Monday, May 11, 2020

कोहली ने दिया था आश्वसन पर कुछ नहीं हुआ: मिश्रा May 10, 2020 at 11:57PM

नई दिल्ली भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा () को समझ नहीं आता कि आखिर हर स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में क्यों नही चुना गया। मिश्रा ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन फरवरी 2017 के बाद से जब वह इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनैशनल खेलते हुए चोटिल हुए उसके बाद से उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। मिश्रा ने कहा, 'मैं अब भी अपने आप से पूछता हूं कि मेरे साथ क्या हुआ। मुझे कोई भी संतोषप्रद उत्तर नहीं दे पाया है। टीम में एक नियम था कि अगर कोई चोट की वजह से बाहर होता है तो वह टीम में वापस आएगा। ऋद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) ने चोट के चलते करीब डेढ़ साल तक टीम से बाहर रहने के बाद वापसी की। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ ऐसा क्या हुआ।' स्पोर्ट्स तक कार्यक्रम में बात करते हुए 37 वर्षीय इस लेग स्पिनर ने कहा, 'जब मैं फॉर्म में था, तब भी अगर किसी पर गाज गिरनी होती तो वह मिश्रा होता।' मिश्रा ने कहा कि उन्हें चयनकर्ताओं या टीम प्रबंधन से कोई मेसेज नहीं मिला कि चोट के बाद वापसी के लिए उन्हें क्या करने की जरूरत है। आईपीएल में तीन हैटट्रिक लेने वाले इस स्पिनर ने कहा कि उन्हें भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) से भी आश्वासन मिला था कि वह नैशनल सिलेक्टर्स से इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने भारत के लिए हर मौके पर अच्छा प्रदर्शन किया है यहां तक कि मुश्किल से मुश्किल हालात में भी।' मिश्रा ने कहा कि उनकी एक इच्छा है कि उन्हें आखिरी एक बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिले। बेहतर हो अगर यह टी20 इंटरनैशनल मुकाबला हो। सपॉर्ट की बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि जिस तरह का सपॉर्ट महेंद्र सिंह धोनी को सौरभ गांगुली से मिला अगर वैसा उन्हें मिला होता तो वह 70-80 टेस्ट मैच खेल जाते।

धोनी ने कभी पक्षपात से टीम नहीं चुनी: आरपी सिंह May 10, 2020 at 11:49PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप सिंह () ने कहा है कि क्रिकेट की दुनिया में महेंद्र सिंह धोनी () का आज जो मुकाम है उसके पीछे बड़ी वजह यह रही कि वह चयन करते समय बिलकुल भी पक्षपात नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान ने टीम चयन करते समय कभी दोस्ती को आड़े नहीं आने दिया। साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप की विजेता टीम के सदस्य रहे आरपी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में साल 2008 की सिलेक्शन कमिटी की उस बैठक की लीक हुई बातों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि धोनी उन लोगों को बैक करते थे, जिनके बारे में उन्हें लगता था कि वे उनके प्लान को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कर सकते हैं। साल 2008 में एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि और इरफान पठान के चयन को लेकर धोनी असहमत थे। यह खबर भी आई थी जब चयनकर्ताओं ने आरपी सिंह के स्थान पर इरफान पठान को चुनने को कहा तो धोनी ने कप्तानी से हटने का ऑफर दिया था। धोनी ने इस लीक को 'बकवास' करार दिया था। आरपी सिंह 7 मैचों की उस सीरीज के दूसरे मैच के बाद नहीं खेले थे। आरपी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि उस लीक से मुझ पर कोई असर पड़ा था। जिस इंग्लैंड सीरीज के बारे में आप बात कर रहे हैं मुझे लगता है कि इंदौर में मैंने कोई विकेट नहीं लिया था। हां, स्वाभाविक रूप से लोग सोचते हैं कि उन्हें दो-तीन मैच खेलने को मिलेंगें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ को पांच मौके भी मिलते हैं और कुछ किस्मत वालों को 10 मौके भी मिलते हैं।' आरपी ने कहा, 'मैंने और धोनी ने इस बारे में चर्चा की थी कि मैं कहां अपने खेल में सुधार कर सकता हूं। मैं क्या बेहतर कर सकता हूं। मैं जानता हूं कि की दोस्ती अलग चीज है लेकिन देश की टीम की कप्तानी करना अलग बात है। उस लम्हे में उन्होंने उन लोगों को आगे बढ़ाया जो उनकी नजर में बेहतर थे। मुझे लगता है कि धोनी ने उन लोगों को तरजीह दी जो उनके प्लान को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कर सकते थे।' आरपी ने कहा, 'इसी वजह से एमएस धोनी आज एमएस धोनी हैं। फैसले लेते समय वह बिलकुल भेदभाव नहीं करते। मैं इस वजह से ज्यादा नहीं खेल पाया क्योंकि मेरी रफ्तार और स्विंग खत्म हो गई था। बाकी सब चीजें बाद में आती हैं। अगर मैं तब सुधार कर लेता, तो मैं ज्यादा खेलता। पर मैंने जो भी हासिल किया उससे मैं खुश हूं।'

अचानक मिला यह ब्रेक लक्ष्यों की समीक्षा का मौका: बद्रीनाथ May 10, 2020 at 11:34PM

