Tuesday, February 4, 2020

वसीम जाफर ने रणजी में 12 हजार रन पूरे किए, ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने February 03, 2020 at 10:42PM

खेल डेस्क. विदर्भ के बल्लेबाज वसीम जाफर ने मंगलवार को रणजी क्रिकेट में अपने 12 हजार रन पूरे कर लिए हैं। ऐसा करने वाले वे पहले खिलाड़ी हैं। 41 साल के जाफर ने यह उपलब्धि नागपुर में केरल के खिलाफ मैच में हासिल की। जाफर रणजी में मुंबई और विदर्भ के लिए खेलते हैं। वे रणजी ट्रॉफी में 150 से ज्यादा मैच खेलने वाले भी पहले खिलाड़ी हैं। सबसे ज्यादा 40 शतक का रिकॉर्ड भी जाफर के ही नाम है।

जाफर ने घरेलू क्रिकेट में 1996-97 में डेब्यू किया था। उन्होंने गुजरात के खिलाफ प्रथम श्रेणी मैच खेला था। जाफर ने टीम इंडिया के लिए 31 टेस्ट और 2 वनडे खेले हैं। उन्होंने टेस्ट में 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए, जिनमें एक दोहरा शतक भी शामिल है। वनडे में उन्होंने सिर्फ 10 ही रन बनाए हैं। उन्होंने अपना आखिरी मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2008 में टेस्ट खेला था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
वसीम जाफर ने टीम इंडिया के लिए 31 टेस्ट और 2 वनडे खेले हैं। -फाइल

कोहली ने कहा- टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए वनडे सीरीज नहीं, आईपीएल सही प्लेटफॉर्म है February 03, 2020 at 09:51PM

खेल डेस्क. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं, बल्कि आईपीएल सही प्लेटफॉर्म है। उन्होंनेकहा, ‘‘हम पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 टी-20 खेल चुके हैं। ऐसा नहीं है कि हमारे पास वर्ल्ड कप से पहले टी-20 क्रिकेट खेलने का मौका नहीं है। हम डेढ़ महीने तक आईपीएल खेलेंगे और इसका इस्तेमाल खुद को तैयार करने के लिए करेंगे। यह अलग बात है किपिछले साल वनडे वर्ल्ड कप से पहले द्विपक्षीय सीरीज छोड़ दें, तो हमारे पास तैयारी के लिए ज्यादा मौके नहीं थे। लेकिन इस बार आईपीएल के रूप में मौका है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘टी-20 और वनडे क्रिकेट दोनों बहुत अलग हैं। अगर टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से सोच रहे हैं तो आईपीएल ज्यादा मुफीद है। क्योंकि यह सबसे चुनौतीपूर्ण क्रिकेट लीग है, जिसमें आप एक टीम के रूप में खेलते हैं। इसलिए खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में टी-20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर उतरेंगे। आप वनडे क्रिकेट में ऐसा नहीं कर सकते। क्योंकि आपको 50 ओवर के खेल की तेजी के मुताबिक खेलना होता है। यही बात टीम कॉम्बिनेशन पर भी लागू होती है। दोनों फॉर्मेट में खेलते-खेलते खिलाड़ी अपनी भूमिका समझ जाते हैं। उन्हें यह पता चल जाता है कि टी-20 और वनडे में कैसे खेलना है।’’

कोहली ने कहा- वनडे में अपने प्लान को लागू करने का अच्छा मौका

टी-20 सीरीज में कीवी टीम को क्लीन स्वीप करने के बाद टीम इंडिया वनडे में दोगुने उत्साह के साथ उतरेगी। पिछले साल भी भारतीय टीम ने मेजबान को 5 मैचों की सीरीज में 4-1 से हराया था। इस पर विराट ने कहा कि पिछली बार जब हम यहां खेले तो पहले तीन मुकाबलों में हमारा पलड़ा भारी रहा। लेकिनचौथा वनडे हारे,फिर पांचवें मैच में वापसी की। मुझे लगता कि हमारे पास वनडे में अपना प्लान लागू करने का बेहतर मौका है। टी-20 फॉर्मेट न्यूजीलैंड के लिए ज्यादा मुफीद है। क्योंकि इसमें वह आक्रामक क्रिकेट खेल सकते हैं। हालांकि, इसके बावजूद हम मेजबानटीम को हल्के में नहीं ले रहे।

दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को हैमिल्टन में खेला जाएगा। दूसरा वनडे 8 फरवरी को ऑकलैंड, जबकि तीसरा 11 फरवरी को माउंट मॉन्गानुई में होगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
विराट ने कहा- हम वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं ले रहे। (फाइल)

सचिन का ‘2011 वर्ल्ड कप विनिंग मोमेंट’ लॉरेस अवॉर्ड के टॉप-5 में शॉर्ट लिस्ट, विजेता की घोषणा 17 फरवरी को होगी February 03, 2020 at 10:39PM

खेल डेस्क. सचिन तेंदुलकर के ‘2011 वर्ल्ड कप विनिंग मोमेंट’ को लॉरेस अवॉर्ड के लिए टॉप-5 में शॉर्ट लिस्ट किया गया है। उन्हें 11 जनवरी को खेल की दुनिया में पिछले 20 साल के सबसे बेहतर लम्हों को जगह दी गई है। तब 20 बेहतरीन लम्हें शॉर्ट लिस्ट किए गए थे। सचिन के इस लम्हें को ‘कैरीड ऑन द शोल्डर्स ऑफ ए नेशन’ शीर्षक दिया गया है। लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड की घोषणा 17 फरवरी को बर्लिन में होगी। विजेता का चयन 16 फरवरी को तीसरे और फाइनल राउंड की वोटिंग के बाद किया जाएगा।

