Sunday, May 3, 2020

उमर के डर से टीम छोड़कर भागना पड़ा था: जुल्करनैन May 02, 2020 at 07:50PM

कराचीपाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज जुल्करनैन हैदर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2010 की वनडे सीरीज के दौरान अचानक लापता होने के लिए को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि मैच गंवाने के लिए तैयार नहीं होने पर इस दागी खिलाड़ी ने उन्हें धमकी दी थी। जुल्करनैन ने दावा किया कि उन्हें दुबई में टीम होटल छोड़कर रहस्यमय परिस्थितियों में लंदन जाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें तब अपने साथी उमर और कुछ अन्य से उस सीरीज के तीसरे वनडे में खराब प्रदर्शन करने से इन्कार करने के कारण धमकी भरे संदेश मिल रहे थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे याद है कि मैंने उससे कहा कि वह अपना काम करता रहे और ड्रिंक्स ले जाने की भूमिका निभाता रहे लेकिन बाद में उसने (उमर) और कुछ अन्य खिलाड़ियों ने मुझे सीधे तौर पर धमकी देनी शुरू कर दी। उन्होंने मुझे इतना परेशान कर दिया कि मैं मनोवैज्ञानिक दबाव में आ गया। मैं डरने लगा था और ऐसे में किसी को बताए बिना लंदन चला गया।’ पढ़ें, नवंबर 2010 में घटी इस घटना के बाद जुल्करनैन का करियर भी समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि उमर पर स्पॉट फिक्सिंग के संपर्कों का खुलासा नहीं करने के कारण लगाया गया तीन साल का प्रतिबंध बहुत कम है। 34 वर्षीय जुल्करनैन ने कहा, ‘वह संदेहास्पद गतिविधियों में शामिल रहा है और उस पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए। यहां तक कि उसकी संपत्ति भी जब्त कर देनी चाहिए।’ उन्होंने दुबई में टीम प्रबंधन को बताए बिना होटल छोड़ने के बाद लंदन में शरण ली थी। उन्होंने केवल एक टेस्ट मैच खेला जिसमें 88 रन बनाए। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने दावा किया कि उन्होंने उमर का उन्हें खराब प्रदर्शन करने के लिए कहने की जानकारी टीम प्रबंधन को दी थी। उन्होंने कहा, ‘लेकिन धमकी और दबाव को सहना मेरे लिए मुश्किल था और इसलिए मैं वहां से चुपचाप निकल गया। मुझे कुछ अज्ञात व्यक्तियों से भी खराब प्रदर्शन करने के लिए धमकी मिल रही थी।’

पूर्व चीफ सिलेक्टर प्रसाद ने कहा- धोनी खुद नहीं खेलना चाहते थे, इसलिए हमने पंत को मौका दिया May 02, 2020 at 08:55PM

विश्व कप 2019 के बाद से महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर नजर नहीं आए हैं। उनके भविष्य को लेकर आए दिन कयास लगाए जाते हैं। अब पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने खुलासा किया है कि माही खुद कुछ वक्त तक क्रिकेट नहीं खेलना चाहते थे, इसीलिए उन्हें टीम में भी शामिल नहीं किया गया।
बता दें कि धोनी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं। अनिश्चितकाल के लिए यह टूर्नामेंट रद्द किए जाने से पहले धोनी फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड पर पहुंचे थे। कुछ दिन प्रैक्टिस भी की थी।

धोनी नहीं थे, इसलिए पंत को मौका दिया
फेनकोड वेबसाइट को दिए वीडियो इंटरव्यू में प्रसाद ने धोनी के टीम से बाहर रहने पर नई जानकारी दी। कहा, “मैं एक बात बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं। पहले भी की है। हमने माही से खेलने के बारे में बातचीत की थी। लेकिन, वो खुद कुछ वक्त तक नहीं खेलना चाहते थे। लिहाजा, उनकी जगह ऋषभ पंत को मौका दिया गया। हम उनका पूरा समर्थन भी कर रहे हैं।”

रिटायरमेंट पर रिएक्शन नहीं
बीसीसीआई ने कुछ महीने पहले जारी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में भी एमएस को नहीं रखा था। इसके बाद कयास लगने शुरू हुए कि वो जल्द ही संन्यास का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, माही ने अब तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की। प्रसाद ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा।