चेन्नै पूर्व भारतीय बल्लेबाज एस बद्रीनाथ ने कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण हुआ लॉकडाउन (Lockdown) क्रिकेटरों सहित सभी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती है। लेकिन यह साथ ही लक्ष्यों का पुन: आकलन करने तथा शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहतर करने में निवेश का मौका भी देता है। कोविड-19 (Covid- 19) महामारी से अब तक दुनिया भर में 41 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और तीन लाख के करीब लोगों की जान गई है। इसके कारण दुनिया भर में लगभग सभी खेल गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं। हाल में मानसिक कौशल की ट्रेनिंग दे रही कंपनी () को शुरू करने वाले बद्रीनाथ ने कहा, 'यह सभी खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय है... इस समय उन्हें खेलना चाहिए था, उन्होंने अपने लिए लक्ष्य तय किए थे। यह अच्छा समय है कि लक्ष्यों का पुन: आकलन किया जाए और आगे के बारे में सोचा जाए।' भारत की ओर से 2 टेस्ट और सात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले 39 साल के बद्रीनाथ ने कहा कि ब्रेक के दौरान खिलाड़ी छोटी-मोटी चोटों से उबर सकते हैं और अपने शरीर और मानसिक कौशल पर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'कई खिलाड़ियों के शरीर में खेलते हुए थोड़ा दर्द होगा और यह शरीर को स्वस्थ करने और सभी तरह के दर्द को दूर करने का अच्छा समय है जिसके कि जब आपको कोई काम दिया जाए तो आप तरोताजा महसूस करो।' बद्रीनाथ ने कहा, 'यह अपने शरीर, भावनात्मक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य आदि चीजों पर निवेश करने का सही समय है।' यह पूछने पर कि वह कैसे एमफोर को शुरू करने के जिए प्रेरित हुए तो बद्रीनाथ ने कहा, 'भारत में हमें लगता है कि खिलाड़ी और सभी लोग फिट होने के लिए काफी कुछ कर रहे हैं।' इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, 'क्रिकेटरों की बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण कौशल में सुधार हो रहा है... लेकिन क्या वे मानसिक पहलू पर भी पर्याप्त काम कर रहे हैं। दिमाग हमारे शरीर का ताकतवर अंग है, जो असल में खिलाड़ी की क्षमता और प्रदर्शन के बीच सेतु का काम करता है।' उन्होंने कहा, 'हमने महसूस किया कि दिमाग को पर्याप्त महत्व और ट्रेनिंग नहीं दी गई इसलिए हम ऐसा ढांचा, मंच तैयार करना चाहते थे जहां खिलाड़ियों को कड़ी ट्रेनिंग दी जा सके, उनकी वास्तविक क्षमता को प्रदर्शन में बदला जा सके।'

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले शफीकुल्लाह 6 साल के लिए बैन, भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए May 10, 2020 at 11:05PM

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज शफीकुल्लाह शफाक को 6 साल के लिए बैन कर दिया है। इस प्रतिबंध के बाद वे किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेल सकेंगे।

शफाक ने अहमद शाह अब्दाली 4 डे टूर्नामेंट के एक मैच में काबुल रीजन की तरफ से खेलते हुए बूस्ट रीजन के खिलाफ दोहरा शतक लगाया था। तब उन्होंने मैच की दूसरी पारी में 89 गेंद पर नाबाद 200 रन बनाए थे। इसमें 22 छक्के और 11 चौके शामिल हैं। उन्होंने 103 में अपने 200 रन पूरे किए थे।
शफाक ने भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को स्वीकार किया
शफाक ने 2018 में अफगानिस्तान प्रीमियर लीग(एपीएल) और 2019 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग(बीपीएल) के दौरान एसीबी के एंटी करप्शन कोड की 4 धाराओं का उल्लंघन किया था। उन्होंने एसबीबी द्वारा लगाए गए बैन को स्वीकार कर लिया है। एसीबी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

बीपीएल में भी शफाक ने फिक्सिंग की कोशिश की: एसीबी

एसीबी के सीनियर एंटी करप्शन मैनेजर सैयद अनवर शाह कुरैशी ने कहा- शफाक पर गंभीर आरोप हैं। उन्होंने 2018 में एपीएल टी-20 लीग के एक मैच में फिक्सिंग की थी। उन्होंने बीपीएल 2019 में अपनी टीम के एक और साथी को इसमें शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए थे।

यह उन सभी खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है, जिनको यह लगता है कि उनकी गैरकानूनी गतिविधियां हमारी एंटी करप्शन यूनिट के सामने कभी नहीं आएंगी। हमारी पहुंच उनकी सोच से आगे है।

शफाक एंटी करप्शन कोड के चार आर्टिकल के उल्लंघन के दोषी

शफाक पर एसीबी के एंटी करप्शन कोड के आर्टिकल 2.1.1, 2.1.3, 2.1.4, 2.4.4 के उल्लंघन के आरोप हैं। आर्टिकल 2.1.1 सीधा फिक्सिंग और इसकी कोशिश करने या जानबूझकर खराब खेलने या फिर किसी और तरीके से लोगों को इसके लिए प्रभावित करने से जुड़ा है।

शफाक पर घूस लेने के आरोप

आर्टिकल 2.1.3 के उल्लंघन का मतलब। किसी तरह की घूस देने की कोशिश करना या इसे स्वीकार करना या किसी और से इनाम का लालच रखनाया किसी मैच को फिक्स करने या फिर इसके लिए किसी तरह से प्रयास करना शामिल है।

शफीकुल्लाह ने अब तक 24 वनडे खेले हैं

शफाक ने अफगानिस्तान के लिए 24 वनडे और 46 टी-20 खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 430 और 494 रन बनाए हैं।



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शफीकुल्लाह शफाक ने अफगानिस्तान के लिए 24 वनडे और 46 टी-20 खेले हैं। इसमें उन्होंने 430 और 494 रन बनाए हैं। (फाइल)