Tuesday, February 11, 2020

भारत ने एशिया टीम चैम्पियनशिप के पहले मैच में कजाकिस्तान को 4-1 से हराया, श्रीकांत, लक्ष्य और शुभंकर सिंगल्स मुकाबले जीते February 10, 2020 at 11:33PM

खेल डेस्क. भारत ने मंगलवार को एशिया टीम बैडमिंटन चैम्पियनशिप के पहले ग्रुप मैच में कजाकिस्तान को 4-1 से हरा दिया। भारत की तरफ से पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और शुभंकर डे ने अपने-अपने सिंगल्स मुकाबले जीते। श्रीकांत ने 23 मिनट में दिमित्री पानारिन को 21-10, 21-17 से शिकस्त दी। जबकि दूसरे सिंगल्स मेंसेन ने 21 मिनट में आर्थर नियाजोव को 21-13, 21-8 से मात दी। डे ने तीसरा सिंगल्स मैच 26 मिनट में अपने नाम किया। उन्होंने खैतमुरत कुलमतोव को सीधे सेटों में 21-11, 21-5 से हराया।

वहीं, डबल्स में बी. साई प्रणीत और चिराग शेट्टी की जोड़ी हार गई। इन्हें आर्थर नियाजोव-दिमित्री पानारिन की जोड़ी ने 21-18,16-21,19-21 से मात दी। जबकि एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी ने दूसरा डबल्स मुकाबला 21-14,21-8 से जीता। इस भारतीय जोड़ी ने निकिता ब्रागिन-खैतमुरत कुलमातोव को हराया। भारत का अगला मुकाबला गुरुवार को मलेशिया से है।

कोरोनावायरस के कारण चैम्पियनशिप के शेड्यूल में बदलाव

चार साल पहले ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी भारतीय पुरुष टीम को पहले इंडोनेशिया और मेजबान फिलीपींस के साथ ग्रुप-ए में रखा गया था। लेकिन कोरोनावायरस के कारण मेजबान देश ने चीन और हॉन्गकॉन्ग के चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी थी। इस वजह से शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा और भारतीय टीम को मलेशिया और कजाकिस्तान के साथ ग्रुप-बी में रखा गया। हर ग्रुप से दो शीर्ष टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी।

खिलाड़ियों को ओलिंपिक में क्वालिफाई करने के लिए रैंकिंग पॉइंट मिलेंगे

ओलिंपिक को देखते हुए भारतीय पुरुष टीम सभी टॉप रैंक खिलाड़ियों के साथ इस चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रही है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने से खिलाड़ियों को क्वालिफाई करने के लिए जरूरी रैंकिंग पॉइंट मिलेंगे। जबकि महिला टीम ने कोरोनवायस के चलते फिलीपींस नहीं जाने का फैसला किया।



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कजाकिस्तान के खिलाफ 4-1 से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम।

