गज के मुताबिक, कोरोना के कारण यह दोनों टूर्नामेंट होना संभव नहीं है।



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क्रिकेट जानकारों की मानें तो इस साल सिर्फ भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज ही संभव दिख रही है, जो नवंबर-दिसंबर में होगी। टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है। -फाइल फोटो

साई ने तैयार की गाइडलाइन, खिलाड़ियों को कोरोना टेस्ट कराने के साथ आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा May 14, 2020 at 10:41PM

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने लॉकडाउन के बाद खेलों की सुरक्षित वापसी को लेकर 33 पन्नों का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी तैयार किया है। इसमें ट्रेनिंग शुरू करने से पहले खिलाड़ियों को कोरोना टेस्ट कराने के साथ ही आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।

साई ने फीडबैक के लिए सभी खेल फेडरेशनों, खेल और स्वास्थ्य मंत्रालय को यह ड्राफ्ट भेज दिया है। हालांकि, अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है। इसके मिलने के बाद ही इस महीने के आखिर में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू होने का रास्ता साफ होगा।साई से जुड़े सूत्र ने न्यूज एजेंसी को बताया कि एसओपी तैयार करने के लिए सचिव रोहित भारद्वाज की अगुआई में 6 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इसने शुरुआती ड्राफ्ट खेल और स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दिया है।

खिलाड़ियों की सेहत पर निगरानी रखने का सुझाव

इसमें ट्रेनिंग सेंटर्स में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन, यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा पीपीई किट का इस्तेमाल, सैनिटाइजेन पर जोर और खिलाड़ियों की सेहत पर कड़ी निगरानी रखने जैसे सुझाव दिए गए हैं। हालांकि, गृह मंत्रालय के ग्रीन सिग्नल के बाद ही खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू होगी।

गृह मंत्रालय के ग्रीन सिग्नल के बाद ट्रेनिंग शुरू होेगी

साई के सूत्र ने आगे बताया कि 18 मई के बाद लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो रहा है। गृह मंत्रालय इसके लिए नई गाइडलाइन जारी करेगा अगर इसमें खेल गतिविधियों के शुरू होने पर रोक लगा दी जाती है तो फिर खेल मंत्रालय चाहकर भी ट्रेनिंग शुरू करने की मंजूरी नहीं दे सकेगा।

खिलाड़ियों के लिए तैयार हुए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर की अहम बातें

  • खिलाड़ी छोटे ग्रुप्स में ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे
  • कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने तक खिलाड़ी क्वारैंटाइन में रहेंगे
  • खिलाड़ियों को दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने का फाइनल क्लीयरेंस साई सेंटर्स पर तैनात डॉक्टर ही देंगे
  • ग्ल्वस और मास्क पहनने के बाद ही फिटनेस इक्विपमेंट के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए
  • एक बार में पांच खिलाड़ियों को ही फिटनेस रूम के इस्तेमाल की मंजूरी हो
  • सभी खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करें
  • खिलाड़ियों को खुले कमरों और हवादार कमरों में ही रखा जाए
  • नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन हाईजीन ऑफिसर की नियुक्ति करें

ज्यादा जरूरी होने पर ही खिलाड़ी मसाज कराएं

इसके अलावा एसओपी तैयार करने वाली कमेटी ने खिलाड़ियों को बहुत जरूरी होने पर ही फिजियोथैरेपी और मसाज के कराने का सुझाव दिया है। इस दौरान हाईजीन का खास ध्यान रखने को कहा गया है।

साई के एसओपी को अगर मंजूरी मिलती है तो प्राइवेट स्पोर्ट्स फैसिलिटी में भी इसका पालन कराना होगा। इसमें पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन एकेडमी के अलावा पादुकोण-द्रविड़ सेंटर ऑफ स्पोर्ट्स एक्सीलेंस जैसे सेंटर्स भी शामिल हैं।



