Wednesday, January 15, 2020

15 साल से पैरालाइज्ड एडम ने एक्सो-स्केलेटन सूट पहनकर मैराथन पूरी की, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया January 15, 2020 at 04:34PM

खेल डेस्क. अमेरिका के पैरालाइज्ड रनर एडम गोरलिट्स्की ने चार्ल्सटन मैराथन 33 घंटे 50 मिनट 23 सेकंड में पूरी की। एडम ने एक्सो-स्केलेटन सूट पहनकर 26.2 मील (करीब 42.1 किमी) की मैराथन पूरी की। उन्होंने यह सूट पहनकर सबसे कम समय में मैराथन पूरी करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। एडम ने ब्रिटेन के साइमन किंडलेसाइड्स का 2018 में बनाया रिकार्ड तोड़ा। तब, साइमन ने एक्सो-स्केलेटन सूट पहनकर लंदन मैराथन 36 घंटे 46 मिनट में पूरी की थी।

2005 में कार एक्सीडेंट में एडम की रीढ़ की हड्‌डी में चोट लगगई थी। इसके बाद उनके कमर का निचला हिस्सा पैरालाइज्ड हो गया था। डॉक्टरों ने कहा था कि वे कभी चल नहीं सकेंगे। एडम नेगुरुवार रात को दौड़ शुरू की और शनिवार सुबह खत्म की। उन्होंने सोने तक के लिए ब्रेक नहीं लिया।

एडम ने दूसरी बार मैराथन में हिस्सा लिया
एडम ने दूसरी बार किसी मैराथन में हिस्सा लिया। इससे पहले वे पिछले साल लॉस एंजिल्समैराथन में शामिल हुए थे। तब उन्होंने 17.2 मील दौड़ लगाई थी। दौड़ खत्म करने के बाद उन्होंने कहा, ‘गृहनगर में होने के कारण कई ग्रुप ने मुझे सपोर्ट किया। कई लोग पूरी रेस में मेरे साथ रहे। उनकी वजह से ही मुझे इस मैराथन को पूरा करने की ताकत मिली।’

‘एक्सो-स्केलेटन’ मशीन को चलने में मदद करता
एक्सो-स्केलेटन एक पहनने योग्य मशीन है, जो इलेक्ट्रिक मोटर, न्यूमैटिक्स, लीवर, हाइड्रालिक्स के कॉम्बिनेशन से संचालित होती है। इसकी मदद पैरालाइज्ड लोग चलने के लिए लेते हैं। इसमें सेंसर लगे होते हैं, जो मूवमेंट और संकेतों को समझकर मशीन को सिग्नल भेजते हैं। इस मशीन से उनके कंधों, कमर, जांघ, पीठ को सपोर्ट मिलता है।



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एडम के साथ रेस के दौरान उनके दोस्त और परिवार के लोग साथ थे।

कोहली ने स्पिरिट अवॉर्ड पर हैरानी जताई, कहा- कई साल गलत चीजों से गुजरने के बाद यह सम्मान मिला January 15, 2020 at 01:39AM

खेल डेस्क. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आईसीसी के स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड मिलने हैरानी जताई। उन्होंने बुधवार को मुंबई के कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं हैरान हूं, कई साल तक गलत चीजों से गुजरने के बाद मुझे यह सम्मान मिला।’’ कोहली ने इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड कप 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान प्रशंसकों को स्टीव स्मिथ को चिढ़ाने से रोका था। इस खेल भावना के लिए उन्हें यह सम्मान मिला।

कोहली को लगातार तीसरे साल आईसीसी वनडे और टेस्ट टीम का कप्तान भी चुना गया। इनके अलावा रोहित शर्मा पहली बार वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर बने। टी-20 में परफॉर्मेंस ऑफ द ईयर भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर को मिला।

‘किसी पर भावनात्मक टिप्पणी नहीं कर सकते’

स्मिथ को लेकर कोहली ने कहा, ‘‘वह स्थिति उसके लिए व्यक्तिगत तौर पर बेहद खराब थी, मैंने उसे समझा। मुझे नहीं लगता कि ऐसी स्थिति से निकलकर आए व्यक्ति का फायदा उठाना चाहिए। हमारे फैन्स का ऐसा रवैया कतई नहीं होना चाहिए। हम सभी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम विपक्षी टीम पर दबाव बना सकते हैं, लेकिन किसी पर भावनात्मक तौर पर टिप्पणी नहीं कर सकते। यह किसी भी स्तर पर स्वीकारा नहीं जाएगा।’’

‘किसी की हूटिंग करना सही नहीं’

कोहली ने कहा, ‘‘आप थोड़े बहुत तंज कस सकते हैं, लेकिन किसी की हूटिंग करना सही नहीं है। मैं इसका समर्थन नहीं करता हूं। कई बार हम किसी खिलाड़ी के खिलाफ उसके शुरुआती दौर में ही आलोचनात्मक सोच अपना लेते हैं। मैं नहीं चाहता कि कोई युवा खिलाड़ी इससे गुजरे। हर किसी को खुद को समझने के लिये समय देना चाहिए।’’