NZ ने भारत को वनडे सीरीज में 3-0 से दी मात February 10, 2020 at 11:37PM

माउंट माउंगानुईन्यू जीलैंड ने भारत को तीसरे और अंतिम वनडे में 5विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज क्लीन स्वीप कर ली है। 31 साल बाद यह पहली बार है, जब टीम इंडिया का तीन मैचों या इससे ज्यादा मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप हुआ हो। इससे पहले भारतीय टीम का 1989 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 0-5 से क्लीन स्वीप हुआ था। इस मैच में टीम इंडिया ने मेजबान टीम से पहले बल्लेबाजी का निमंत्रण मिलने पर केएल राहुल (112) के शतक की बदौलत 297 रन का टारगेट दिया था। मेजबान टीम ने मार्टिन गप्टिल (66) और हैनरी निकोल्स (80) की शानदार पारियों के दम पर आसानी से यह मैच अपने नाम कर लिया। 297 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम को दोनों ओपनर (गप्टिल और निकोल्स) ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 106 रन जोड़े। यहां पर पारी के 17वें ओवर में गप्टिल युजवेंद्र चहल की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद निकोल्स ने पारी को बखूबी संभाल लिया और अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। इस बीच कप्तान केन विलियमसन अभी सेट दिख ही रहे थे कि चहल ने दूसरे विकेट के रूप में उन्हें शॉर्ट मिड विकेट पर मयंक अग्रवाल के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके कुछ देर बाद ही रॉस टेलर (12) को रविंद्र जडेजा ने कप्तान विराट कोहली के हाथ में आसान से कैच के साथ पविलियन का रास्ता दिखाया। अगले ही ओवर में कीवी टीम को शार्दुल ठाकुर ने निकोल्स को आउट कर बड़ा झटका दिया। यहां से टीम इंडिया मैच में टीम इंडिया की वापसी तय होती दिख रही थी लेकिन कोलिन डि ग्रैंडहोम (58*) और टॉम लैथम (32*) की शानदार पारियों के दम पर कीवी टीम ने यह मैच अपने नाम कर लिया। इस बीच जेम्स नीशम के रूप में चहल ने अपना तीसरा विकेट जरूर झटका लेकिन 3 विकेट लेने वाले चहल भारत की हार नहीं टाल पाए। इससे पहले न्यू जीलैंड के कप्तान केन विलियमसन से पहले बैटिंग का निमंत्रण मिलने के बाद बैटिंग करने आई टीम इंडिया ने लोकेश राहुल (112) के उम्दा शतक की बदौलत 7 विकेट पर 296 रन बनाए। केएल राहुल का यह वनडे करियर का 5वां शतक था। टीम इंडिया के लिए राहुल के अलावा पृथ्वी साव ने 40 (42 गेंद, 3 चौके, 2 छक्के), श्रेयस अय्यर ने 62 (63 गेंद, 9 चौके) और मनीष पांडेय ने 42 (48 गेंद, 2 चौके) रनों का योगदान दिया। हालांकि क्लीन स्वीप से बचने के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 8 रन के कुल योग पर ही अपने सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (1) को गंवा दिया। मयंक को जेमीसन ने बोल्ड किया। कप्तान विराट कोहली (9) भी कुछ खास नहीं कर पाए और 32 के कुल योग पर हामिश बेनेट की एक गेंद को छक्के के लिए क्लीयर करने के प्रयास में जेमीसन द्वारा सीमा रेखा पर लपके गए। कोहली ने 12 गेंदों का सामना कर एक छक्का लगाया। साव अच्छा खेल रहे थे लेकिन 13वें ओवर की पहली गेंद पर उनके तथा अय्यर के बीच तालमेल की कमी हुई और उन्हें रन आउट होकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी। साव का विकेट 62 के कुल योग पर गिरा। न्यू जीलैंड को बड़ा लक्ष्य देने का इरादा नाकाम होता दिख रहा था। अब पारी संभालने की जिम्मेदारी अय्यर और राहुल के कंधों पर थी। दोनों ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया। इसी बीच अय्यर ने अपना अर्धशतक पूरा किया। अय्यर काफी संयोजित नजर आ रहे थे लेकिन 162 के कुल योग पर जेम्स नीशम की एक गेंद पर खराब शॉट खेलकर वह अपना विकेट गंवा बैठे। अय्यर के जाने के बाद राहुल ने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने मनीष पांडे के साथ काफी अच्छी साझेदारी की। इन दोनों ने भारत को 200 रनों के पार पहुंचाया। राहुल ने इसी बीच अपना पांचवां वनडे शतक पूरा किया। राहुल के लिए यह खास पल था क्योंकि वह न्यू जीलैंड में 5वें या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले 2015 विश्व कप में सुरेश रैना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 110 रनों की पारी खेली थी। राहुल हालांकि शतक लगाने के तुरंत बाद 269 के कुल योग पर आउट हुए। राहुल ने 113 गेंदों का सामना कर नौ चौके और दो छक्के लगाए। बेनेट ने 47वें ओवर की चौथी गेंद पर राहुल को आउट किया और फिर अगली ही गेंद पर उन्होंने पांडे को चलता कर दिया। शार्दुल ठाकुर (7) का विकेट 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर गिरा लेकिन इसके बाद रवींद्र जडेजा (नाबाद 8) और नवदीप सैनी (नाबाद 8) ने टीम को कोई और नुकसान नहीं होने दिया। गेंदबाजी में न्यू जीलैंड के स्टार हामिश बेनेट रहे, जिन्होंने 64 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि काएल जेमीसन और जेम्स नीशम को एक-एक सफलता मिली।

ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर ने टी20 से संन्यास के संकेत दिए February 10, 2020 at 10:38PM

सिडनीऑस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज ने कहा है कि वह टेस्ट और वनडे करियर को विस्तार देने और अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए अगले कुछ साल में टी20 क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर का एलन बॉर्डर पदक जीतने वाले वॉर्नर पुरस्कार पाने के बाद फफक पड़े थे। वर्ष 2018 में गेंद से छेड़खानी के कारण एक साल का प्रतिबंध झेलने के बाद शानदार वापसी करते हुए वॉर्नर ने यह पुरस्कार जीता है। उन्हें वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टी20 क्रिकेटर भी चुना गया। पढ़ें, 33 वर्षीय वॉर्नर ने कहा, ‘टी20 क्रिकेट में लगातार वर्ल्ड कप खेलने हैं। इस फॉर्मेट को मैं अगले कुछ साल में अलविदा कह सकता हूं। तीनों फॉर्मेट में खेलना कठिन है। उन सभी को शुभकामनायें जो ऐसा कर पाते हैं। यह चुनौतीपूर्ण है।’ टेस्ट और वनडे दोनों में वॉर्नर का औसत 40 से ऊपर का है और टी20 में उनका स्ट्राइक रेट 140 का है। अगले दो टी20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया (इस साल) और भारत (अगले साल) में होने हैं। वॉर्नर ने कहा कि उन्होंने भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज से बात की है ताकि तीनों फॉर्मेट में खेलने की थकान को समझ सके। उन्होंने कहा, ‘मैंने एबी डिविलियर्स और वीरेंदर सहवाग से बात की है जो लंबे समय तक खेलते रहे हैं। यह चुनौतीपूर्ण है।घर पर तीन छोटे बच्चे और पत्नी है और लगातार यात्रा करना मुश्किल होता है।’

पेले के बेटे ने बताया- अवसाद से पीड़ित हैं फादर February 10, 2020 at 09:38PM

रियो डी जनेरियो दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ी माने जाने वाले पेले के बेटे ने कहा है कि ब्राजील के लिए तीन बार विश्व कप खिताब जीतने वाले महान खिलाड़ी और उनके पिता एक तरह के से पीड़ित हैं। इस अवसाद का कारण यह है कि खराब स्वास्थ्य के कारण 79 साल के पेले का कहीं आना-जाना नहीं हो पा रहा है। हाल के दिनों में पेले कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहे हैं। बीते साल अप्रैल में मूत्राशय में संक्रमण के कारण उन्हें 13 दिनों तक अस्पताल में बिताने पड़े थे। हाल ही में पेले की हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई है और इस कारण उन्हें चलने-फिरने के लिए फ्रेम का सहारा लेना पड़ रहा है। पेले के बेटे इडिन्हो ने टीवी ग्लोबो से कहा कि उनके पिता इन दिनों हमेशा ऊंघते हुए दिखते हैं और उनके चेहरे पर निराशा का भाव रहता है। इडिन्हो के मुताबिक, एक राजा की तरह जीवन जीने वाले उनके पिता अब असहाय महसूस कर रहे हैं। वह एक तरह से अपने ऊपर शर्मिंदा हैं। वह बाहर जाना चाहते हैं, लोगों से मिलना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अपने पूरे जीवन में यही किया है पर अब सबकुछ बदल गया है।' पेले के बेटे के मुताबिक, 'वह अपने घर से दूर कहीं नहीं जा सकते और इसी कारण वह अवसाद की चपेट में हैं। पेले को फुटबॉल इतिहास का सर्वकालिक महान खिलाड़ी माना जाता है। पेले ने 21 साल के अपने पेशेवर करियर में 1363 मैचों में कुल 1281 गोल किए। ब्राजील के लिए पेले ने कुल 91 मैच खेले और 77 गोल किए।