Monday, May 11, 2020

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले शफीकुल्लाह 6 साल के लिए बैन, भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए May 10, 2020 at 11:05PM

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज शफीकुल्लाह शफाक को 6 साल के लिए बैन कर दिया है। इस प्रतिबंध के बाद वे किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेल सकेंगे।

शफाक ने अहमद शाह अब्दाली 4 डे टूर्नामेंट के एक मैच में काबुल रीजन की तरफ से खेलते हुए बूस्ट रीजन के खिलाफ दोहरा शतक लगाया था। तब उन्होंने मैच की दूसरी पारी में 89 गेंद पर नाबाद 200 रन बनाए थे। इसमें 22 छक्के और 11 चौके शामिल हैं। उन्होंने 103 में अपने 200 रन पूरे किए थे।
शफाक ने भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को स्वीकार किया
शफाक ने 2018 में अफगानिस्तान प्रीमियर लीग(एपीएल) और 2019 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग(बीपीएल) के दौरान एसीबी के एंटी करप्शन कोड की 4 धाराओं का उल्लंघन किया था। उन्होंने एसबीबी द्वारा लगाए गए बैन को स्वीकार कर लिया है। एसीबी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

बीपीएल में भी शफाक ने फिक्सिंग की कोशिश की: एसीबी

एसीबी के सीनियर एंटी करप्शन मैनेजर सैयद अनवर शाह कुरैशी ने कहा- शफाक पर गंभीर आरोप हैं। उन्होंने 2018 में एपीएल टी-20 लीग के एक मैच में फिक्सिंग की थी। उन्होंने बीपीएल 2019 में अपनी टीम के एक और साथी को इसमें शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए थे।

यह उन सभी खिलाड़ियों के लिए एक चेतावनी है, जिनको यह लगता है कि उनकी गैरकानूनी गतिविधियां हमारी एंटी करप्शन यूनिट के सामने कभी नहीं आएंगी। हमारी पहुंच उनकी सोच से आगे है।

शफाक एंटी करप्शन कोड के चार आर्टिकल के उल्लंघन के दोषी

शफाक पर एसीबी के एंटी करप्शन कोड के आर्टिकल 2.1.1, 2.1.3, 2.1.4, 2.4.4 के उल्लंघन के आरोप हैं। आर्टिकल 2.1.1 सीधा फिक्सिंग और इसकी कोशिश करने या जानबूझकर खराब खेलने या फिर किसी और तरीके से लोगों को इसके लिए प्रभावित करने से जुड़ा है।

शफाक पर घूस लेने के आरोप

आर्टिकल 2.1.3 के उल्लंघन का मतलब। किसी तरह की घूस देने की कोशिश करना या इसे स्वीकार करना या किसी और से इनाम का लालच रखनाया किसी मैच को फिक्स करने या फिर इसके लिए किसी तरह से प्रयास करना शामिल है।

शफीकुल्लाह ने अब तक 24 वनडे खेले हैं

शफाक ने अफगानिस्तान के लिए 24 वनडे और 46 टी-20 खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 430 और 494 रन बनाए हैं।



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शफीकुल्लाह शफाक ने अफगानिस्तान के लिए 24 वनडे और 46 टी-20 खेले हैं। इसमें उन्होंने 430 और 494 रन बनाए हैं। (फाइल)

ऑस्ट्रेलिया नंबर वन, जानें गंभीर क्यों हुए हैरान May 10, 2020 at 10:40PM

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज () ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की रैंकिंग पर सवाल उठाए हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर टेस्ट में नंबर एक के पायदान पर बैठाया गया है। गंभीर ने कहा कि भारत ने हाल के कुछ अर्से में टेस्ट क्रिकेट में अधिक प्रभाव छोड़ा है। टीम ने विदेशी धरती पर भी जीत हासिल की है, खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया में। गंभीर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को किस आधार पर नंबर 1 की रैंकिंग (ICC Test Rankings) दी गई है, जबकि भारतीय उपमहाद्वीप में उसका प्रदर्शन 'बेहद खराब' रहा है। भारतीय टीम 42 महीने से आईसीसी की टेस्ट टीम रैंकिंग में चोटी पर थी लेकिन इस महीने की शुरुआत में आईसीसी ने नए नियमों के तहत रैंकिंग में बदलाव किया, जिसके बाद भारत तीसरे स्थान पर पहुच गया और ऑस्ट्रेलिया पहले पर आ गया। आईसीसी ने इस रैंकिंग सिस्टम से 2016-17 के सीजन को हटा दिया था। गंभीर ने आईसीसी के इस फैसले पर कहा कि भारतीय टीम ने हाल के दौर में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, 'नहीं, मैं भारत के तीसरे स्थान पर खिसकने से हैरान नहीं हूं। मुझे पॉइंट्स और रैंकिंग सिस्टम पर भरोसा नहीं है। शायद, टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे खराब पॉइंट सिस्टम है... आप घरेलू मैदान पर मैच जीतें या विदेशी धरती पर, आपको बराबर अंक मिलते हैं। यह बेकार है।' गंभीर ने कहा, 'हां, बेशक। यह पॉइंट्स सिस्टम अजीब है। अगर आप पूरी नजर से देखें, तो भारत ने विदेशी धरती पर सीरीज गंवाई हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जीती हैं। निसंदेह, वह सबसे अच्छा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने वाली टीम है। उन्होंने साउथ अफ्रीका में टेस्ट मैच जीता, इंग्लैंड में टेस्ट मैच जीता... कई देश ऐसा नहीं कर पाए।' 38 वर्षीय इस पूर्व लेफ्टहैंडर बल्लेबाज ने कहा, 'मेरी नजर में भारतीय टीम को नंबर वन होना चाहिए था लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया... मुझे यह बात समझ नहीं आती कि आखिर किस आधार पर ऑस्ट्रेलिया को नंबर वन रैंकिंग दी गई है? विदेशी धरती पर उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा है, खासतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में।'

