खेल डेस्क. तेज गेंदबाज दीपक चाहर चोट के चलते वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह नवदीप सैनी (27) को टीम में शामिल किया गया है। इससे पहले शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार भी चोट के चलते सीरीज से बाहर हो चुके हैं। धवन की जगह मयंक अग्रवाल और भुवनेश्वर की जगह शार्दुल ठाकुर को टीम में मौका मिला।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैच की सीरीज के दो मुकाबले हो चुके हैं। इसमें पहला मैच विंडीज ने 8 विकेट और दूसरा मुकाबला टीम इंडिया ने 107 रन से जीता। सीरीज 1-1 से बराबर है। आखिरी मुकाबला कटक में 22 दिसंबर को खेला जाएगा।
सैनी ने अब तक वनडे और टेस्ट नहीं खेला
दीपक को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में सिर्फ एक ही विकेट मिला था। जबकि दूसरे वनडे में कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, नवदीप ने अब तक वनडे और टेस्ट नहीं खेला है। उन्होंने पिछला टी-20 इसी साल 22 सितंबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। इस मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था। नवदीप ने 5 टी-20 में 6 विकेट लिए हैं।
नई दिल्लीसीनियर चयन समिति के अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद भारत के पूर्व तेज गेंदबाज ने दिल्ली जिला और क्रिकेट संघ पर जमकर भड़ास निकाली। 51 बरस के वासन को बुधवार को आनन फानन में बनाई गई क्रिकेट सलाहकार समिति ने पद से हटा दिया। उनकी जगह दिल्ली के पूर्व खिलाड़ी बंटू सिंह को नियुक्त किया गया है। यह कदम डीडीसीए के लोकपाल जस्टिस (रिटायर्ड) बादर दुरेज अहमद के उस निर्देश के खिलाफ है, जिसमें कहा गया था कि सत्र पूरा होने तक किसी चयनकर्ता को हटाया नहीं जा सकता। वासन ने ट्वीट किया, ‘दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रूक्स असोसिएशन’ ने फिर ऐसा किया। एक सांसद सारे नियमों को ताक पर रखकर यह कर रहा है। एक सत्र पहले मैंने जिस कठपुतली को बाहर किया , वह अपने आका के आदेश पर चयनकर्ताओं को हटा रहा है।’ संजय भारद्वाज द्वारा बुलाई गई बैठक में सीएसी के दो सदस्यों राबिन सिंह (जूनियर) और परविंदर अवाना ने भाग लिया। तीसरे सदस्य सुमित नरवाल इसमें मौजूद नहीं थे। वासन को अगस्त 2018 में सीनियर चयन समिति का प्रमुख बनाया गया था। दिल्ली 2017-18 में रणजी ट्रोफी में उपविजेता रही थी। वासन के अलावा विनीत जैन को भी पद से हटाया गया। बंटू सिंह के अलावा चैतन्य नंदा को नियुक्त किया गया है। सीएसी ने जूनियर चयन समिति पर भी बात की और अंशु दानी, करण दुबे और प्रदीप चावला के नाम पर मुहर लगाई।
खेल डेस्क. आईपीएल के 13वें सीजन यानी IPL 2020 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 19 दिसंबर (गुरुवार) को कोलकाता में होगी। इस दौरान 8 टीमों में अधिकतम 73 जगहों के लिए कुल 338 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। हर बार की तरह इस साल भी नीलामी के दौरान कई क्रिकेटरों की किस्मत खुलेगी और उन्हें उनके बेस प्राइज से कहीं ज्यादा कीमत पर खरीदा जाएगा। इनमें से कुछ क्रिकेटर तो करोड़पति भी बन जाएंगे। आईपीएल के इतिहास में अबतक हुई नीलामियों में सबसे मंहगे बिके क्रिकेटर की बात करें तो इस मामले में युवराज सिंह सबसे ऊपर हैं। वे पिछले 12 सीजन के दौरान सबसे महंगे बिके क्रिकेटर हैं।
साल 2015 में हुए आईपीएल के दौरान दिल्ली फ्रेंचाइजी ने उन्हें नीलामी में 16 करोड़ रुपए में खरीदा था। हालांकि इस सीजन में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। इस खबर में हम आपको पिछले 12 सीजन के लिए हुई खिलाड़ियों की नीलामी के दौरान सबसे महंगे बिके पांच क्रिकेटरों के बारे में ही बता रहे हैं।
1. युवराज सिंह (साल- 2015)
कीमत- 16 करोड़ रुपए
टीम- दिल्ली डेयरडेविल्स
प्रदर्शन- 14 मैचों में 19.07 की औसत से कुल 248 रन बनाए। इस सीजन के दौरान दिल्ली की टीम सातवें नंबर पर रही थी।
2. बेन स्टोक्स (साल 2017)
कीमत- 14.5 करोड़ रुपए
टीम- राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स
प्रदर्शन- 12 मैचों में 31.60 की औसत से कुल 316 रन बनाए थे। जिसमें एक शतक भी शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने 12 विकेट भी लिए थे। इस सीजन में पुणे की टीम उपविजेता थी।
3. युवराज सिंह (साल 2014)
कीमत- 14 करोड़ रुपए
टीम- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
प्रदर्शन- 14 मैचों में 34.18 की औसत से 376 रन बनाए। जिसमें तीन फिफ्टी भी शामिल हैं। इस सीजन में बेंगलुरु की टीम सातवें नंबर पर रही थी।
