Tuesday, February 25, 2020

विराट-रोहित को आउट करना चाहता है यह बोलर February 24, 2020 at 11:51PM

नई दिल्ली इस साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप खेला जाना है और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने साउथ अफ्रीका में हाल ही में खत्म हुई टी-20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई है। अब टॉम करन की नजरें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में विराट कोहली और के विकटों पर हैं। टॉम आईपीएल में पूर्व विजेता राजस्थान रॉयल्स की जर्सी में नजर आएंगे। टॉम ने कहा कि वह कोहली और रोहित दोनों के प्रशंसक हैं, लेकिन जब उनके हाथ में गेंद होगी तो वह विश्व के दो बेहतरीन बल्लेबाजों को अपनी योग्यता से आउट करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह विश्व स्तर के खिलाड़ी हैं। एक गेंदबाज के तौर पर यह मेरे लिए अपनी रणनीति लागू करने और उनके बजाए अपनी योग्यताओं पर ध्यान देने की बात है। यह शानदार चुनौती होगी, जिसके लिए मैं तैयार हूं।’ टॉम से जब पूछा गया कि क्या वे आईपीएल को टी-20 विश्व कप की तैयारी के लिहाज से मंच के तौर पर देख रहे हैं? तो उन्होंने कहा, ‘मैं क्रिकेट में कोई भी मैच खेलूं, मुझे लगता है कि उसका प्रभाव पड़ता है, बड़ा हो या छोटा। लेकिन मैं ज्यादा आगे की नहीं सोच रहा और एक बार में एक मैच पर ही ध्यान देना चाहता हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं जब भी मैदान पर उतरूं तो अपने अंदर सुधार कर सकूं।’ आईपीएल में वह स्टीव स्मिथ, बेन स्टोक्स और जोस बटलर के साथ ड्रैसिंग रूम साझा करेंगे और इस युवा को लगता है कि यह उनके लिए मंच होगा कि वह विश्व स्तर के खिलाड़ियों के साथ रहकर सीख सकें। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए शानदार अनुभव होगा। मैं उनके खिलाफ खेला हूं और उन्हें बहुत अच्छे से जानता हूं। मैं उनके साथ खेलने और रॉयल्स के लिए मैच जीतने को तैयार हूं।’ टॉम मुख्य तौर पर गेंदबाज हैं लेकिन वह निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी भी करते हैं। उनसे जब पूछा गया कि वह मौजूदा समय के सर्वश्रेष्ठ हरफनमौला खिलाड़ियों में से एक बेन स्टोक्स का अनुकरण करने की कोशिश करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह स्टोक्स के मुरीद हैं। टॉम ने कहा, ‘मैं स्टोक्स को एक अच्छे इंसान के रूप में जानता हूं और ईमानदारी से कहूं तो वह जिस तरह से अभ्यास करते हैं, वो शायद ही कोई और करता हो। इस तरह के महान खिलाड़ी के साथ रहना शानदार है।’ टॉम से जब पूछा गया कि क्या इंग्लैंड दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीत सकती है तो इस खिलाड़ी ने कहा, ‘बिल्कुल, ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे मैं कहूं कि हम विश्व कप नहीं जीत सकते। हमारे पास कुछ शानदार खिलाड़ी हैं और उन्होंने काफी टी-20 क्रिकेट खेली है। इसलिए हम इसके लिए तैयार हैं।’

शाहिद अफरीदी ने कहा- सिर्फ मोदी की वजह से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट नहीं हो रही, वो निगेटिव सोच वाले शख्स February 24, 2020 at 11:16PM

खेल डेस्क. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने आरोप लगाया है कि भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों में नरेंद्र मोदी बाधक हैं। सोमवार को पाकिस्तान के एक स्पोर्ट्स चैनल को दिए इंटरव्यू में अफरीदी ने भारत के प्रधानमंत्री को नकारात्मक सोच का व्यक्ति करार दिया। कहा- मोदी के रहते दोनों देशों के क्रिकेट रिश्ते बहाल नहीं हो सकते।
कुछ दिनों पहले शाहिद ने युवराज सिंह के साथ एक वीडियो शेयर किया था। इसमें युवी ने भी भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्ते बहाल करने की मांग की थी। सिंह ने कहा था कि इसमें एशेज से भी ज्यादा रोमांच होगा।