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स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट के मुताबिक, ट्रेनिंग सेंटर्स में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट पहनना होगा। वहीं, ट्रेनिंग एरिया के सैनिटाइजेशन पर भी जोर देना होगा। (फाइल)

ट्रेनिंग पर लौटें ओलिंपिक जाने वाले हॉकी प्लेयर्स: सरदार May 14, 2020 at 10:46PM

नई दिल्लीभारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और स्टार प्लेमेकर रहे का मानना है कि ओलिंपिक जाने वाले खिलाड़ियों को छोटे समूहों में मैदान पर अभ्यास शुरू कर देना चाहिए क्योंकि करीब दो महीने से मैदान से दूर रहे शरीर को लय पकड़ने में समय लगेगा। भारतीय हॉकी के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक रहे सरदार ने अपने गांव संतनगर से भाषा को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘ओलिंपिक जाने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास शुरू करना चाहिए, लेकिन अभ्यास केंद्र पर स्वास्थ्य सुविधा का खास ख्याल रखा जाए। खिलाड़ियों को कोचों को पूरी ईमानदारी से हर बात बतानी होगी मसलन किसी को कोई शारीरिक परेशानी है तो मैदान पर नहीं आए।’ उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस महामारी के बाद खेल बिल्कुल बदल जाने वाले हैं और ऐसे में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अभ्यास शुरू करना होगा।’ कोरोना महामारी के बाद लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें 24 मार्च से ही भारतीय खेल प्राधिकरण के बेंगलुरू केंद्र में हैं। खिलाड़ियों ने गुरुवार को खेलमंत्री किरेन रिजिजू से ऑनलाइन बैठक में अभ्यास बहाल कराने का अनुरोध किया। रिजिजू ने उन्हें आश्वासन दिया कि मानक संचालन प्रक्रिया तैयार होने के बाद अभ्यास बहाल होगा। एशियाई ओलिंपिक परिषद की स्थायी समिति के सदस्य सरदार ने कहा, ‘खिलाड़ी वर्कआउट वगैरह तो कर रहे हैं लेकिन मैदान पर ट्रेनिंग के लिए बेकरार होंगे। बड़े टूर्नमेंट चार साल बाद आते हैं और सभी को अच्छा प्रदर्शन करना है, तभी टीम जीतेगी। भारतीय टीम लगातार अच्छा खेल रही है और इस लय को कायम रखना होगा।’ उन्होंने कहा कि खिलाड़ी व्यक्तिगत स्तर पर तीन चार के समूह में अभ्यास शुरू कर सकते हैं क्योंकि समय निकलता जा रहा है और लय दोबारा हासिल करने में समय लगेगा। लॉकडाउन से पहले कनाडा में लीग खेलकर लौटे सरदार ने कहा, ‘मैंने इतने दिन से हॉकी नहीं खेली तो शरीर में दर्द होने लगा है। ऐसे में अभ्यास से दूर रहने पर लय तुरंत नहीं मिलेगी। यह अभूतपूर्व समय है कि मैदान पर दौड़ लगाए हुए भी 45 दिन हो गए।’ भारत के लिए 2006 से 2018 के बीच 314 मैच खेल चुके और पद्मश्री से नवाजे जा चुके इस मिडफील्डर ने कहा कि तोक्यो ओलिंपिक के स्थगित होने से भारत को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया जिसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों ने ओलिंपिक के समय सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अभ्यास का खाका बनाया होगा लेकिन अब जीरो से शुरू करना होगा। सभी टीमों के लिए हालात समान है लेकिन अब तैयारी के लिए अतिरिक्त समय है तो अपने अपने खेल पर मेहनत करके सुधार कर सकते हैं।’ रियो ओलिंपिक 2016 में भारत के कप्तान रहे सरदार ने कहा, ‘शिविर में हम सुबह शाम ट्रेनिंग, मीटिंग में व्यस्त रहते हैं लेकिन अभी सोचने का काफी समय है। चार पांच खिलाड़ियों पर निर्भार नहीं रहकर सभी मैच विनर बने।अपने खेल पर फोकस करके कमियों को दुरूस्त करें , मैं तो यही सलाह दूंगा।’ लंबे समय बाद हरियाणा के सिरसा में अपने गांव में समय बिता रहे सरदार ने अपने भाई और पूर्व खिलाड़ी दीदार सिंह के साथ नामधारी अकादमी के मैदान पर अभ्यास शुरू किया जहां 2014 में एस्ट्रो टर्फ लगी थी। उन्होंने कहा, ‘जिस स्कूल में हम पढे थे, अब फिर वहीं मैं और दीदार पाजी अभ्यास कर रहे हैं। नामधारी अकादमी में अंडर 14 और अंडर 17 करीब 100 बच्चे हैं लेकिन अभी उनकी ट्रेनिंग बंद हैं। वे स्थानीय कोचों से वाट्सअप पर सलाह और प्लान ले रहे हैं। मैंने भी तकनीक को लेकर अपने वीडियो भेजे हैं।’