सवाल इसलिए भी
केएल राहुल न सिर्फ आईपीएल बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट के कई मैचों में विकेटकीपर-बल्लेबाज की दोहरी भूमिका रहे हैं। पंत नहीं चले तो राहुल ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यानी इन दो भूमिकाओं में धोनी के दो परखे हुए विकल्प टीम इंडिया के पास मौजूद हैं। प्रसाद ने कहा, “न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज के दौरान राहुल ने बेहतरीन खेल दिखाया। अगर आईपीएल होता है तो हमारे पास धोनी का पुराना रंग देखने का मौका होगा। लेकिन, स्थितियां अभी जटिल हैं।”



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एमएसके प्रसाद के सथ धोनी। प्रसाद के मुताबिक, धोनी ने उन्हें बताया था कि वो कुछ वक्त तक क्रिकेट नहीं खेलना चाहते। (फाइल)

लॉकडाउन में डोपिंग के बारे में सोचना भी मूर्खतापूर्ण: वाडा May 02, 2020 at 09:15PM

नई दिल्ली () ने चेताया है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण जब दुनिया के कई देश लॉकडाउन (Lockdown) को मजबूर हैं तब अगर कोई खिलाड़ी इस समय को डोपिंग के मौके के तौर पर देखता है तो ऐसा करना मूर्खतापूर्ण होगा। चीन के वुहान शहर से शुरू हुई कोविड-19 (Covid- 19) महामारी से दुनिया भर में 32 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि दो लाख 25 हजार से अधिक लोगों की जान गई है। भारत में भी इस घातक बीमारी के 37 हजार से अधिक पुष्ट मामले सामने आए हैं, जबकि 1200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इस महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं ठप्प पड़ी हैं। अधिकतर पेशेवर खेल लीगों को स्थगित या रद्द किया गया है। कोविड-19 के कारण दुनिया के कुछ हिस्सों में डोप परीक्षण काफी कम हो गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर निलंबित भी किए गए हैं लेकिन के मीडिया रिलेशन एवं कम्यूनिकेशन के सीनियर मैनजर जेम्स फिट्जगेराल्ड ने चेतावनी दी है कि खिलाड़ी इसे निषिद्ध पदार्थ लेने के मौके के तौर पर नहीं देखें। फिट्जगेराल्ड ने को दिए इंटरव्यू में कहा, 'वाडा की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। जाहिर है, जब लोगों की जिंदगी दांव पर लगी हो तो खेलों को सबसे आगे नहीं रखा जा सकता। अनिवार्य रूप से दुनिया भर में कुछ जगह परीक्षण कार्यक्रम काफी कम हो जाएंगे और यहां तक कि अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'हालांकि बेईमान खिलाड़ी या समूह इसे धोखा देने के अवसर के रूप में देखता है तो ऐसा करना बहुत ही मूर्खतापूर्ण होगा। खिलाड़ी इस समय भी परीक्षण के दायरे में हैं और उन्हें सामान्य तरीके से रहने के स्थान संबंधी जानकारी मुहैया कराते रहना होगा जिसके कि वे प्रतियोगिता के इतर नमूने देने के लिए उपलब्ध रहें।' लॉकडाउन के समय अधिकारियों की नजरों से बचकर डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या में इजाफे की आशंका के बारे में पूछे जाने पर फिट्जगेराल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों को इस समय शक्तिवर्धक दवाओं का अधिक फायदा नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ सही तरह के गहन प्रशिक्षण के साथ मिलकर काम करते हैं। कई ऐथलीट इस समय उचित प्रशिक्षण सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकते हैं और इसलिए उन पदार्थों को लेने से उन्हें बहुत मदद नहीं मिलेगी।' फिट्जगेराल्ड ने हालांकि कहा कि डोपिंग रोधी संगठनों (ADO) और खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास है और कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए वाडा सुनिश्चित कर रहा है कि दुनिया में डोपिंग रोधी परीक्षण की अहमियत बनी रहे। उन्होंने कहा, 'वाडा वैश्विक डोपिंग रोधी नियामक है, परीक्षण प्राधिकरण नहीं। डोपिंग रोधी संगठनों (एडीओ) और खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियां पता है। हमने हाल में एडीओ और खिलाड़ियों को अपडेट दिशानिर्देश भेजे थे जिससे कि उन्हें पता रहे कि इस समय क्या चल रहा है। हमारी वेबसाइट पर भी ये दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।' इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और विश्व रग्बी में भी मीडिया के जुड़े मामलों के प्रमुख रहे फिट्जगेराल्ड ने कहा, 'इस बीच वाडा निगरानी कर रहा है कि इस महामारी के प्रकोप के बीच दुनिया भर में डोपिंग रोधी परीक्षणों अहमियत बनी रहे। यह एक लगातार बदलती स्थिति है और वाडा इसमें हो रहे बदलाव के साथ सामंजस्य बैठा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि इस महामारी के बाद जितना जल्दी संभव हो सारी प्रणाली फिर से पहले की तरह मजबूत हो जाए और व्यवस्था से जुड़े संभावित कमजोर बिंदुओं को एक बार फिर मजबूत किया जाए।' फिट्जरगेराल्ड ने कहा कि वैश्विक डोपिंग रोधी प्रणाली सिर्फ खिलाड़ी के परीक्षण से नहीं जुड़ी बल्कि यह उनका जैविक पासपोर्ट है जो उनके दीर्घकालीन प्रोफाइल का विश्लेषण करने के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने कहा, 'वैश्विक डोपिंग रोधी प्रणाली सिर्फ खिलाड़ी के परीक्षण से नहीं जुड़ी। उदाहरण के लिए खिलाड़ी जैविक पासपोर्ट प्रत्येक खिलाड़ी के दीर्घकालिक प्रोफाइल का आकलन करने के लिए एक उपयोगी उपकरण है। कई नमूने लंबे समय तक संग्रहित रहते हैं। हम अपने व्हिसलब्लोअर कार्यक्रम के माध्यम से खुफिया जानकारी प्राप्त करना जारी रखते हैं जिससे लक्ष्य परीक्षण (टारगेट टेस्टिंग) या जांच शुरू हो सकती है। इसलिए हमारे पास ऐसे उपकरण हैं जिनका उपयोग हम प्रणाली की अहमियत को बनाए रखने के लिए कर सकते हैं।' फिट्जगेराल्ड ने बताया कि इस समय वाडा का अधिकतर स्टाफ भी घर से ही काम कर रहा है और वे स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जहां तक हमारे कर्मचारियों का सवाल है तो कई स्थानों की तरह हर कोई वर्तमान में घर से काम कर रहा है और हम स्वास्थ्य अधिकारियों की नवीनतम सलाह का पालन कर रहे हैं।'