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 2011 में वनडे में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वर्ल्ड कप जीती थी। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबला छह विकेट से जीतने के बाद खिलाड़ियों ने सचिन को कंधे पर उठाकर मैदान का ‘लैप ऑफ ऑनर’ लगाया था। वह सचिन का छठा वर्ल्ड कप था। उससे पहले वे 2003 में फाइनल खेले थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

लॉरेस अवॉर्ड क्या है?
यह खेलों की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठिक अवॉर्ड्स में से एक है। 1999 में लॉरेस स्पोर्ट फॉर गुड फाउंडेशन के डैमलर और रिचीमॉन्ट ने इसकी शुरुआत की थी। पहली 25 मई 2000 को अवॉर्ड दिए गए थे। इसमें 13 अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाते हैं। अवॉर्ड में प्रमुख कैटेगरी लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्सवूमन ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड टीम ऑफ द ईयर, लॉरेस वर्ल्ड कमबैक ऑफ द ईयर और लॉरेस वर्ल्ड ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सचिन ने 2011 में छठा वर्ल्ड कप खेला था। (फाइल फोटो)

गावसकर को मदद करने मैदान में उतरे सचिन February 03, 2020 at 09:57PM

चैतन्य मरपकवार, मुंबईपूर्व भारतीय कप्तान को मदद करने के लिए ने 'पैडअप' कर लिया है। दरअसल, इन दोनों ने संयुक्त रूप से बांद्रा प्लॉट पर एक क्रिकेट अकादमी शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। दरअसल, यह प्लॉट 31 वर्ष पहले सुनील गावसकर के ट्रस्ट को अलॉट किया गया था, लेकिन काफी समय तक कोई कंस्ट्रक्शन नहीं हुआ तो महाराष्ट्र हाउसिंग ऐंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) 'गावसकर ट्रस्ट' से वापस लेना चाहता है। अब इस मामले में गावसकर की मदद के लिए सचिन आगे आए हैं। रंगशारदा सभागार के पास 21,348-वर्ग फुट का भूखंड 31 साल पहले सुनील गावसकर क्रिकेट फाउंडेशन ट्रस्ट को एक इनडोर क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन कई वर्षों में कोई निर्माण नहीं किया गया था। दिसंबर में अथॉरिटी ने राज्य सरकार से यह कहते हुए प्लॉट को वापस लेने की बात कही कि 'गावसकर ट्रस्ट' के साथ डील खत्म हो गई है। सीएम उद्धव से मिले थे सचिन-गावसकर दूसरी ओर, लिटिल मास्टर सुनील गावसकर ने मास्टर ब्लास्टर के साथ बिजनस पार्टनर बनने की तैयारी कर ली है। इस बारे में तेंडुलकर ने 24 दिसंबर को गावसकर के साथ मातोश्री का दौरा किया और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। पिछले महीने, गावसकर ने मुंबई उपनगर के अभिभावक मंत्री आदित्य ठाकरे से मुलाकात की, जिससे जूनियर ठाकरे (आदित्य ठाकरे) ने म्हाडा से पूछा कि क्या दोनों क्रिकेट के महानायक बांद्रा प्लॉट पर एक अकादमी स्थापित कर सकते हैं। गावसकर और सचिन की ओर से नहीं आया कॉमेंटइस बारे में न्यू जीलैंड में कॉमेंट्री कर रहे सुनील गावसकर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है और न ही सचिन से बात हो सकी है। हालांकि, एनसीपी नेता और राज्य के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि सचिन तेंडुलकर इंग्लिश काउंटी मिडिलसेक्स के साथ नवी मुंबई में पहले से ही क्रिकेट अकादमी चला रहे हैं। 60 वर्ष के लिए आवंटित किया गया है प्लॉटम्हाडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गावसकर के ट्रस्ट को तीन साल के भीतर प्लॉट पर अकादमी का निर्माण करना था। ट्रस्ट को यह जमीन 60 के लिए आवंटित की गई थी और 1999, 2002 और 2007 में नियम और शर्तों को संशोधित किया गया था। ट्रस्ट को बाहरी स्रोतों से वित्त जुटाने की भी अनुमति दी गई थी, लेकिन 2011 में, म्हाडा को अतिक्रमण की शिकायतें मिलीं। ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी रखा गया था। मामले में पॉलिटिकल एंगलगावसकर और सचिन उद्धव के साथ मातोश्री में मुलाकात करने के तीन दिन बाद बांद्रा पश्चिम के भाजपा विधायक और मुंबई क्रिकेट असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आशीष शेलार ने उद्धव को लिखा कि म्हाडा को भूखंड को वापस लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में लिखा- गावसकर की उपलब्धियों पर हमें गर्व है और हम चाहते हैं कि उनके अनुभवों का देश को फायदा मिले, लेकिन प्लॉट को अलॉट किए 3 दशक हो गए। अब तक न तो लीज साइन हुई और न ही प्लॉट को सुरक्षित करने की कोई व्यवस्था उन्होंने की। इस तरह उस प्लॉट का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। अगर अथॉरिटी प्लॉट वापस चाहते है तो उसे दिया जाना चाहिए।