इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने शुक्रवार को ताजा वर्ल्ड रैंकिंग जारी की है। भारतीय टीम ने अक्टूबर 2016 के बाद पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 का स्थान गंवाया है। टीम अब 114 रेटिंग के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। भारत अब ऑस्ट्रेलिया से 2 और इंग्लैंड से 1 पॉइंट पीछे है। हालांकि, भारतीय टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अब भी 360 पॉइंट के साथ शीर्ष पर बरकरार है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने टी-20 में भी पहले स्थान पर कब्जा जमा लिया है। भारतीय टीम यहां भी शीर्ष से तीसरे स्थान पर आ गई।
आईसीसी ने कहा कि भारतीय टीम ने 2016-17 में रिकॉर्ड 12 टेस्ट में जीत दर्ज की थी और सिर्फ एक मुकाबला हारा था। विराट कोहली की कप्तानी में टीम ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ सभी 5 टेस्ट सीरीज जीती थीं। इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका और भारत से सीरीज गंवाई थी। आईसीसी ने नए चार्ट में 2016-17 के रिकॉर्ड हटा दिए हैं, इस कारण रैंकिंग में ज्यादा बदलाव देखने को मिले।मई 2019 से अब तक के सभी 100 प्रतिशत और पिछले 2 साल के आधे टेस्ट को काउंट किया है।
वनडे में भारतीय टीम दूसरे और इंग्लैंड टॉप पर
ऑस्ट्रेलिया टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में भी टॉप पर पहुंच गया है। यह पहला मौका है जब ऑस्ट्रेलिया टी-20 रैंकिंग में टॉप पर पहुंचा है, जबकि इंग्लैंड टीम वनडे में 127 पॉइंट के साथ टॉप पर बनी हुई है। वहीं, भारतीय वनडे टीम 119 रेटिंग के साथ दूसरे नंबर पर है। ऑस्ट्रेलिया टीम एकदिवसीय रैंकिंग में 5वें नबंर पर है। टीम के 107 अंक हैं।
दुबईभारत ने शुक्रवार को में अपना शीर्ष स्थान ऑस्ट्रेलिया को गंवा दिया और नियमों के अनुसार सालाना अपडेट से 2016-17 के शानदार रेकॉर्ड के हटाए जाने के बाद तीसरे स्थान पर खिसक गया। भारत ने अक्टूबर 2016 के बाद पहली बार टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में इस बढ़त को कायम रखा। क्यों गंवाया भारत ने नंबर वन का ताज टेस्ट चैम्पियनशिप लीग में छह सीरीज शीर्ष नौ टीमों के बीच खेली गईं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बयान के अनुसार भारत ने अपना स्थान इसलिए गंवाया क्योंकि उसके 2016-17 में 12 टेस्ट जीत के रेकॉर्ड और एक टेस्ट हार को ताजा रैंकिंग से हटा दिया गया। भारत का प्रदर्शन रहा था शानदार की टीम ने उस समय अपनी सभी पांचों सीरीज जीती थीं जिसमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज भी शामिल थीं। वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया इस दौरान साउथ अफ्रीका और भारत दोनों से हार गया था। इस ताजा अपडेट में मई 2019 के बाद खेले गए सभी मैचों की शत प्रतिशत और इससे पिछले दो वर्षों की 50 प्रतिशत रेटिंग जोड़ी गई है। इंग्लैंड वनडे में टॉप पर वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम टेस्ट रैंकिंग में ही शीर्ष पर नहीं पहुंची बल्कि उसने पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय सूची में भी नंबर एक स्थान हासिल कर लिया जबकि 2016-17 के नतीजों को हटाने के बाद सालाना अपडेट में इंग्लैंड की टीम पुरूष वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार है। भारत पहुंचा तीसरे पर, साउथ अफ्रीका को सबसे ज्यादा नुकसान ऑस्ट्रेलिया के अब टेस्ट रैंकिंग में 116 अंक