Tuesday, April 28, 2020

ओलिंपिक समिति के प्रमुख ने कहा- कोरोना अगले साल भी खत्म नहीं हुआ तो गेम्स रद्द कर दिए जाएंगे, अभी 1 साल के लिए टाले गए हैं April 27, 2020 at 11:17PM

टोक्यो 2020 ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष योशिरो मोरी ने कहा है कि अगर अगले साल तक भी कोरोना महामारी पर काबू नहीं पाया जा सका तो इन खेलों को रद्द कर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ और जापान सरकार ने पिछले महीने ही ओलिंपिक को जुलाई 2021 तक के लिए टाल दिया था। इसका आयोजन अब 23 जुलाई 2021 से
होना है।

जापान के स्पोर्ट्स डेली को दिए इंटरव्यू के दौरान जब मोरी से पूछा गया कि अगर महामारी का खतरा अगले साल भी बना रहता है तो क्या खेलों को एक सालयानी 2022 तक टाला जा सकता है तो उन्होंने कहा- नहीं, अगर ऐसा होता है तो फिर गेम्स को रद्द कर दिया जाएगा।

'वायरस पर काबू पाने पर ही गेम्स संभव'

मोरी ने आगे कहा कि इससे पहले विश्व युद्ध के समय ही ओलिंपिक को रद्द किया गया था। उन्होंने कोरोनावायरस से लड़ाई को ‘एक अदृश्य दुश्मन के खिलाफ जंग’ करार दिया।उन्होंने कहा- अगर वायरस पर नियंत्रण पा लिया जाता है तो हम अगली गर्मियों में जरूर इन खेलों का आयोजन करेंगे।

जापान के मेडिकल एक्सपर्ट भी गेम्स के होने पर संदेह जता रहे

इससे पहले, जापान मेडिकल एसोसिएशन के प्रमुख योशिटेके योकोकुरा ने चेताया था कि अगर कोरोनावायरस की वैक्सीन नहीं आई तो अगले साल भी इन खेलों का आयोजन करना बहुत मुश्किल होगा।

'वायरस को कंट्रोल करन ही इकलौता विकल्प'

पिछले हफ्ते भी देश की कोरोनावायरस से निपटनेकी तैयारियों की आलोचना करने वाले कोबे यूनिवर्सिटी में संक्रामकबीमारियों के प्रोफेसर केंटारो आइवाटा ने खेलों के आयोजन पर संदेह जताया था। उन्होंने कहा था कि ईमानदारी से बताऊं तो मुझे नहीं लगता कि 2021 की जुलाई में भी गेम्स होंगे। फिलहाल, ओलिंपिक को कराने के लिए सिर्फ दो ही विकल्प मौजूद हैं। पहला है कि हम जापान में वायरस को कंट्रोल करें, जबकि दूसरा यह है कि दुनियाभर में फैली महामारी पर लगाम लगाएं। हालांकि, आयोजन समिति का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी।

ओलिंपिक और पैरालिंपिक की ओपनिंग सेरेमनी एकसाथ कराने पर विचार
इस बीच, टोक्यो 2020 की आयोजन समिति खर्चों को कम करने के इरादे से ओलिंपिक और पैरालिंपिक खेलों की ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी एक साथ करने पर विचार कर रही है। इस प्लान के तहत 23 जुलाई को टोक्यो ओलिंपिक के उद्धाटन समोराह के दौरान ही पैरालिंपिक खेलों की शुरुआत भी होगी। वहीं, टोक्यो 2020 का समापन समारोह सितंबर में पैरालिंपिक खेलों के खत्म होने के साथ किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए आईओसी की मंजूरी नहीं मिली है।

124 साल में पहली बार ओलिंपिक टाले गए

124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए हैं और पहली बार टाले गए हैं। पहले विश्व युद्ध के चलते बर्लिन (1916), टोक्यो (1940) और लंदन (1944) गेम्स को कैंसिल करना पड़ा था। यह पहला मौका नहीं है, जब टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को टाला गया। 1940 में इस शहर को पहली बार इन खेलों की मेजबानी मिली थी। लेकिन, चीन से युद्ध की वजह से यह गेम्स रद्द हो गए।



