Thursday, March 19, 2020

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर स्टोइनिस ने भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ की, कहा- जो टीम इंडिया से बाहर, वे भी मुझसे ज्यादा प्रतिभाशाली March 18, 2020 at 10:01PM

खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस के मुताबिक, टीम इंडिया से बाहर बैठने वाले खिलाड़ी भी उनसे ज्यादा प्रतिभाशाली हैं। हाल ही में रिलीज हुई ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम की डॉक्यूमेंट्री 'द टेस्ट' में उन्होंने यह बात कही। स्टोइनिस ने इस डॉक्यूमेंट्री में कहा, ‘‘मुझे भारत में खेलना अच्छा लगता है। मुझे यहां की संस्कृति पसंद हैं। इसकी ऊर्जा का मुकाबला करना नामुमकिन है। आप इसका सही इस्तेमाल कर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।’’

स्टोइनिस ने आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया में सबसे टैलेंटेड है। उसका मुकाबला करना हमेशा से शानदार रहा है। भारत ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दी थी। यह पहला मौका था, जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर टेस्ट सीरीज में हराया था। भारत ने इस दौरे पर मेजबान टीम के खिलाफ टी-20 सीरीज 1-1 से बराबर कराई थी और 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच गंवाने के बाद अगले दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की थी। यह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर हाल ही में खत्म हुई बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स की तरफ से खेला था। वे इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने 17 मैच में 54.23 की औसत से 705 रन बनाए थे। पूरे सीजन में उन्होंने 28 छक्के भी लगाए थे।

जस्टिन लैंगर ने भी इस डॉक्यूमेंट्री में विराट कोहली की तारीफ की है

इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने भी इस डॉक्यूमेंट्री में कहा था कि 2018-19 के भारत दौरे पर विराट कोहली के जश्न को देखकर उन्हें 'पंचिग बैग' जैसा महसूस हुआ था। ऐसा लगा कि हमारे हाथ पीछे से बंधे हुए हैं और कोई मार रहा है। कोहली की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने तब पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती थी।



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ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस (बीच में)। (फाइल)

धोनी, राहुल और पंत खेलें साथ, जाफर का ऐसा प्लान March 18, 2020 at 10:38PM

नई दिल्लीभारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने कहा है कि इसी साल होने वाले टी-20 विश्व की बात है और अगर महेंद्र सिंह धोनी फिट हैं, फॉर्म में हैं तो भारत उनसे आगे नहीं सोच सकता। हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले जाफर ने कहा है कि धोनी के होने से लोकेश राहुल और ऋषभ पंत पर से भार कम होगा। राहुल इस समय सीमित ओवरों में भारत के लिए मुख्य विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं। जाफर ने एक ट्वीट में कहा, ‘अगर धोनी फिट हैं और फॉर्म में हैं तो हम उनसे आगे नहीं सोच सकते क्योंकि विकेट के पीछे और निचले क्रम में वह बड़ी सम्पत्ति हैं। यह राहुल से कीपिंग का दबाव ले लेगा और अगर भारत बाएं हाथ का बल्लेबाज चाहता है तो पंत भी खेल सकते हैं।’ धोनी ने पिछले साल इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के सेमीफाइनल में आखिरी बार मैदान पर कदम रखा था। इसके बाद से वह आराम के नाम पर टीम से बाहर हैं। अब वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वापसी करेंगे। धोनी के प्रशंसकों के लिए हालांकि यह इंतजार और लंबा हो सकता है क्योंकि कोरोना वायरस के कारण आईपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए स्थागित कर दिया गया है। पहले आईपीएल की शुरुआत 29 मार्च से होनी थी।

वसीम जाफर बोले- धोनी टीम इंडिया के लिए अनमोल, अगर वो फिट हैं तो टी-20 वर्ल्ड कप में उनका विकल्प नहीं March 18, 2020 at 09:14PM

खेल डेस्क. भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के लिए अनमोल हैं। अगर वे फिट और फॉर्म में रहते हैं तो टी-20 वर्ल्ड कप में उनका कोई विकल्प नहीं। उन्होंने आगे कहा कि वह विकेट के पीछे और निचले क्रम में टीम के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं। उनके टीम में रहने की वजह से केएल राहुल पर विकेटकीपिंग का दबाव नहीं होगा और ऋषभ पंत को बतौर बल्लेबाज में टीम में शामिल किया जा सकेगा।