हैं जिसके बाद न्यूजीलैंड (115) और भारत (114) का नंबर आता है। तीनों में केवल दो ही अंक का अंतर है और 2003 में शुरू की गई टेस्ट रैंकिंग में यह दूसरा मौका है जब चोटी की तीन टीमों में इतना कम अंतर है। जनवरी 2016 में शीर्ष तीन टीमों के बीच केवल एक अंक का अंतर था जिसमें भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका से केवल एक अंक से आगे थी। साउथ अफ्रीका को सबसे ज्यादा आठ अंक का नुकसान हुआ जिससे वह श्रीलंका से नीचे छठे स्थान पर खिसक गई। वनडे में इंग्लैंड की बढ़त मजबूत वहीं वनडे टीम रैंकिंग में मौजूदा विश्व चैम्पियन इंग्लैंड (127) ने भारत पर अपनी बढ़त छह से बढ़ाकर आठ अंक की कर ली। न्यूजीलैंड की टीम भारत से तीन अंक पीछे तीसरे स्थान पर बरकरार है। शीर्ष 10 रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। टी20 में भी ऑस्ट्रेलिया बना बॉस वहीं अपडेट के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम रैंकिंग में कई बदलाव हुए जिसमें ऑस्ट्रेलिया (278) 2011 के बाद शुरू की गई टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में पहली बार शीर्ष पर पहुंचा है। पाकिस्तान ने जनवरी 2018 में न्यूजीलैंड को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया था और 27 महीने तक इसी स्थान पर रहने के बाद 260 अंक से अब चौथे स्थान पर खिसक गया है। इंग्लैंड 268 अंक से दूसरे और एक पायदान का फायदा हासिल करने के बाद भारत उससे दो अंक पीछे तीसरे स्थान पर है।
कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण खेल के लगभग सभी टूर्नामेंट्स पर असर पड़ा है। दुनिया की एक तिहाई आबादी घरों में कैद है। भारत में लॉकडाउन के कारण किसानों को फसल कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कई इंटरनेशनल खिलाड़ी परिवार की मदद कर रहे और गेहूं की कटाई के लिए खेतों में उतर आए हैं। इन खिलाड़ियों में बॉक्सर अमित पांघल और मनोज कुमार के अलावा महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी पूनम मलिक भी हैं। अमित ने कहा कि किसान पुत्र हूं, इसलिए इस काम से संतुष्टि मिलती है।
पैरालिंपिक एथलीट रिंकु ने मशीन से गेहूं की कटाई में मदद की
रियो पैरालिंपिक गेम्स के जेवलिन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले रिंकु हुड्डा ने कहा, ‘‘मेरा काम मशीन से गेहूं की कटाई करवाना है। 9 एकड़ के गेहूं की कटाई मशीन से पूरी हो गई है। आधी एकड़ और बची है, उसकी कटाई में सहयोग कर रहा हूं। उम्मीद करता हूं कि बारिश से पहले गेहूं की पैकिंग का भी काम हो जाएगा।’’
अमित ने गेहूं कटाई के बाद पैकिंग भी की
पिछले साल वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले बॉक्सर अमित पांघल भी इन दिनों रोहतक के अपने मान्या गांव में हैं। यहां वे खेती के काम में परिवार की मदद कर रहे हैं। अमित ने कहा, ‘‘मैं हमेशा अपने परिवार वालों का बिना कहे ही सहयोग करता हूं, लेकिन बॉक्सिंग के कारण मैं गेहूं की कटाई के समय गांव से बाहर ही रहा हूं। लॉकडाउन के कारण गांव में हूं। अब मुझे परिवार वालों के साथ गेहूं की कटाई और पैकिंग करने का मौका मिला है। किसान पुत्र होने कारण यह करने में मुझे संतुष्टि मिली है।’’
पूनम ने पहली बार गेहूं कटाई में परिवार वालों का दिया साथ
