Wednesday, January 15, 2020

मिला दिल जीतने वाला अवॉर्ड, हैरान हुए कोहली January 14, 2020 at 11:10PM

मुंबईभारतीय कप्तान ने कहा है कि ‘बरसों से गलत चीजों के कारण कटघरे में रहने के बाद’ आईसीसी ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ पुरस्कार मिलने से वह हैरान हैं। कोहली को 2019 विश्व कप के दौरान दर्शकों को की हूटिंग से रोकने के लिए यह पुरस्कार दिया गया। स्मिथ गेंद से छेड़खानी प्रकरण में एक साल का प्रतिबंध झेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे थे। एक समय ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान को लगभग धोखेबाज कहने से लेकर दर्शकों को उनका समर्थन करने के लिए कहने तक कोहली में काफी बदलाव आया है। इसलिए हैंरान हैं कोहली स्मिथ के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार कोहली ने आईसीसी द्वारा जारी बयान में कहा, ‘मैं हैरान हूं कि मुझे यह पुरस्कार मिला क्योंकि मुझे इतने साल गलत कारणों से लगातार कटघरे में रखा गया।’ मुंबई में बुधवार को एक कार्यक्रम में कोहली ने कहा कि लोगों को जरूरत से ज्यादा आलोचनात्मक होने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कई बार हम किसी के शुरुआती दौर में उसके बारे में काफी आलोचनात्मक रवैया अपना लेते हैं। मैं नहीं चाहता कि टीम के युवा खिलाड़ियों को इससे गुजरना पड़े। हर किसी को खुद को समझने के लिए समय देना चाहिए।’ पढ़ें- हूंटिंग का सपॉर्टर नहीं उस घटना के बारे में उन्होंने कहा, ‘यह उनकी हालत को समझते हुए मैंने किया था। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के हालात से निकलकर आए किसी व्यक्ति की परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘आप छींटाकशी कर सकते हैं और विरोधी टीम को हराने के लिए कई तरह की बातें कह सकते हैं लेकिन किसी की हूटिंग करना सही नहीं है। मैं इसका पक्षधर नहीं हूं।’ अपने जुनून के लिए विख्यात कोहली पर एक समय दर्शकों को बीच की ऊंगली दिखाने के लिए मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ा था। वह दर्शकों द्वारा खिलाड़ियों की हूटिंग किए जाने के सख्त खिलाफ है। इसलिए विवाद में आए थे कोहली उन्होंने कहा, ‘यह हमारे प्रशंसकों का रवैया नहीं होना चाहिए। हम सभी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम विरोधी टीम पर दबाव बना सकते हैं लेकिन किसी पर भावनात्मक तौर पर निशाना नहीं साध सकते।यह किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।’ एक साल पहले कोहली विवाद के घेरे में आ गए थे जब ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्मिथ पर डीआरएस के इस्तेमाल को लेकर परोक्ष रूप से उन्होंने धोखेबाजी का आरोप लगाया था। स्मिथ ने उस समय निर्देश के लिए ड्रेसिंग रूम की तरफ देखा था। इस वजह से दोनों टीमों के बीच काफी तनाव आ गया था। स्मिथ हालांकि उसके बाद गेंद से छेड़खानी मामले में एक साल के लिए प्रतिबंधित हो गए थे। कोहली ने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि उन हालात में वापसी कर रहे खिलाड़ी पर क्या गुजर रही होगी। ऐसे में उसका फायदा उठाना सही नहीं होता। इससे कुछ हासिल नहीं होना था। वह यह भी बताता है कि एक देश के रूप में हम कैसे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि आईसीसी ने इसे सराहा। मैं जब छोटा था तब वैश्विक स्तर पर सराहना चाहता था लेकिन अब मैं समझने लगा हूं कि यह आपके काम की सराहना है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसके पीछे नहीं भागता लेकिन यह ध्यान खींचने नहीं बल्कि सम्मान की बात है। जब क्रिकेट जगत आपका सम्मान करता है तो यह मेरे लिए आंकड़ों या प्रदर्शन या खेल जगत की किसी भी भौतिक चीज से बड़ी बात है।’