38 साल के धोनी ने पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच में 2019 में खेला था। तब वे वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उतरे थे। इसके बाद से वे क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसी साल जनवरी में बीसीसीआई ने उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया था। इसके बाद से ही उनकी सन्यास की अटकलें लगने तेज हो गईं थीं। हालांकि, धोनी ने अपने संन्यास को लेकर कुछ नहीं कहा है। वे आईपीएल के जरिए क्रिकेट मैदान पर वापसी करेंगे। कोरोनावायरस के कारण चेन्नई टीम का ट्रेनिंग कैम्प बंद होने से पहले उन्होंने पिछले हफ्ते ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया था।

'आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर धोनी की टीम में वापसी'

इससे पहले, टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने भी धोनी के भविष्य को लेकर कहा था कि उनकी टीम में वापसी आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर ही तय होगी। लीग में दूसरे विकेटकीपर कैसा करते हैं और धोनी के मुकाबले उनका प्रदर्शन कैसा रहता है। इसे आंकने के बाद ही धोनी पर कोई फैसला होगा। इस साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप होना है। इससे पहले आईपीएल आखिरी बड़ा टूर्नामेंट है। इसके बाद मोटे तौर पर वह 15 खिलाड़ी चुन लिए जाएंगे, जो वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा हो सकते हैं।

सहवाग ने कहा था धोनी की टीम में वापसी मुश्किल

दो दिन पहले ही भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा था कि आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद धोनी की टीम में वापसी मुश्किल है। सहवाग के मुताबिक, पहली बात तो यह समझ जाना चाहिए कि एक बार जब चयनकर्ता किसी खिलाड़ी को छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं, तो आम तौर पर उसकी वापसी बहुत मुश्किल होती है। दूसरी यह कि अगर वह (धोनी) आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर भी देते हैं, तो भी टीम इंडिया में किसकी जगह लेंगे। फिलहाल केएल राहुल, बल्लेबाजी के साथ ही विकेटकीपिंग में अच्छा कर रहे हैं। ऐसे में धोनी के लिए उनकी जगह लेना असंभव सा है।



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महेंद्र सिंह धोनी ने पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच 2019 के वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। (फाइल)

क्रिकेट में जब एक के खिलाफ खेले 2 अन्य सगे भाई March 18, 2020 at 09:35PM

नई दिल्लीयुसूफ पठान-इरफान पठान, हार्दिक पंड्या-क्रुणाल पंड्या, स्टीव वॉ-मार्क वॉ... ये वे भाई हैं जो एक ही टीम से खेले, लेकिन एक ऐसी भी फैमिली रही है जिसके तीन सगे भाई इंटरनैशनल क्रिकेट में एक साथ तो खेले, लेकिन एक-दूसरे के खिलाफ टीम में थे। यह हुआ था आज ही के दिन 128 वर्ष पहले यानी 19 मार्च 1892 को। यह टेस्ट मैच हुआ था केप टाउन में साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच। इस मैच में 3 सगे भाई फ्रैंक हर्ने, एलेक हर्ने और जॉर्ज गिब्सन हर्ने एक साथ खेले थे। फ्रैंक हर्ने साउथ अफ्रीका टीम का हिस्सा थे तो एलेक हर्ने और जॉर्ज गिब्सन हर्ने इंग्लैंड की ओर से खेल रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि फ्रैंक पहले इंग्लैंड की ओर से 3 वर्ष खेल चुके थे, लेकिन साउथ अफ्रीका के लिए डेब्यू कर रहे थे। दूसरी ओर, एलेक हर्ने और जॉर्ज गिब्सन हर्ने भी इंग्लैंड की ओर से डेब्यू कर रहे थे। एक चचेरा भाई भी थारोचक बात यह है कि इस मैच में इनका एक चचेरा भाई भी खेल रहा था। उनका नाम जैक हर्ने था। इस तरह एक ही मैच में एक फैमिली के 4 लोग अलग-अलग देश के लिए डेब्यू कर रहे थे। यह इंटरनैशनल क्रिकेट इतिहास में पहली और आखिरी बार हुआ था। ऐसा रहा था मैच का रोमांचमैच की बात करें तो इसे इंग्लैंड ने पारी और 189 रनों से जीता था। साउथ अफ्रीका की पहली पारी 97 रनों पर ऑलआउट हो गई थी, जबकि इंग्लैंड ने 369 रन बनाए थे। मेजबान टीम की दूसरी पारी महज 83 रन पर ढेर हो गई थी। फ्रेंक हर्ने (24 और 23 रन) दोनों पारियों में साउथ अफ्रीका की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। दूसरी ओर एलेक हर्ने ने 9 और जैक हर्ने ने इंग्लैंड के लिए 40 रन की पारी खेली थी, जबकि जॉर्ज हर्ने खाता नहीं खोल सके थे।