लॉकडाउन हटते ही शुरू होगी ऐथलीट्स की प्रैक्टिस: किरण रिजिजू May 10, 2020 at 10:19PM

नई दिल्ली किरण रिजिजू () ने खिलाड़ियों और हितधारकों से संयम बरतने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि कोविड-19 (Covid-19) के प्रसार को रोकने के लिए लगाया गया (Lockdown) हटने के बाद शीर्ष खिलाड़ियों का अभ्यास शुरू कर दिया जाएगा। रिजिजू ने तीन मई की स्थिति को दोहराते हुए कहा कि खिलाड़ियों का स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है। देश में लगातार बढ़ते मामलों के कारण लॉकडाउन बीच में दो बार बढ़ाया गया था। अभी 17 मई तक बंद रखा गया है। खेल मंत्री ने ट्वीट किया, 'एक बार लॉकडाउन हटने के बाद हम अपने शीर्ष खिलाड़ियों का अभ्यास फिर से शुरू करेंगे, जिसे भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अन्य अभ्यास केंद्रों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मैं खिलाड़ियों और अन्य हितधारकों से जल्दबाजी नहीं करने की अपील करता हूं क्योंकि स्वास्थ्य और सुरक्षा अभी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' वायरस के प्रसार को रोकने के लिए साइ केंद्रों में राष्ट्रीय शिविर मार्च से ही बंद हैं। इस बीमारी के कारण भारत में अभी तक 65,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। रिजिजू ने तीन मई को कहा था कि मई के आखिर तक सभी खिलाड़ियों के लिए शिविर शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले उन खिलाड़ियों का अभ्यास शुरू किया जाएगा, जिन्होंने ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ कर दिया है या जो ऐसी स्थिति में हैं। उन्होंने तब कहा था, 'मैंने तीन मई (लॉकडाउन समाप्त होने की पूर्व तिथि) से साइ केंद्रों पर खिलाड़ियों के लिए अभ्यास शुरू करने के बारे में सोचा था। अब हमें इस महीने के आखिर तक इसे चरणबद्ध तरीके से करना होगा।' रिजिजू ने कहा था, 'खेल प्रतियोगिताओं को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत छूट नहीं मिलती है। हम आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत नहीं आते हैं।' ट्रैक एवं फील्ड के ऐथलीटों ने मंत्रालय से अपने अपने साइ केंद्रों में अभ्यास करने की अनुमति देने का आग्रह किया था लेकिन उन्हें अभी ऐसी मंजूरी नहीं मिली है।

ईसीबी ने कहा- दोबारा क्रिकेट शुरू करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे, 1 जुलाई तक हर तरह के टूर्नामेंट पर रोक May 10, 2020 at 09:40PM

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा कि कोरोनावायरस के बीच क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के लिए वह ब्रिटिशसरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। ईसीबी ने पहले ही हर तरह के क्रिकेट पर 1 जुलाई तक रोक लगा रखी है।

ईसीबी ने बयान जारी कर कहा कि हमारी हालात पर नजर है। हम यह देख रहे हैं कि कैसे और कब क्रिकेट की बहाली हो सकती है। हम जल्द ही अपना प्लान सरकार से साझा करेंगे। हमें सरकार की घोषणा के बारे में पता है और हम उनकी सलाह के हिसाब से आगे की रणनीति तय करेंगे।

इंग्लैंड में 1 जून तक लॉकडाउन रहेगा

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार को ही ऐलान किया था कि कोरोना की रोकथाम के लिए देश में लागू लॉकडाउन 1 जून तक जारी रहेगा।

वेस्टइंडीज टीम के दौरा को भी आगे बढ़ाया गया
कोरोना की वजह से जून में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज को भी आगे बढ़ा दिया गया है। पाकिस्तान को भी जून के आखिर में इंग्लैंड दौरे पर आना था। इसे भी कम से कम एक जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है।

3600करोड़ के नुकसान का अनुमान
कोविड-19 की वजह से अगर इस सीजन में मैच नहीं होते हैं तो ईसीबी को करीब 3600 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ईसीबी के चीफ एग्जीक्यूटिव टॉम हैरिसन ने बीते हफ्ते सांसदों को यह जानकारी दी थी।

देश में 800 दिन के प्रोफेशनल क्रिकेट का नुकसान

हैरिसन के मुताबिक, कोरोना के कारण 1 जुलाई तक देश में प्रोफेशनल क्रिकेट पर पूरी तरह रोक है। 'द हंड्रेड' (100-100 गेंद का टूर्नामेंट) को भी अगले साल के लिए टाल दिया गया है। वहीं, लॉकडाउन की वजह से प्रोफेशनल क्लब को 800 दिन के क्रिकेट का नुकसान भी होगा।

अब तक 31 हजार लोगों की मौत
कोरोना के कारण ब्रिटेन में 31 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दो लाख से अधिक संक्रमित हैं। अब तक पूरी दुनिया में इस वायरस से 41 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि 3 लाख से ज्यादा दम तोड़ चुके हैं।



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इंग्लैंड में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक जून तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। यहां कोरोना की वजह से 800 दिन के प्रोफेशनल क्रिकेट को नुकसान हुआ है। (फाइल)