बुमराह के यॉर्कर और बाउंसर से हैरान हैं वॉर्नर January 14, 2020 at 10:50PM

मुंबईऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा कि वह यहां वनडे सीरीज के शुरुआती मैच में भारत के तेज गेंदबाज के यॉर्कर और बाउंसर से हैरान रह गए थे। वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ भारत की 10 विकेट की जीत में वॉर्नर 128 रन बनाकर नाबाद रहे थे, उन्होंने बुमराह की गेंदों का डटकर सामना किया। कप्तान आरोन फिंच ने भी नाबाद 110 रन की पारी खेली थी, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने काफी ओवर रहते जीत हासिल कर ली थी। यह पूछने पर कि बुमराह और चाइनामैन कुलदीप यादव की गेंदों का सामना करने के लिए उन्होंने कैसे तैयारी की , वॉर्नर ने कहा, ‘इसके लिए आपको अच्छी तरह सीधे खड़े रहना होता है। मैं नहीं सोच सकता कि ब्रेट ली जैसा गेंदबाज बाउंड्री से भागकर आते हुए अचानक से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने लगे, इसके लिए आपको आदी होने के लिए थोड़ा समय लगता है और बुमराह के पास यह कौशल है।’ उन्होंने कहा, ‘उनके (बुमराह) बाउंसर आपको हैरान करते हैं, उसके यॉर्कर भी आपको हैरान कर सकते हैं और फिर वह ‘चेंज-अप’ फेंकता है, जो बहुत मुश्किल है। यह उसी तरह है जैसे लसिथ मलिंगा शुरू में किया करता था, वह 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता था और उन्हें स्विंग कराता था।’ वॉर्नर ने कहा, ‘लेकिन आप जानते हो कि आपको यॉर्कर और बाउंसर का सामना करना होगा, लेकिन यह निर्भर करता है कि आप इनका सामना कैसे करते हो जो बहुत ही अलग हैं।’ कुलदीप की गेंदबाजी के बारे में उन्होंने स्वीकार किया कि इस चाइनामैन गेंदबाज की गेंदों को समझना मुश्किल था। उन्होंने कहा, ‘कुलदीप (यादव), उसकी गेंदबाजी में भी ‘चेंज-अप’ है। मुझे लगता है कि वह इन दिनों थोड़ा धीमी गेंदबाजी कर रहा है, वह राशिद खान से काफी अलग है जो 100 किमी प्रति रफ्तार से गेंदबाजी करता है। दूधिया रोशनी में मुझे लगता है कि बाएं हाथ के चाइनामैन का सामना करना बहुत मुश्किल होता है।’

अख्तर ने कहा, अपमानजनक हार भारत के लिए खतरे की घंटी, कोहली 28वें ओवर में नहीं आ सकते January 14, 2020 at 10:48PM

खेल डेस्क. पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में भारत की शर्मनाक हार उसके लिए खतरे की घंटी है। मैच की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा, विराट जैसे बल्लेबाज का 28वें ओवर में खेलने आना गलत है, उन्हें इससे पहले आना चाहिए। अख्तर के मुताबिक अगर भारत सीरीज में आगे भी इसी तरह खेला तो बहुत मुश्किल हो जाएगी। ये बातें उन्होंने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर शेयर किए ताजा वीडियो में कहीं।

अख्तर ने कहा, 'ये भारत के लिए शर्मनाक हार है और उसे इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। कोहली 28वें ओवर में नहीं आ सकते, उन्हें जल्दी उतरना होगा। भारत ने बिना कोई विकेट लिए रिकॉर्ड रन लुटाए। भारत की गेंदबाजी ने हाथ खड़े कर दिए और खूब बेइज्जती कराई। ये मैच मेजबान के लिए रिएलिटी चेक जैसा था।'

टॉस की महत्वपूर्ण भूमिका रही

आगे अख्तर ने कहा, 'टॉस बड़ा महत्वपूर्ण था, लेकिन टॉस मेजबान मैच भी हार गए। अगर ऑस्ट्रेलिया फिर टॉस जीता तो फिर यही रिजल्ट होगा। कहीं ये ना हो की भारत 0-3 से सीरीज हार जाए। ये काफी अपमानजनक होगा। वर्ल्ड की दो बेस्ट टीम खेल रही हैं, लेकिन भारत का आत्मविश्वास ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले बेहद कम है।'