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अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ और जापान सरकार ने पिछले महीने ही ओलिंपिक को जुलाई 2021 तक के लिए टाल दिया था। (फाइल)

वॉर्न को अपने इशारों पर नचाते थे तेंडुलकर: ब्रेट ली April 27, 2020 at 11:01PM

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज दुनिया के महान बल्लेबाज की बैटिंग तकनीक की तारीफ की है। ली ने एक टीवी कार्यक्रम में बताया कि सचिन दिग्गज स्पिनर के सामने भी इतने मजबूत थे कि वह उन्हें मनचाही जगह शॉट लगाते थे। सचिन और वॉर्न जब खेला करते थे तब उनके बीच की जंग बहुचर्चित हुआ करती थी। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदगबाज ब्रेट ली ने भी मान लिया है कि इस जंग में जीत लिटिल मास्टर की होती थी। ली ने कहा कि तेंडुलकर ने उनके साथी गेंदबाज को कई बार अपने इशारों पर नचाया है। तेंडुलकर ने वॉर्न के खिलाफ कई यादगार पारियां खेली हैं। उन्होंने वॉर्न के रहते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जो 12 टेस्ट मैच खेले उनमें 60 से अधिक औसत से रन बनाए। इसमें 5 शतक और 5अर्धशतक भी शामिल है। वॉर्न की मौजूदगी वाले 17 वनडे में उन्होंने 58.70 की औसत और 5 शतकों की मदद से 998 रन बनाए। ब्रेट ली ने वॉर्न और तेंडुलकर के बीच मुकाबले के अलावा खुद इस स्टार बल्लेबाज का विकेट लेने की खुशी को भी बयां किया। ली ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम 'क्रिकेट कनेक्टेड' में कहा, 'वह (तेंडुलकर) कुछ अवसरों पर विकेट से आगे आकर वॉर्न को शॉर्ट पिच गेंद करने के लिए मजबूर करते थे। कुछ अवसरों पर वह बैकफुट पर जाकर गेंद का इंतजार करते और खूबसूरत शॉट खेलते थे।' इस पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, 'यह वॉर्न को अपने इशारों पर नचाने जैसा था। शेन वॉर्न के साथ बहुत कम बल्लेबाज ऐसा कर सकते थे क्योंकि वह बेहद प्रतिभाशाली थे। लेकिन कई अवसरों पर सचिन तेंडुलकर ऐसा करते थे।' ली ने कहा कि तेंडुलकर को आउट करने के लिए वॉर्न कई तरह के वैरीएशन भी अपनाते थे लेकिन भारतीय दिग्गज गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटते ही उसका सही अनुमान लगाने में माहिर थे और ऐसे में दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान करने वाले वॉर्न उनके सामने नाकाम रहे। ब्रेट ली ने कहा, 'सचिन जिस तरह गेंदबाज के हाथ से गेंद छूटते ही उसे समझ जाते थे और भिन्न तरह की गेंदों को खेलने के लिए भिन्न तकनीक का उपयोग करते थे वह लाजवाब था। वॉर्न कई बार हवा में गेंद को दिशा देने की कोशिश करते थे तो कई बार नहीं। जब भी वह गेंद में वैरीएशन लाते थे कि सचिन उसे समझ लेते थे।' उन्होंने कहा, 'वॉर्न ने दुनिया भर के अन्य बल्लेबाजों को परेशानी में डाला लेकिन सचिन अन्य बल्लेबाजों की तुलना में गेंद का सही अनुमान लगाते थे। वॉर्न को इससे नफरत थी। वह वापस आकर कहते थे कि उन्होंने सचिन को आउट करने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किए लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए।' वॉर्न 12 टेस्ट मैचों में केवल 3 बार तेंडुलकर को आउट कर पाए थे। ली ने 2003 मेलबर्न में खेले गए 'बॉक्सिंग डे' टेस्ट मैच का भी जिक्र किया, जब उन्होंने पहली बार तेंडुलकर का सामना किया और पहली गेंद पर ही उन्हें विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के हाथों कैच कराया। उन्होंने कहा, 'मैं तब 22 साल का था, जब मुझे लिटिल मास्टर के खिलाफ खेलने का पहला अवसर मिला। मेरी गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर गई और मुझे लगा कि मैंने अपना काम कर दिया। मुझे टेस्ट मैच की परवाह नहीं थी क्योंकि मैं सचिन तेंडुलकर को आउट करके बहुत खुश था।'