‘मोदी हैं तो नामुमकिन है..’
अफरीदी ने सोमवार को ट्रिब्यून पाकिस्तान के स्पोर्ट्स चैनल को इंटरव्यू दिया। एंकर ने उनसे पूछा- युवराज समेत भारत के कई खिलाड़ी चाहते हैं कि दोनों देशों मे क्रिकेट संबंध बहाल हों। आप इस पर क्या कहना चाहेंगे? इस पर अफरीदी ने कहा, “जब तक मोदी सत्ता में हैं, मुझे नहीं लगता कि भारत की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब मिलेगा। भारतीयों के साथ हम सभी जानते हैं कि मोदी की सोच क्या है। वो हमेशा निगेटिव विचार रखते हैं। एक बात साफ है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सिर्फ एक शख्स की वजह से बिगड़े। कोई भी ये नहीं चाहता।”

मुझे नहीं पता मोदी क्या चाहते हैं...
एक अन्य सवाल के जवाब में अफरीदी ने कहा, “दोनों मुल्कों के लोग एक-दूसरे के यहां जाना चाहते हैं। लेकिन, मुझे ये समझ नहीं आता कि नरेंद्र मोदी क्या चाहते हैं? जहां तक क्रिकेट की बात है तो मैं बता दूं कि भारतीय क्रिकेट को आईपीएल ने बदल दिया है। वहां युवा काफी अच्छा खेल रहे हैं।” बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीजी 2012-13 में खेली गई थी। भारत ने आखिरी बार 2006 में पाकिस्तान का दौरा किया था। 26/11 के मुंबई हमले के बाद दोनों देश सिर्फ आईसीसी के टूर्नामेंट्स में साथ खेलते नजर आते हैं।



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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ शाहिद अफरीदी। (फाइल)

कोहली का मेसेज, ज्यादा डिफेंसिव का फायदा नहीं February 24, 2020 at 08:50PM

वेलिंगटन भारतीय कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच से पहले, अपने बल्लेबाजों से बेहद रक्षात्मक रवैया छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि विदेशी दौरों में इस तरह के खेल से कभी फायदा नहीं मिलता। भारत को बेसिन रिजर्व में पहले टेस्ट मैच में दस विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। वह तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर दोनों पारियों में 200 रन तक भी नहीं पहुंच पाया था। कोहली ने हार के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हम जिस भाषा का उपयोग करते हैं, उसे सही करना होगा। मुझे नहीं लगता कि सतर्क होने या बेहद सावधानी बरतने से मदद मिलेगी क्योंकि ऐसे में हो सकता है कि आप अपने शॉट नहीं खेल पाओ।’ दूसरी पारी में तकनीकी तौर पर मंझे हुए बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने बेहद रक्षात्मक रवैया अपनाया और 81 गेंदों पर 11 रन बनाए। हनुमा विहारी ने 79 गेंदें खेलीं और 15 रन बनाए। बल्लेबाजी यूनिट किसी भी समय लय हासिल करने में नाकाम रही। पुजारा ने बीच में 28 गेंद तक एक भी रन नहीं बनाया और ऐसे में दूसरे छोर पर खड़े मयंक अग्रवाल को ढीले शॉट खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय कप्तान को यह कतई पसंद नहीं है कि आप दौड़कर एक रन न लो और किसी अच्छी गेंद का इंतजार करो जो आपका विकेट ही ले लेगी। कोहली ने कहा, ‘आपको संदेह पैदा होगा, अगर इन परिस्थितियों में एक रन भी नहीं बन रहा है, आप क्या करोगे? आप केवल यह इंतजार कर रहे हो कि कब वह अच्छी गेंद आएगी जो आपका विकेट ले लेगी।’ भारतीय कप्तान को विरोधी टीम पर हावी होने के लिये जाना जाता है और वह चाहते हैं कि उनके कुछ बल्लेबाज भी इसका अनुसरण करें। उन्होंने कहा, ‘मैं परिस्थितियों का आकलन करता हूं, अगर मैं देखता हूं विकेट पर घास है तो मैं हमलावर तेवर दिखाता हूं ताकि मैं अपनी टीम को आगे ले जा सकूं।’ कोहली ने कहा, ‘अगर आप सफल नहीं होते, तो आपको यह स्वीकार करना होगा कि आपकी सोच सही थी आपने कोशिश की लेकिन अगर इससे फायदा नहीं मिला तो उसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है।’ कप्तान ने अपनी राय को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘लेकिन मुझे नहीं लगता कि सतर्क रवैये से कभी फायदा मिलता है विशेषकर विदेशी पिचों पर।’