4. दिनेश कार्तिक (साल 2014)
कीमत- 12.5 करोड़ रुपए
टीम- दिल्ली डेयरडेविल्स
प्रदर्शन- दिल्ली की ओर से खेलते हुए इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 14 मैचों में 23.21 की औसत से कुल 325 रन बनाए थे। इस सीजन में दिल्ली की टीम आखिरी यानी आठवें नंबर पर रही थी।
5. बेन स्टोक्स (साल- 2018)
कीमत- 12.5 करोड़ रु
टीम- राजस्थान रॉयल्स
प्रदर्शन- इस सीजन में स्टोक्स ने कुल 13 मैचों में 16.33 की औसत से कुल 196 रन बनाए थे, साथ ही 8 विकेट भी लिए थे। उनकी टीम चौथी पोजिशन पर रही थी।
खेल डेस्क. आईपीएल के 13वें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी गुरुवार को कोलकाता में होगी। पहली बार नीलामी कोलकाता में होगी। इस दौरान 73 स्थानों के लिए 338 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। नीलामी से एक दिन पहले तक खिलाड़ियों की कुल संख्या 332 थी। अब लिस्ट में भारत के विनय कुमार, अशोक डिंडा, रॉबिन बिष्ट और संजय यादव को शामिल किया गया। वहीं, विदेशी खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू वेड और जैक वेदरलैंड का नाम जोड़ा गया।इस सीजन के लिए टीमों ने 35 विदेशी समेत 127 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। किंग्स इलेवन पंजाब के पास खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सबसे 42.70 करोड़ रुपए हैं। वहीं, मौजूदा चैम्पियन मुंबई इंडियंस के पास सबसे कम 13.05 करोड़ रुपए हैं।
मुंबई इंडियंस सबसे ज्यादा राशि खर्च करने के मामले में पहले स्थान पर है। उसने अब तक 71.95 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इस मामले में 70.40 करोड़ रुपए के साथ चेन्नई दूसरे नंबर पर है। हैदराबाद (68 करोड़) के साथ तीसरे नंबर पर है। नीलामी में इस टीम के पासखर्च करने के लिए 17 करोड़ रुपए होंगे।
यशस्वी और प्रियम सहित 4 युवा भारतीयों पर नजर
क्रिकेटर
टीम
प्रदर्शन
यशस्वी जायसवाल
मुंबई, भारत अंडर-19
विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 203 रन बनाए थे
प्रियम गर्ग
उत्तर प्रदेश, भारत अंडर-19
विजय हजारे ट्रॉफी में 10 मैच में 814 रन बनाए
आर साई किशोर
तमिलनाडु
सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में 12 मैच में 20 विकेट लिए
अभिमन्यु ईश्वरन
बंगाल
19 घरेलू टी-20 में 33.64 की औसत से 471 रन बनाए
नीलामी में पहली बार क्या?
पहली बार नीलामी सुबह की जगह दोपहर 3:30 बजे से होगी।
पहली बार अमेरिका और स्कॉटलैंड के खिलाड़ी नीलामी में शामिल होंगे।
अमेरिका के अली खान और स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुंसी पर बोली लग सकती है।
सबसे पहले बल्लेबाजों की बोली लगेगी
नीलामी के दिन फाइनल लिस्ट में शामिल 332 खिलाड़ियों को उनके रोल के हिसाब से बल्लेबाजों, गेंदबाजों, विकेटकीपर और ऑलराउंडर्स के अलग-अलग ग्रुप में रखा जाएगा। सबसे पहले बल्लेबाजों पर बोली लगेगी और नीलामीकर्ता खिलाड़ी का बेस प्राइस पुकारेगा। फिर फ्रेंचाइजी पैडल उठाकर बोली लगाना शुरू करेंगी। यह उस सूरत में बढ़ जाएगी जब एक से ज्यादा टीम खिलाड़ी पर बोली लगाएगी।
आखिर में जिस फ्रेंचाइजी ने सबसे बड़ी बोली लगाई होगी, खिलाड़ी उसका हो जाएगा। ऐसा खिलाड़ी ‘सोल्ड’श्रेणी में चला जाएगा और नीलामी खत्म होगी। खिलाड़ी उस सूरत में नहीं बिकेगा, जब किसी भी फ्रेंचाइजी ने उसके लिए बोली नहीं लगाई या नीलामीकर्ता को प्रक्रिया में किसी तरह गतिरोध लगता है।
बेंगलुरु के पास सबसे ज्यादा 12 जगह खाली
नीलामी के दौरान 4 टीमें ऐसी हैं, जो 10-10 खिलाड़ी खरीद सकती हैं। सबसे ज्यादा 12 खाली जगह बेंगलुरु के पास हैं। इसमें 6 विदेशी शामिल हैं। इसके बाद दिल्ली में 11 खिलाड़ियों की जगह खाली है। वह 5 विदेशियों को टीम में शामिल कर सकती है। कोलकाता (11), राजस्थान (11), पंजाब (9), हैदराबाद और मुंबई फ्रेंचाइजी में 7-7 जगह खाली हैं।
बेंगलुरु के पास सबसे 6 विदेशी खिलाड़ियों को खरीदने का मौका
फ्रेंचाइजी
खाली स्लॉट
विदेशी खिलाड़ी
बेंगलुरु
12
6
दिल्ली
11
5
कोलकाता
11
4
पंजाब
9
4
मुंबई
7
2
हैदराबाद
7
2
चेन्नई
5
2
उथप्पा सबसे ज्यादा बेस प्राइस पाने वाले भारतीय
2 करोड़ के टॉप बेस प्राइस में कोई भी भारतीय नहीं है। वहीं, 1.5 करोड़ के बेस प्राइस में रॉबिन उथप्पा इकलौते भारतीय हैं। 1 करोड़ की लिस्ट में पीयूष चावला, यूसुफ पठान और जयदेव उनादकट शामिल हैं। उनादकट पिछले सीजन में 8.4 करोड़ में बिके थे, तब उनका बेस प्राइस 1.5 करोड़ था।