स्वदेश लौटे RCB के डायरेक्टर माइक हेसन April 27, 2020 at 11:00PM

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) के क्रिकेट संचालन निदेशक भारत () में एक महीने से भी अधिक समय तक फंसे रहने के बाद मंगलवार को न्यूजीलैंड लौट गए। न्यूजीलैंड (New Zealand) के पूर्व क्रिकेटर और कोच हेसन आईपीएल के नए सत्र के लिए पांच मार्च को भारत आए थे लेकिन कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन और विमान सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण वह यहीं फंसे रहे गए। हेसन ने ट्वीट किया, ‘मुंबई हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए बस में बिताए गए एक दिन के बाद क्या शानदार नजारा था। न्यूजीलैंड तक हमारी वापसी के दौरान फ्लाईएयरएनजेड के कर्मचारियों का व्यवहार बहुत अच्छा रहा।’ उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), भारत में न्यूजीलैंड के उच्चायोग (New Zealand High Commission in India), न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय और न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री (Prime Minister of New Zealand) जेसिंडा आर्डर्न का भी आभार व्यक्त किया। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए भारत और न्यूजीलैंड ने पिछले महीने अपने अपने देशों में लॉकडाउन (Lockdown in India) की घोषणा कर दी थी। इनमें यात्रा पाबंदियां भी शामिल थी जिससे 45 वर्षीय हेसन को बेंगलुरु में ही रुकना पड़ा था। भारत में अब भी लॉकडाउन है लेकिन न्यूजीलैंड ने मंगलवार को इसमें ढील दे दी। आईपीएल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 मार्च से शुरू होना था लेकिन महामारी को देखते हुए इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।

रमीज ने कहा, मैच फिक्सर्स को जेल में डालो April 27, 2020 at 10:23PM

कराचीपाकिस्तान के पूर्व कप्तान और बल्लेबाज (Ramiz Raja) ने मंगलवार को कहा कि मैच फिक्सिंग (Match Fixing) को अपराध की श्रेणी में लाकर इस समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है। उन्होंने साथ ही कहा कि मैच फिक्सिंग (Match Fixing in Pakistan) को रोकने के लिए ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है जैसे कि इस समय कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) को रोकने के लिए किए जा रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सोमवार को बल्लेबाज उमर अकमल (Ban on ) को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया क्योंकि उन्होंने भ्रष्ट संपर्क की जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद राजा और जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर मपुमेलेलो मबांग्वा ने सोशल मीडिया पर मैच फिक्सिंग को लेकर चर्चा की। मबांग्वा ने कहा किया, ‘ऐसा लग रहा है कि इस लड़ाई को बुरे लोग जीत रहे हैं। वह (अकमल) जाना माना नाम है, क्या ऐसा नहीं है? क्या आपको लगता है कि जेल की सजा से जंग को जीता जा सकता है।’ इसके जवाब में राजा ने कहा कि मैच फिक्सिंग के सफाए के लिए खेल के सभी हितधारकों को एकजुट होना होगा। राजा ने ट्वीट किया, ‘जेल की सजा इससे निपटने के लिए उपयोगी हो सकती है पोमी (मबांग्वा), संभवत: आखिरी उपाय। यह कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई की तरह है, क्रिकेट जगत को बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा: प्रशंसक, बोर्ड, हितधारक, कानून प्रवर्तन एजेंसियां, आप और मैं।’ राजा ने इससे पहले अकमल के दोषी पाए जाने पर निराशा जताते हुए कहा था कि यह प्रतिभा की बर्बादी है।