वेलिंगटन टेस्ट की हार के बाद कोहली की नसीहत- रक्षात्मक खेल से फायदा नहीं होगा, बल्लेबाजों को शॉट खेलने होंगे February 24, 2020 at 08:18PM

खेल डेस्क. न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में खराब बल्लेबाजी से भारतीय कप्तान विराट कोहली नाराज हैं। उन्होंने नसीहत दी कि विदेशी दौरों पर रक्षात्मक खेल से फायदा नहीं होगा, बल्लेबाजों को शॉट्स खेलने होंगे।कोहली के कहा- मुझे नहीं लगता कि बल्लेबाजी करते वक्त ज्यादा सतर्क रहने से फायदा होगा, क्योंकि तब आप शॉट खेलना बंद कर देते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब आप रक्षात्मक बल्लेबाजी करते हैं तो खुद की क्षमता पर ही शक होने लगता है। आपको लगता है किरन भी नहीं मिल रहे हैं, अब क्या करें? ऐसे में आपइंतजार करते रह जाते हैं और एक अच्छी गेंद पर अपना विकेट गंवा देते हैं। अगर मैं तेज गेंदबाजों की मददगार विकेट पर खेल रहा होता हूं तोविपक्षी टीम को दबाव में लाने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी करता हूं। ऐसे में अगर सफल नहीं भी होते हैं, तो यह मान सकते हैं कि सोच सही थी। आपने कोशिश की, लेकिन नतीजे हक में नहीं आए। इसे स्वीकार करने में कोई नुकसान नहीं।

टेस्ट क्रिकेट में तकनीक से ज्यादा अहम आपकी सोच है : विराट

भारतीय कप्तान ने टेस्ट क्रिकेट के मानसिक पहलू पर जोर देते हुए कहा कि कई बार बल्लेबाजी की तकनीकी बारीकियों से ज्यादा अहम आपकी सोच होती है। अगर हम पिच, मौसम के बारे में ज्यादा सोचते हैं तो अपने खेल पर ध्यान नहीं लगा पाते हैं। लेकिन जब आपकी सोच साफ है तो हर परिस्थिति आसान नजर आती है। फिर गेंदबाजों से भी डर नहीं लगता है। हम वेलिंगटन में तो इस सोच के हिसाब से खेल नहीं पाए, लेकिन क्राइस्टचर्च में जरूर इस पर अमल करेंगे।

पुजारा ने वेलिंगटन टेस्ट में 81 गेंद पर 11 रन बनाए

वेलिंगटन टेस्ट कीदोनों पारियों में भारत 200 का आंकड़ा पार नहीं कर सका। पहली पारी में टीम इंडिया ने 165 रन बनाए, जबकि दूसरी में 191 पर ऑल आउट हो गई। वेलिंगटन में भारतीय बल्लेबाजों के रक्षात्मक रुख का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 11 रन बनाने में चेतेश्वर पुजारा ने 81 गेंद खेली। वहीं, हनुमा विहारी ने 79 गेंद में 15 रन बनाए। एक वक्त तो पुजारा ने लगातार 28 डॉट बॉल खेली। इससे मयंक अग्रवाल पर दबाव बढ़ा और रन बनाने के चक्कर में वे गलत शॉट खेलकर आउट हो गए।



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विराट ने वेलिंगटन टेस्ट की पहली पारी में 2 और दूसरी में 19 रन बनाए थे।