Saturday, January 18, 2020

प्रजनेश भाग्य के सहारे मुख्य दौर में पहुंचे, चोटिल खिलाड़ियों के बाहर होने से मौका मिला; दूसरे राउंड में जोकोविच से मुकाबला संभव January 17, 2020 at 10:23PM

खेल डेस्क. भारतीय टेनिस खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरण भाग्य के सहारे ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुख्य दौर में पहुंच गए। वे क्वालिफायर्स के फाइनल मुकाबले में हार गए थे। शनिवार को उन्हें मुख्य दौर में शामिल किया गया। ऐसा कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद हुआ। वे क्वालिफायर्स में बाहर होने वाले टॉप रैंक प्लेयर थे। पहले राउंड में उनका मुकाबला जापान के तासुमा इटो से होगा। प्रजनेश रैंकिंग में 122वें और इटो 144वें स्थान पर हैं। यह मुकाबला जीतने के बाद दूसरे दौर में उनका सामना वर्ल्ड नंबर-2 सर्बिया के नोवाक जोकोविच से हो सकता है।

प्रजेनश लगातार पांचवीं बार किसी ग्रैंडस्लैम के मुख्य दौर में खेलेंगे। इससे पहले मुख्य दौर में शामिल ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर और पोलैंड के कामिल माजराक चोट के कारण बाहर हुए। वहीं, चिली के निकोलस जेरी को डोपिंग के कारण प्रतिबंधित किया गया। इन तीनों के बाहर होने के बाद प्रजनेश को मौका दिया गया।

प्रजनेश सिंगल्स मुकाबलों में भारत के इकलौते दावेदार
प्रजनेश पिछले साल भी ऑस्ट्रेलियन ओपन में क्वालिफायर्स मुकाबले जीतकर ही मुख्य दौर में पहुंचे थे। इसके बाद विम्बल्डन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन में सीधे मुख्य दौर में खेले थे। वे इस बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के सिंगल्स मुकाबलों में भारत के एकमात्र दावेदार होंगे। इससे पहले क्वालिफायर्स में सुमित नागल, रामकुमार रामनाथन और अंकिता रैना (विमेन्स सिंगल्स) हारकर बाहर हो चुकीं है।

क्वालिफायर्स के फाइनल में गुलबिस ने हराया था
शुक्रवार को क्वालिफायर्स के फाइनल राउंड में प्रजनेश को लातविया के एर्नेस्ट गुलबिस ने हरा दिया था। वर्ल्ड नंबर-122 प्रजनेश को क्वालिफायर्स में 17वीं वरीयता प्राप्त गुलबिस ने 7-6 (2), 6-2 से शिकस्त दी थी। भारतीय खिलाड़ी ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के वाइल्ड कार्ड प्लेयर हैरी बॉर्शियर और जर्मनी के यानिक हन्फमैन को हराया था।



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प्रजनेश क्वालिफायर्स में गुलबिस के खिलाफ हारे थे। (फाइल)

निर्णायक मुकाबले में रोमांचक जंग के लिए तैयार हैं भारत और ऑस्ट्रेलिया January 17, 2020 at 09:35PM

बेंगलुरु विश्व की दो दिग्गज टीमों भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार को यहां होने वाले तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है जिसमें दोनों टीमें सीरीज पर कब्जा जमाकर एक दूसरे पर बादशाहत कायम करने की कोशिश करेंगी। इस सीरीज के शुरू से ही रोमांचक होने की संभावना थी लेकिन जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया ने पहले मैच में एकतरफा जीत दर्ज की उससे एकबारगी लगने लगा था कि वह वह भारत में लगातार दूसरी सीरीज जीतने में कामयाब रहेगा। भारत ने हालांकि राजकोट में हर विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन करके शानदार वापसी की और साबित कर दिया कि मुंबई में दस विकेट से हार के बाद हायतौबा मचाना जल्दबाजी थी। बैटिंग ऑर्डर लगा सेट सबसे महत्वपूर्ण बात रही कि भारत दूसरे वनडे में अपने बल्लेबाजी संयोजन को ढर्रे पर ले आया तथा केएल राहुल ने भी पांचवें नंबर पर मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने पारी का आगाज किया जबकि कप्तान विराट कोहली अपने पसंदीदा तीसरे नंबर पर उतरे और श्रेयस अय्यर चौथे नंबर पर आए। रविवार को भी यही बल्लेबाजी क्रम बरकरार रहने की संभावना है। रोहित शुक्रवार को क्षेत्ररक्षण करते समय चोटिल हो गए थे लेकिन कोहली को विश्वास है कि यह स्टार सलामी बल्लेबाज चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले निर्णायक मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेगा। क्या होगा पंत का चोटिल ऋषभ पंत की जगह मनीष पांडे को खेलने का मौका मिला और यह देखना होगा कि बाएं हाथ का यह विकेटकीपर बल्लेबाज मैच के लिए फिट हो पाएगा या नहीं। राजकोट में भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण राहुल की पारी रही जो उन्होंने नंबर पांच पर खेली। इससे नयी संभावनाएं पैदा हो गयी जिससे टीम संतुलन को सुधारने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज राहुल ने 150 से अधिक स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वह पिछले मैच में नंबर तीन पर खेले थे। कोहली ने तो इसे राहुल की सर्वश्रेष्ठ पारी तक करार दे दिया था। पंत की अनुपस्थिति में उन्होंने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली और आरोन फिंच को बड़ी चपलता से स्टंप आउट करने के अलावा दो कैच भी लिए। बोलिंग में बदलाव की उम्मीद नहीं गेंदबाजी में किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है और टीम तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ ही उतर सकती है। कुलदीप यादव पिछले साल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन पिछले मैच में उन्होंने एक ओवर में अलेक्स कैरी और स्टीव स्मिथ के विकेट लेकर मैच का पासा पलटा और खुद को उपयोगी साबित किया। कलाई के दूसरे स्पिनर युजवेंद्र चहल को कुलदीप के साथ खेलने का मौका मिल सकता है क्योंकि चिन्नास्वामी आईपीएल में उनका घरेलू मैदान है। बुमराह फिट भारत के लिए फायदा चोट से उबरकर वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी भारत के लिए एक और सकारात्मक पहलू रहा। उन्होंने एक छोर से दबाव बनाया और दूसरे छोर से विकेट मिलते रहे। मोहम्मद शमी और नवदीप सैनी ने भी अंतिम ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की। ऑस्ट्रेलिया भी हार के बाद बहुत ज्यादा बदलाव करेगा ऐसी संभावना नहीं है। कुलदीप के ओवर में दो विकेट गंवाने से पहले वह लक्ष्य हासिल करने की स्थिति में बना हुआ था। लाबुशाने ने दिखाई फॉर्म बेहतरीन फॉर्म में चल रहे मार्नस लाबुशाने ने अपनी पहली वनडे पारी में प्रभाव छोड़ा। मिशेल स्टार्क ने पिछले मैच में दस ओवर में 78 रन लुटाए लेकिन वह वापसी के लिए प्रतिबद्ध होंगे। उनके साथ नयी गेंद संभालने वाले पैट कमिन्स की गेंदों पर रन बनाना फिर से आसान नहीं रहा जबकि एडम जंपा फिर से कोहली को आउट किया। बाएं हाथ के स्पिनर एश्टन एगर हालांकि प्रभाव नहीं छोड़ पाए। उन्हें निर्णायक मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। टीमें इस प्रकार है : भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, के एल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, केदार जाधव, शिवम दुबे, रविंद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, नवदीप सैनी, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर और मोहम्मद शमी। ऑस्ट्रेलिया: आरोन फिंच (कप्तान), एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिन्स, सीन एबॉट, एश्टन एगर, पीटर हैंड्सकॉम्ब, जोश हेजलवुड, मार्नस लाबुशाने, केन रिचर्डसन, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, एशटन टर्नर, डेविड वॉर्नर और एडम जंपा।

