Wednesday, April 29, 2020
.. जब 'देसी बॉयज' बन रसेल ने गाया- सुबह होने ना दे April 28, 2020 at 09:44PM
वॉर्नर ने कहा- ऑस्ट्रेलियाई टीम के इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे पर जाने की संभावना कम, खाली स्टेडियम में मैच का मतलब नहीं April 28, 2020 at 08:51PM
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर का कहना है कि कोरोनावायरस की वजह से टीम कीआगामी इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे पर जाने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में जो कुछ हुआ, उसे देखते हुए हमारा फिलहाल वहां जाना मुमकिन नहीं दिख रहा है। ऑस्ट्रेलिया का इंग्लैंड दौरा 3 जुलाई से शुरू होना है। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच 3 वनडे और इतने ही टी-20 खेले जाने हैं। इससे पहले कंगारू टीम 29 जून को स्कॉटलैंड के खिलाफ भी टी-20 खेलेगी।
ऑस्ट्रेलिय़ा जून में बांग्लादेश दौरे पर जाने वाली थी। वहां भी टीम को 2 टेस्ट खेलने थे। हालांकि, उस दौरे को भीकैंसिल कर दिया गया है। वहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ अगस्त में होने वाली वनडे सीरीज होने की संभावना भी बहुत कम है।
क्रिकेट से ज्यादा वायरस को हराने पर जोर देना होगा
वॉर्नर ने कोरोना औरइंग्लैंड दौरे को लेकर कहा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन स्वस्थ हो गए हैं। वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं। यह बहुत अच्छी खबर है। लेकिन क्रिकेट से ज्यादा अभी इस वायरस से लड़ना जरूरी है। हमारी प्राथमकिता इस महामारी को हराने की होनी चाहिए। इसके लिए हम सभी को वह कदम उठाने चाहिए।अभी तक इस लड़ाई में ऑस्ट्रेलिया काफी हद तक कामयाब रहा है। इसका श्रेय देश के नागरिकों को देना चाहिए।
'बिना दर्शकों के क्रिकेट का मतलब नहीं'
खाली स्टेडियम में क्रिकेट के सुझाव को उन्होंने सिर से खारिज कर दिया। वॉर्नर ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है। आप जहां भी जाएं और क्रिकेट खेलें आप हमेशा यही चाहते हैं कि उसे दर्शक देखें। मुझे इंग्लैंड में खेलना पसंद है। यहां खेलना शानदार है। जनता और इंग्लिश टीम हमेशा खेल के रोमांच को बढ़ा देती है। इसलिए मैं भी वहां खेलने को लेकर उत्साहित हूं। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि दर्शकों को अच्छी क्रिकेट देखने को मिले। लेकिन मौजूदा हालात में इसका होना मुश्किल लग रहा है।
ईसीबी ने 1 जुलाई तक क्रिकेट पर रोक लगाई है
इधर, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सभी तरह के क्रिकेट पर 1 जुलाई तक रोक लगाई हुई है। इसी वजह से जून में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज के कार्यक्रम को भी बदला गया है। ईसीबी के चीफ एक्जीक्यूटिव टॉम हैरिसन का कहना है कि अगर क्रिकेट सीजन को शुरू करने में और देरी होती है तो फिर कार्यक्रम में बदलाव की बजाए क्रिकेट मैच ही रद्द किए जाएंगे।
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हसी ने अपनी टीम में धोनी को नहीं चुना, क्यों April 28, 2020 at 08:50PM
Tuesday, April 28, 2020
फीफा के मेडिकल चीफ ने कहा- सितंबर तक फुटबॉल नहीं खेला जाए, मैदान पर थूकने वाले खिलाड़ियों को येलो कार्ड दिया जाए April 28, 2020 at 05:42PM
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ(फीफा) की मेडिकल कमेटी के चीफ मिकेल डी हूग ने कहा है कि मौजदा हालात में कोरोनावायरस को और फैलने से रोकने के लिए कम से कम सितंबर तक फुटबॉल न शुरू किया जाए। इसके अलावा, जब फुटबॉल लौटे तो मैदान पर थूकने वाले खिलाड़ियों को येलो कार्ड दिया जाए। उन्होंने स्काय स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में यह बात कही।
मिकेल के कहा कि अगर कोई ऐसा पल है, जहां स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को पूर्ण प्राथमिकता देनी चाहिए तो यही है। यह पैसों की नहीं, बल्कि जिंदगी और मौत का सवाल है। उन्होंने कहा कि सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद से ही यह सबसे नाटकीय हालात हैं, जिसमें हम सब जी रहे हैं। हमें कोरोना के खतरे को कम करके नहीं आकना चाहिए और हकीकत में जीना चाहिए। बेल्जियम के इस फुटबॉल प्रशासक का बयान तब आया है, जब जर्मनी में बुंदेसलीगा को अगले महीने शुरू करने की तैयारी चल रही है। वहीं, प्रीमियर लीग(ईपीएल) जून में खाली स्टेडियम में होने की संभावनाएं टटोली जा रही हैं।
अभी खिलाड़ियों का एकदूसरे के सम्पर्क में आना जल्दबाजी होगी
फीफा की मेडिकल कमेटी के चीफ ने आगे कहा कि यह खिलाड़ियों के लिए बहुत जल्दी होगा कि वे एकदूसरे के सम्पर्क में आएं। कम से कम तब जबकि सोशल डिस्टेसिंग के नियम लागू हैं। फिलहाल दुनिया कॉम्पिटिटिव फुटबॉल के लिए तैयार नहीं है। मुझे लगता है कि यह जल्दी बदलेगा। लेकिन अभी संयम बरतना होगा। उन्होंने कहा कि फुटबॉल तभी संभव है जब एकदूसरे से सम्पर्क दोबारा संभव होगा। फुटबॉल कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स है और मौजूदा हालात में सब इससे दूर करने के लिए ही कह रहे हैं जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है।
फुटबॉल शुरू होने से पहले वैक्सीन का इंतजाम होना चाहिए
फुटबॉल शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की टेस्टिंग से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि आपको लगातार यह करना होगा। अगर एक खिलाड़ी पॉजिटिव पाया गया तो आपको सभी को क्वारैंटाइन करना होगा। क्या आपको लगता है कि यह सामान्य टूर्नामेंट जैसे हालात हैं। हमें नहीं पता है कि अलग-अलग देशों में कोरोना कब चरम पर होगा। इसका एक ही हल है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध होनी चाहिए।
'फुटबॉल के नियमों में बदलाव की जरूरत होगी'
डी हूग ने कि जब भी फुटबॉल की शुरुआत होगी तब कुछ नियमों में बदलाव की जरूरत होगी। खासतौर पर खिलाड़ियों के मैदान पर थूकने पर रैफरी को नजर रखनी होगी। क्योंकि यह फुटबॉल में बहुत आम होता है। लेकिन इससे संक्रमण का खतरा बना रहेगा।
ईपीएल को 8 जून से शुरू करने पर विचार
इधर, मार्च से स्थगित इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) को जून में शुरू करने की चर्चा चल रही है। वायरस की वजह से मुकाबले दोबारा शुरू किए जाएं या सीजन रद्द हो, इसे लेकर सभी पक्षों की 1 मई को अहम बैठक है। इसमें 8 जून से लीग को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। यूएफा भी कह चुकी है कि फिर से शुरुआत करने के पहले हमें कोई रास्ता निकालना होगा। अभी कुल 92 मैच होने हैं। लिवरपूल टॉप पर है।
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