कोरोना: इंग्लैंड में क्रिकेटरों के लिए बनाए ये नियम May 14, 2020 at 08:50PM

लंदनइंग्लैंड के क्रिकेटर वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ पूर्व निर्धारित टेस्ट सीरीज से पहले जब अगले सप्ताह अभ्यास पर लौटेंगे तो उनमें से प्रत्येक को खुद के उपयोग के लिए गेंदों का एक बॉक्स सौंपा जाएगा जिन पर वे लार नहीं लगा सकते हैं। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कोविड-19 महामारी के कारण अपनी सभी गतिविधियां जुलाई तक निलंबित कर रखी हैं। उन्होंने कहा कि इन गर्मियों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के लिए 30 क्रिकेटरों को तैयार रखा जाएगा अभ्यास सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही होगा। ईसीबी के क्रिकेट निदेशक एश्ले जाइल्स ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमें हालात पर काबू रखना होगा जिससे सुपरमार्केट जाने की तुलना में अभ्यास पर लौटना अधिक सुरक्षित होगा।’ खिलाड़ी सामाजिक दूरी का नियम सुनिश्चित करने के लिए 11 काउंटी मैदानों पर अलग अलग समय में अभ्यास करेंगे और इस दौरान एक व्यक्ति एक गेंद की नीति भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमें जितना संभव हो सके जोखिम को कम करना होगा। एक स्थल पर खिलाड़ी अलग अलग अभ्यास कर सकते है लेकिन उनका कोच एक ही होगा जैसे चार या पांच गेंदबाजों के लिए एक कोच होगा।’ जाइल्स ने कहा, ‘लेकिन सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए वे कोई भी चीज एक दूसरे तक पहुंचाने के लिए करीब नहीं आएंगे। इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना जरूरी है।’ गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि खिलाड़ी केवल अपने निजी बॉक्स की गेंदों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं और जब गेंद का उपयोग नहीं हो रहा हो तब उन्हें वह अपने किट बैग में रखनी होगी। गेंदबाज बुधवार से अभ्यास शुरू करेंगे जबकि बल्लेबाजों के लिए नेट अभ्यास इसके दो सप्ताह बाद शुरू होगा। समाचार पत्र ने कहा, ‘खिलाड़ियों से कार से यात्रा करने, पानी की चिन्हित की गई बोतल साथ में रखने, नियमित रूप से हाथ धोने, अभ्यास के तुरंत बाद घर लौटने और घर जाकर नहाने के लिए कहा गया है।’ उन्हें अभ्यास से पहले अपने तापमान की भी जांच करवानी होगी। कोच के साथ उन्हें दो मीटर की दूरी बनाए रखनी होगी और केवल फिजियो ही पीपीई किट पहनकर रखेगा। बल्लेबाज जब नेट पर अभ्यास कर रहा होगा तो उसे स्वयं गेंद नहीं उठानी होगी। उसे जूते से या बल्ले से मारकर उसे कोच तक पहुंचाना होगा।