द्रविड़ जैसे महान बल्लेबाज से तुलना सम्मान की बात : राहुल January 17, 2020 at 07:25PM

राजकोटटीम की जरूरत के हिसाब से विभिन्न भूमिकाओं में खरा उतरने की सीख ले रहे की दिग्गज राहुल द्रविड़ से तुलना की जाने लगी है और इस युवा बल्लेबाज ने कहा कि यह एक सम्मान है। राहुल द्रविड़ की तरह केएल राहुल भी मध्यक्रम में खेल रहे हैं और साथ में विकेटकीपिंग भी कर रहे हैं। राहुल सलामी बल्लेबाज हैं लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ वह मध्यक्रम में खेल रहे हैं। राजकोट में दूसरे वनडे में उन्होंने पांचवें नंबर पर उतरकर 80 रन बनाए और ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग भी की। द्रविड़ से तुलना के बारे में राहुल ने कहा, ‘उनके जैसे बल्लेबाज के साथ तुलना सम्मान है। बहुत पहले से ऐसी तुलना की जाती रही है। वह राहुल द्रविड़ हैं और मैं राहुल इसलिए इस तरह की तुलना होती रही और वह उन लोगों में शामिल हैं जिनके साथ मैंने क्रिकेट और बल्लेबाजी पर काफी बात की है और वह भी उसी राज्य (कर्नाटक) के रहने वाले हैं।’ द्रविड़ ने दक्षिण अफ्रीका में 2003 में खेले विश्व कप में विकेटकीपर की भूमिका निभायी थी।

महाराष्ट्र का खेलो इंडिया युवा खेलों में दबदबा कायम January 17, 2020 at 05:05AM

गुवाहाटी असम की शिवांगी शर्मा और कर्नाटक की खुशी दिनेश ने शुक्रवार को यहां युवा खेलों के आठवें दिन तैराकी स्पर्धा में दो-दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। हालांकि ने शीर्ष पर कब्जा बरकरार रखा है। तेरह साल के भारोत्तोलक गोलोम टिंकू ने अरुणाचल प्रदेश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं महाराष्ट्र ने पर पांच स्वर्ण की बढ़त बनाए रखी है। महाराष्ट्र के अब 41 स्वर्ण, 43 रजत से कुल 149 पदक हो गये हैं। शुक्रवार को निशानेबाजी और कुश्ती से काफी स्वर्ण पदक मिले। हरियाणा ने इसका फायदा उठाकर अपने स्वर्ण पदकों की संख्या 36 कर ली और उसके कुल पदक 111 हैं। हरियाणा के पिस्टल निशानेबाज विभूति भूटिया (अंडर-21) और एशियाई युवा रजत पदक विजेता शिखा नरवाल (अंडर-17) ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। कुश्ती स्पर्धा में हरियाणा के दबदबे को साफ देखा जा सकता था जिसने शुक्रवार को दांव पर लगे 11 स्वर्ण में से छह अपने नाम किए। शिवांगी शर्मा ने पूल में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में पहला स्वर्ण जीता और इसके बाद उन्होंने 800 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में सोना हासिल किया। खुशी दिनेश ने बालिका अंडर-17 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 200 मीटर और 800 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। कर्नाटक के पांच तैराकों ने दिन में पांच स्वर्ण जबकि महाराष्ट्र के तीन स्वर्ण हासिल किए।