हम अपने प्रदर्शन से खुश हैं: रोहित

वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर रोहित ने कहा, ‘‘इस तरह से आपकी मेहनत को सराहा जाए तो अच्छा लगता है। टीम के तौर पर हमने पिछले साल जो प्रदर्शन किया उससे सभी खुश हैं। हम इससे बेहतर कर सकते थे, लेकिन हमारे पास काफी कुछ पॉजिटिव रहा।’’ वहीं, दीपक चाहर ने कहा, ‘‘टी-20 मैच में 7 रन देकर 6 विकेट लेना मेरा शानदार प्रदर्शन था। मैं इसे कभी नहीं भूल सकता। यह यादें हमेशा मेरे दिल के करीब रहेंगी।’’

कोहली ने स्मिथ के लिए तालियां बजाने के लिए कहा था
मार्च 2018 में बॉल टेंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) मामले में फंसे स्टीव स्मिथ की खेल जगत में काफी आलोचना हुई थी। उन पर एक साल का प्रतिबंध भी लगा था। 2019 वर्ल्ड कप में उन्होंने वापसी की थी। भारत के खिलाफ मैच में फील्डिंग के दौरान प्रशंसक तंज कसते हुए स्मिथ को चिढ़ा रहे थे। इसी दौरान बल्लेबाजी कर रहे कोहली ने फैन्स को रोका और स्मिथ के लिए तालियां बजाने का आग्रह किया था।



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विराट कोहली ने वर्ल्ड कप 2019 में फैन्स से स्टीव स्मिथ (दाएं) के लिए तालियां बजाने का आग्रह किया था।

बैडिमिंटन स्टार मोमोता को अस्पताल से मिली छुट्टी January 15, 2020 at 01:12AM

कुआलालंपुर शीर्ष खिलाड़ी को बुधवार को मलयेशिया के अस्पताल से छुट्टी मिली गई और वह अपने देश जापान के लिए रवाना हो गए। दो दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में उनके ड्राइवर की मौत हो गई थी और वह घायल हो गए थे जिसके उपचार के लिए यहां अस्पताल में भर्ती थे। उनके चेहरे पर और शरीर पर चोटें आई हैं। यह दुर्घटना तब हुई जब सोमवार को तड़के कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर जाते हुए उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। मलयेशिया बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष नोर्जा जकारिया ने एएफपी से कहा, ‘मोमोता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह आज सुबह जापान के लिए रवाना हो रहे हैं।’ मोमोता ने गहरी रंग की कैप पहनी हुई थी और चेहरा ढका हुआ था। उनके अलावा एक सहायक कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और बैडमिंटन अधिकारियों को भी मामूली चोटें लगी हैं। इस दुर्घटना को मोमोटा की इस साल की तोक्यो की तैयारियों के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। जापान बैडमिंटन संघ के महासचिव किन्जी जेनिया ने कहा कि अब मोमोटा 11 मार्च से शुरू होने वाली आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में वापसी की कोशिश करेंगे। पिछले साल मोमोटा ने रिकार्ड 11 खिताब अपनी झोली में डाले थे।

विराट ने टीम में पहली बार चयन को सबसे पसंदीदा लम्हा बताया, बोले- उस दिन खुशी से पागल हो गया था January 15, 2020 at 01:01AM

खेल डेस्क. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को एक प्रमोशन इवेंट में बातचीत के दौरान अपने करियर के सबसे पसंदीदा लम्हे के बारे में बताया। विराट ने कहा, 'मेरे जीवन का सबसे खास लम्हा या विशेष दिन हमेशा वही रहेगा, जिस दिन मेरा चयन भारतीय टीम के लिए हुआ था। उस दिन मैं अपनी मां के साथ घर पर था और समाचार देख रहा था, मुझे कहीं से कुछ पता नहीं चल रहा था, तभी मेरा नाम टीवी पर फ्लेश हुआ। मुझे समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं।'

विराट नेबताया, 'मैं खुशी से पागल हो गया था, मुझे पता नहीं था कि बैठूं, खड़ा रहूं, दौड़ लगाऊं या उछल-कूद करूं... मुझे लगता है कि सिर्फ यही वो क्षण है, जिसे मैं किसी भी दिन आठ बार गुणा करके दोहराना चाहूंगा।' आगे उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय टीम के लिए कोई सीरीज या टूर्नामेंट खेलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। ये ऐसा है जैसे आपको पूर्णता मिल गई हो। लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करना पड़ती है। ये एक ऐसी भावना है, जिसे आप दोहरा नहीं सकते।'

यही पल मुझे जमीन से जोड़े रखता है

विराट ने कहा, 'मेरे करियर का शुरुआती दौर हमेशा मेरे सामने रहता है, क्योंकि ये मुझे स्पष्टता, नजरिया और प्रेरणा देता है। साथ ही ये मुझे जमीन से जोड़े भी रखता है और याद दिलाता रहता है कि मैं कहां से हूं।' 2008 में करियर की शुरुआत के बाद से वे अबतक 84 टेस्ट, 243 वनडे और 78 टी20 मैच खेल चुके हैं। इस दौरान टेस्ट में वे 7 हजार से ज्यादा और वनडे में 11 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। तीनों फॉर्मेट में उनका औसत 50 से ज्यादा है। उनके नाम पर 70 अंतरराष्ट्रीय शतक (टेस्ट-27, वनडे-43) भी हैं।



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विराट कोहली (फाइल फोटो)