200 इंटरनेशनल मैचों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं हिसार की हॉकी खिलाड़ी पूनम मलिक लॉकडाउन के कारण अपने गांव उमरा में है। उन्होंने एक अग्रेंजी अखबार को बताया- लॉक डाउन के कारण सभी खेलों पर रोक लगी हुई है। ट्रेनिंग कैंप भी स्थगित हो गए हैं। लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में वह परिवार के लोगों के साथ अपने खेत में जाकर गेहूं की कटाई कर रही हैं। उन्होंने पहली बार गेहूं कटाई की है। वे गांव में ही पली-बढ़ी हुई हैं, लेकिन गेहूं की कटाई के समय में वे खेल के कारण ज्यादा समय गांव से बाहर ही रही हैं।
मलिक ने बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ चार दिन गेहूं की कटाई करने के लिए गईं। उन्होंने परिवार के अन्य चार सदस्यों के साथ चार दिन में एक एकड़ गेहूं की कटाई का काम को पूरा किया है। वह सुबह और शाम दो टाइम गेहूं की कटाई करने के लिए खेत में जाती थीं। इन चार दिनों का अनुभव उनका काफी अच्छा रहा। वह बताती हैं कि चार दिनों में दरांती को हैंडल करना अच्छी तरह से सीख लिया है। पूनम ने 26 अप्रैल को ट्विटर पर एक कविता भी शेयर की थी।
बचपन में सिर्फमौजमस्ती थी, अब सही मायने में गेहूंकटाई की
दो बार ओलिंपिक में बॉक्सिंग टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके मनोज कुमार बताते हैं कि 1999 के बाद यह दूसरा मौका है, जब वह गेहूं की कटाई के सीजन में अपने गांव राजौंद (कैथल) में हैं। उन्होंने बचपन में बड़ों को ही गेहूं की कटाई करते देखा है। वह भी कई बार मौज- मस्ती करने के लिए उनके साथ गेहूं की कटाई करने के लिए जाते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण वह अभी अपने घर पर हैं। चूंकि मजदूर नहीं मिल रहे हैं, इसलिए वह सही मायनों में अब खेतों में जाकर गेहूं की कटाई कर रहे हैं।
कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड () के पूर्व अध्यक्ष (Najam Sethi) ने खुलासा किया है कि प्रतिबंधित बल्लेबाज (Umar Akmal) को मिर्गी के दौरे पड़ते हैं, जिसके लिए उन्होंने उपचार लेने से इंकार कर दिया था। उमर पर हाल में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से पहले भ्रष्ट लोगों से संपर्क की सूचना नहीं देने के कारण 3 साल का प्रतिबंध लगाया गया है। नजम सेठी 2013 से 2018 तक पीसीबी के अध्यक्ष और कार्यकारी समिति के प्रमुख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वह बोर्ड के अध्यक्ष बने तो उन्होंने जिस पहली समस्या का सामना किया वह उमर (अकमल) से जुड़ी थी। सेठी ने एक टीवी चैनल से कहा, 'हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट थी, जिसमें पुष्टि की गई थी उन्हें मिर्गी के दौरे पड़ते हैं और हमने उन्हें वेस्टइंडीज से वापस बुला लिया। जब मैं उनसे मिला तो मैंने कहा कि यह गंभीर समस्या है और उन्हें विश्राम लेकर उचित उपचार कराने की जरूरत है। लेकिन वह यह मानने के लिए तैयार ही नहीं थे।' उन्होंने कहा, ' जो भी हो मैंने उसे दो महीने तक खेलने से रोक दिया लेकिन बाद में हमने चिकित्सा रिपोर्ट चयनकर्ताओं के पास भेज दी और उन पर फैसला छोड़ दिया क्योंकि मुझे उनके काम में हस्तक्षेप करना पसंद नहीं था।' मिर्गी केंद्रीय तंत्रिता तंत्र (न्यूरोलॉजिकल) से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधियां असामान्य हो जाती हैं। सेठी ने इसके साथ ही कहा कि उमर बेहद प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं लेकिन वह खुद को टीम से बड़ा समझते हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें अनुशासन में रहना पसंद नहीं है। वह टीम के लिए नहीं खुद के लिए खेलते हैं। वह अनुशासन की परवाह नहीं करते।'