भारत के लिए खतरे की घंटी

अख्तर के मुताबिक, 'ऑस्ट्रेलिया ने चमत्कार कर दिया, वो ऐसी टीम है जिसे देखना चाहिए। बुमराह और शमी के होते हुए भारतीय गेंदबाजी बेअसर रही, उनके स्पिनर रन नहीं दे रहे थे वहीं भारत के स्पिनर्स की खूब धुलाई हुई। ये भारत के लिए एक अपमानजनक हार है और अगर उसने इसी तरह खेलना जारी रखा तो उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी। लेकिन मुझे सचमुच लगता है कि भारत जबरदस्त वापसी करेगा और ये उसके लिए खतरे की घंटी है।'

10 विकेट से हुई थीभारत की हार

इससे पहले मंगलवार को मुंबई में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की टीम 49.1 ओवर में 255 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जवाब में मेहमान टीम ने 37.4 ओवर में बिना विकेट खोए विजयी लक्ष्य हासिल कर लिया। सीरीज का दूसरा मैच राजकोट में 17 जनवरी को खेला जाएगा।




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शोएब अख्तर।

इस काम से पहले वाइफ से पूछेंगे फिंच और वॉर्नर January 14, 2020 at 09:49PM

मुंबईवानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को 10 विकेट से हराते हुए 1-0 की बढ़त ले ली। जीत के बाद वॉर्नर से पूछा गया कि वर्ल्ड कप-2023 में भी वह फिंच के साथ ओपनिंग करेंगे? तो ने बड़ा ही रोचक जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'ऐसा करने से पहले हमें अपनी-अपनी पत्नियों से पूछना होगा। उस वक्त तक हम 36 या 37 के होंगे। मेरे पास 3 बच्चे हैं और समय के साथ आगे बढ़ना होगा। फिलहाल हम राजकोट वनडे के बारे में सोच रहे हैं। डेविड वॉर्नर और फिंच छाए बेजोड़ फॉर्म में चल रहे डेविड वॉर्नर ने मंगलवार को भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को 10 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई। डेविड वॉर्नर (नाबाद 128 रन, 112 गेंद, 17 चौके और 3 छक्के) के अलावा कप्तान (नाबाद 110 रन, 114 गेंद, 13 चौके और 2 छक्के) ने भी शतक जड़ा और ऑस्ट्रेलिया ने 256 रनों के लक्ष्य को एकतरफा बना दिया। उसने 74 गेंद शेष रहते हुए रेकॉर्ड 10 विकेट से रेकॉर्ड जीत दर्ज की। पढ़ें- फिंच को सराहा जीत के बाद उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर और कप्तान आरोन फिंच की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैदान पर जब वे दोनों ओपनिंग करने उतरते हैं तो लगातार एक-दूसरे की बैटिंग पर बात करते हैं। उन्होंने कहा, 'जब हम खेल रहे होते हैं तो एक-दूसरे की खामियां भी शेयर करते हैं। अगर वह अच्छे लय में हैं और शॉट्स खेल रहे हैं तो मुझे पता होता है कि मुझे क्या करना है।' रनों की भूख बरकरार वॉर्नर को उनकी नाबाद 128 रनों की पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। फिंच ने भी नाबाद 110 रन बनाए। पुरस्कर मिलने के बाद वॉर्नर ने कहा, ‘मेरे अंदर शुरू से ही रनों की भूख है। हमारे गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन कर भारत को 255 रनों पर रोक बड़ा काम किया। हम सिर्फ पावरप्ले को बचाना चाहते थे।' उन्होंने कहा, 'हमने अच्छी शुरुआत की और अंत अच्छा करने में सफल रहे। हमारी कोशिश स्ट्राइक रोटेट करने और बीच में मौका मिलने पर बाउंड्री लगाने की थी। हम जानते थे कि अगर हम आखिर तक टिके रहे तो मैच जीत जाएंगे।’