मुश्किल पिच पर टेस्ट जैसा है कोविड 19: सौरभ गांगुली May 02, 2020 at 08:28PM

नई दिल्ली बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान () () ने () () की स्थिति को किसी मुश्किल पिच पर फंसे हुए टेस्ट मैच की तरह करार दिया है। गांगुली ने कहा कि मैं मौजूदा हालात से बहुत दुखी हूं क्योंकि लोग तकलीफ उठा रहे हैं। दादा गांगुली ने क्रिकेट की भाषा में इन हालात को समझाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अभी एक गलत फुटवर्क लोगों को आउट कर सकता है और फिर दोबारा मौका नहीं मिलेगा ऐसे में सभी को संभलकर रहने की जरूरत है। सौरभ गांगुली एक एफएम चैनल पर मुखातिब हो रहे थे। उन्होंने इस दौरान देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) के हालात और इन दिनों अपनी दिनचर्या पर भी चर्चा की। गांगुली ने कोविड- 19 की इस स्थिति को क्रिकेटिया भाषा में कुछ इस प्रकार समझाया। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा मुश्किल टेस्ट है, जहां गेंद सीम भी कर रहा है और स्पिन भी। बल्लेबाजों के पास गलती करने की गुंजाइश नहीं हैं और उन्हें रन भी बनाने हैं और अपना विकेट भी सुरक्षित रखना है। तभी यहां जीत संभव होगी। भले यह मुश्किल टेस्ट मैच है लेकिन हम साथ मिलकर जीत लेंगे।' इसके बाद पूर्व भारतीय कप्तान से पूछा गया कि इन दिनों लॉकडाउन में वह कैसे अपना वक्त बिता रहे हैं? इसके जवाब में गांगुली ने कहा, 'एक महीने से अधिक समय हो गया है और मैं लगातार घर पर ही हूं। इससे पहले मैंने कभी भी एक साथ इतना लंबा समय नहीं बिताया है। रोजाना यात्राएं मेरी जीवनशैली का हिस्सा रही हैं लेकिन बीते 30-32 दिनों से मैं अपनी फैमिली के साथ हूं। बेटी, पत्नी, मां और भाई के साथ समय बिता रहा हूं। मैं इसका भी आनंद ले रहा हूं।' गांगुली ने कहा, 'मैं मौजूदा हालात से दुखी भी हूं क्योंकि लोग तकलीफ उठा रहे हैं। हम इस महामारी को अब तक समझ नहीं पाए हैं। लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं हजारों लोग मर चुके हैं। मैं भी भयभीत हूं और चाहता हूं कि यह जल्दी खत्म हों।'